फीफा वर्ल्ड कप 2026: डीआर कांगो ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया, 52 साल बाद जीत और पहली बार नॉकआउट में एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में डीआर कांगो ने 28 जून को अटलांटा में इतिहास रच दिया — उज्बेकिस्तान को 3-1 से शिकस्त देकर टीम ने विश्व कप में 52 साल बाद अपनी पहली जीत दर्ज की और पहली बार नॉकआउट स्टेज में जगह पक्की की। योएन विसा के दो गोल और फिस्टन मेयेले के एक गोल ने यह ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की।
मैच का शुरुआती घटनाक्रम
अटलांटा स्टेडियम में मैच की शुरुआत उज्बेकिस्तान ने आक्रामक तेवर के साथ की। खेल के महज 20 सेकंड के भीतर उन्होंने पहला मौका बनाया, लेकिन ऑफसाइड के कारण वह बढ़त नहीं मिल सकी। इसके बाद 10वें मिनट में एल्डोर शोमुरोदोव ने टाइट एंगल से शानदार फिनिश करते हुए उज्बेकिस्तान को 1-0 की बढ़त दिला दी।
पहले हाफ में डीआर कांगो की ओर से नाथनेल म्बुकू का एक अच्छा प्रयास फाउल के कारण मान्य नहीं हुआ। पहला हाफ उज्बेकिस्तान की 1-0 की बढ़त के साथ समाप्त हुआ।
दूसरे हाफ में डीआर कांगो की वापसी
दूसरे हाफ में उज्बेकिस्तान ने बढ़त बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन शोमुरोदोव का दूसरा प्रयास गोल पोस्ट से बाहर चला गया। इसके बाद डीआर कांगो ने मैच पर धीरे-धीरे पकड़ बनाना शुरू किया।
68वें मिनट में डीआर कांगो को पेनल्टी मिली, जिसे योएन विसा ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया। फिर 78वें मिनट में मेस्चैक एलिया के शॉट के बाद फिस्टन मेयेले ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में डाल दिया और डीआर कांगो को 2-1 की बढ़त मिल गई।
इंजरी टाइम में विसा का दूसरा गोल
इंजरी टाइम में योएन विसा ने बॉक्स के पास से एक और शानदार गोल दागा — यह उनका मैच में दूसरा गोल था। इस गोल ने स्कोर 3-1 कर दिया और डीआर कांगो की ऐतिहासिक जीत को मुहर लगा दी।
इस हार के साथ उज्बेकिस्तान ग्रुप में सबसे निचले पायदान पर रहते हुए टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
आगे क्या: इंग्लैंड से होगी टक्कर
ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट स्टेज के लिए क्वालिफाई करने वाले डीआर कांगो का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 32 में 1 जुलाई को अटलांटा में इंग्लैंड से होगा। यह मुकाबला डीआर कांगो के लिए एक और ऐतिहासिक परीक्षा होगी।