2 जुलाई 2026
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फीफा वर्ल्ड कप 2026: प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच देसाब्रे को मिली पिता के निधन की खबर, इंग्लैंड से हार का दोहरा दर्द

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फीफा वर्ल्ड कप 2026: प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच देसाब्रे को मिली पिता के निधन की खबर, इंग्लैंड से हार का दोहरा दर्द

सारांश

मैदान पर हार, और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिता के निधन की खबर — डीआर कांगो के कोच सेबेस्टियन देसाब्रे के लिए 2 जुलाई 2026 की शाम दोहरे दर्द में बदल गई। फिर भी, 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेलने वाली उनकी टीम ने इतिहास रच दिया।

मुख्य बातें

डीआर कांगो के कोच सेबेस्टियन देसाब्रे को 2 जुलाई 2026 को मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिता के निधन की सूचना मिली।
इंग्लैंड ने राउंड ऑफ 32 में डीआर कांगो को 2-1 से हराया; हैरी केन ने दोनों गोल किए।
ब्रायन सिपेंगा ने मैच के सातवें मिनट में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल कर कांगो को 1-0 की बढ़त दिलाई थी।
डीआर कांगो ने 1974 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप में भाग लिया और नॉकआउट चरण तक पहुँचकर इतिहास रचा।
खबर मिलते ही देसाब्रे ने धन्यवाद कहा और प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम से बाहर चले गए; बातचीत तत्काल समाप्त की गई।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में डीआर कांगो के हेड कोच सेबेस्टियन देसाब्रे के लिए 2 जुलाई 2026 की शाम दोहरे दुख में बदल गई। अटलांटा में इंग्लैंड के खिलाफ राउंड ऑफ 32 में 2-1 से मिली हार के कुछ ही घंटों बाद, मैच के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्हें अपने पिता के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद पूरा माहौल भावुक हो उठा और प्रेस कॉन्फ्रेंस तत्काल समाप्त कर दी गई।

मैच का घटनाक्रम

नॉकआउट मुकाबले में डीआर कांगो ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल खेली। मैच के सातवें मिनट में ब्रायन सिपेंगा ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल दागते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने पहले बराबरी का गोल किया और फिर निर्णायक गोल कर अपनी टीम को 2-1 की जीत दिलाई। इस हार के साथ डीआर कांगो का ऐतिहासिक विश्व कप सफर राउंड ऑफ 32 में थम गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक पल

मैच के बाद जब कोच देसाब्रे पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी एक अधिकारी ने फ्रेंच भाषा में उनके पिता के निधन की सूचना दी। यह खबर सुनते ही पूरे कमरे का माहौल बदल गया। अधिकारी ने संवेदना व्यक्त करते हुए घोषणा की कि प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त की जा रही है। शुरुआत में देसाब्रे को इस खबर पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन कुछ क्षणों बाद उन्होंने धीरे से धन्यवाद कहा और तुरंत कमरे से बाहर चले गए।

डीआर कांगो का ऐतिहासिक प्रदर्शन

यह टूर्नामेंट डीआर कांगो के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। 1974 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने वाली इस टीम ने ग्रुप चरण में उज्बेकिस्तान को हराकर नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई और दुनिया को चौंका दिया। यह ऐसे समय में आया जब अफ्रीकी फुटबॉल की साख वैश्विक मंच पर लगातार बढ़ रही है।

कोच देसाब्रे के अंतिम शब्द

पिता के निधन की खबर मिलने से पहले देसाब्रे ने कहा था कि टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन अनुभव की कमी स्पष्ट दिखी। उन्होंने कहा, 'हम निराश हैं क्योंकि हमें भरोसा था कि हम आगे जा सकते हैं। हमने अच्छा खेला लेकिन दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक ने मौके का फायदा उठाया। हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व है।' उन्होंने यह भी कहा कि डीआर कांगो में फुटबॉल लगातार सुधार की राह पर है और यह अनुभव भविष्य में टीम को और मजबूत बनाएगा।

आगे की राह

इस टूर्नामेंट में डीआर कांगो ने जो छाप छोड़ी है, वह आने वाले वर्षों में अफ्रीकी फुटबॉल की नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी। देसाब्रे के नेतृत्व में टीम ने साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद विश्व मंच पर प्रतिस्पर्धा की जा सकती है। एक कठिन व्यक्तिगत रात के बाद, उनका और टीम का भविष्य दोनों उम्मीद से भरा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि डीआर कांगो का यह सफर महज एक टूर्नामेंट नहीं था — यह 52 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिला मंच था। देसाब्रे ने सीमित संसाधनों और वैश्विक असमानता के बावजूद टीम को नॉकआउट तक पहुँचाया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। अब सवाल यह है कि क्या यह प्रदर्शन डीआर कांगो में फुटबॉल के ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश को प्रेरित करेगा, या यह भी एक भावनात्मक पल बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोच देसाब्रे को पिता के निधन की खबर कब और कैसे मिली?
2 जुलाई 2026 को अटलांटा में इंग्लैंड से हार के बाद हो रही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अधिकारी ने फ्रेंच भाषा में देसाब्रे को उनके पिता के निधन की सूचना दी। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस तत्काल समाप्त कर दी गई।
इंग्लैंड बनाम डीआर कांगो मैच का परिणाम क्या रहा?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में इंग्लैंड ने डीआर कांगो को 2-1 से हराया। कांगो ने सातवें मिनट में ब्रायन सिपेंगा के गोल से बढ़त ली थी, लेकिन हैरी केन ने दो गोल कर इंग्लैंड को जीत दिलाई।
डीआर कांगो का फीफा वर्ल्ड कप 2026 में प्रदर्शन ऐतिहासिक क्यों माना जा रहा है?
1974 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने वाली डीआर कांगो की टीम ने ग्रुप चरण में उज्बेकिस्तान को हराकर नॉकआउट स्टेज तक का सफर तय किया। 52 वर्षों के अंतराल के बाद वर्ल्ड कप में वापसी और नॉकआउट चरण तक पहुँचना इस टीम की बड़ी उपलब्धि है।
ब्रायन सिपेंगा कौन हैं?
ब्रायन सिपेंगा डीआर कांगो के फुटबॉलर हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मैच के सातवें मिनट में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल दागा और टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई।
कोच देसाब्रे ने हार के बाद टीम के भविष्य पर क्या कहा?
देसाब्रे ने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरी मेहनत की लेकिन अनुभव की कमी दिखी। उन्होंने कहा कि डीआर कांगो में फुटबॉल लगातार सुधार की राह पर है और इस स्तर के मैच खेलकर खिलाड़ी और बेहतर बनेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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