विंबलडन सेमीफाइनल में सिनर से हारे जोकोविच, बोले — 'कम से कम एक बार और लौटूँगा'
सारांश
मुख्य बातें
नोवाक जोकोविच को विंबलडन 2025 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में 11 जुलाई को विश्व के नंबर एक खिलाड़ी जैनिक सिनर के हाथों सीधे सेटों में हार झेलनी पड़ी। लेकिन 39 वर्षीय सर्बियाई दिग्गज ने संन्यास की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वह विंबलडन में कम से कम एक बार और उतरने का इरादा रखते हैं।
मैच का घटनाक्रम
सिनर ने 6-4, 6-4, 6-4 के स्कोर से यह मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह पक्की की। पूरे मैच में इटालियन खिलाड़ी का दबदबा रहा और जोकोविच को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। जोकोविच का 39वीं बार ग्रैंड स्लैम सिंगल्स फाइनल में पहुँचने का सपना इस बार अधूरा रह गया। मैच के बाद जब वह सेंटर कोर्ट से बाहर निकले, तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से उनका सम्मान किया।
जोकोविच की प्रतिक्रिया
हार के बाद जोकोविच ने कहा, 'मैं कम से कम एक बार और विंबलडन में खेलना चाहता हूँ। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा।' उन्होंने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सके, लेकिन साथ ही सिनर की तारीफ भी की। जोकोविच ने कहा, 'आज मैं अपने मनचाहे स्तर का खेल नहीं दिखा पाया। इसका थोड़ा अफसोस रहेगा, लेकिन अब आगे बढ़ने का समय है।'
उन्होंने यह भी जोड़ा, 'मैं निश्चित रूप से निराश हूँ क्योंकि मैं यह टूर्नामेंट जीतना चाहता था। यही कारण है कि मैं खुद को लगातार बेहतर बनाने के लिए मेहनत करता हूँ।'
टूर्नामेंट के सकारात्मक पहलू
जोकोविच ने इस विंबलडन में अपने प्रदर्शन के उजले पहलुओं का भी ज़िक्र किया। उन्होंने खासतौर पर क्वार्टर फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ मिली जीत को रेखांकित किया और कहा कि उस मुकाबले ने साबित किया कि वह आज भी शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे अपने प्रदर्शन पर गर्व है। मैंने खुद को और बाकी लोगों को दिखाया कि मैं अब भी सबसे ऊँचे स्तर पर खेल सकता हूँ।'
25वें ग्रैंड स्लैम का लक्ष्य
24 ग्रैंड स्लैम खिताबों के मालिक जोकोविच का आखिरी बड़ा खिताब पिछले साल यूएस ओपन में आया था। अब उनकी नज़र इस साल के यूएस ओपन पर है, जहाँ वह रिकॉर्ड 25वाँ ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की कोशिश करेंगे। यह उपलब्धि उन्हें सर्वाधिक ग्रैंड स्लैम जीतने के मामले में मार्गरेट कोर्ट से आगे ले जाएगी। जोकोविच ने स्पष्ट किया कि वह किसी दबाव में नहीं, बल्कि टेनिस के प्रति अपने प्रेम के कारण कोर्ट पर उतरते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझ पर खेलने का कोई दबाव नहीं है। मैं इसलिए खेलता हूँ क्योंकि मैं खेलना चाहता हूँ। मुझे विश्वास है कि मैं आज भी दुनिया के टॉप-5 खिलाड़ियों के स्तर का टेनिस खेल सकता हूँ।' यूएस ओपन में उनका प्रदर्शन बताएगा कि क्या यह आत्मविश्वास मैदान पर भी उतरता है।