फीफा वर्ल्ड कप 2026: प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच देसाब्रे को मिली पिता के निधन की खबर, इंग्लैंड से हार का दोहरा दर्द
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में डीआर कांगो के हेड कोच सेबेस्टियन देसाब्रे के लिए 2 जुलाई 2026 की शाम दोहरे दुख में बदल गई। अटलांटा में इंग्लैंड के खिलाफ राउंड ऑफ 32 में 2-1 से मिली हार के कुछ ही घंटों बाद, मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्हें अपने पिता के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद पूरा माहौल भावुक हो उठा और प्रेस कॉन्फ्रेंस तत्काल समाप्त कर दी गई।
मैच का घटनाक्रम
नॉकआउट मुकाबले में डीआर कांगो ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल खेली। मैच के सातवें मिनट में ब्रायन सिपेंगा ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल दागते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने पहले बराबरी का गोल किया और फिर निर्णायक गोल कर अपनी टीम को 2-1 की जीत दिलाई। इस हार के साथ डीआर कांगो का ऐतिहासिक विश्व कप सफर राउंड ऑफ 32 में थम गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक पल
मैच के बाद जब कोच देसाब्रे पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी एक अधिकारी ने फ्रेंच भाषा में उनके पिता के निधन की सूचना दी। यह खबर सुनते ही पूरे कमरे का माहौल बदल गया। अधिकारी ने संवेदना व्यक्त करते हुए घोषणा की कि प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त की जा रही है। शुरुआत में देसाब्रे को इस खबर पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन कुछ क्षणों बाद उन्होंने धीरे से धन्यवाद कहा और तुरंत कमरे से बाहर चले गए।
डीआर कांगो का ऐतिहासिक प्रदर्शन
यह टूर्नामेंट डीआर कांगो के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। 1974 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने वाली इस टीम ने ग्रुप चरण में उज्बेकिस्तान को हराकर नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई और दुनिया को चौंका दिया। यह ऐसे समय में आया जब अफ्रीकी फुटबॉल की साख वैश्विक मंच पर लगातार बढ़ रही है।
कोच देसाब्रे के अंतिम शब्द
पिता के निधन की खबर मिलने से पहले देसाब्रे ने कहा था कि टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन अनुभव की कमी स्पष्ट दिखी। उन्होंने कहा, 'हम निराश हैं क्योंकि हमें भरोसा था कि हम आगे जा सकते हैं। हमने अच्छा खेला लेकिन दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक ने मौके का फायदा उठाया। हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व है।' उन्होंने यह भी कहा कि डीआर कांगो में फुटबॉल लगातार सुधार की राह पर है और यह अनुभव भविष्य में टीम को और मजबूत बनाएगा।
आगे की राह
इस टूर्नामेंट में डीआर कांगो ने जो छाप छोड़ी है, वह आने वाले वर्षों में अफ्रीकी फुटबॉल की नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी। देसाब्रे के नेतृत्व में टीम ने साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद विश्व मंच पर प्रतिस्पर्धा की जा सकती है। एक कठिन व्यक्तिगत रात के बाद, उनका और टीम का भविष्य दोनों उम्मीद से भरा है।