दलीप ट्रॉफी फाइनल: पडिक्कल और सिराज साउथ जोन से, 6 सितंबर से ईस्ट जोन से भिड़ंत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टेस्ट टीम के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के लिए साउथ जोन के स्क्वॉड में शामिल किया गया है। 6 सितंबर से शुरू होने वाले इस खिताबी मुकाबले में साउथ जोन का सामना ईस्ट जोन से होगा। दोनों अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मौजूदगी इस घरेलू फाइनल को और प्रतिष्ठित बनाती है।
श्रीलंका सीरीज के बाद सीधे फाइनल में
पडिक्कल और सिराज हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जिसे भारत ने 1-0 से जीता था। उस सीरीज में पडिक्कल का प्रदर्शन असाधारण रहा — उन्होंने 2 टेस्ट मैचों में 328 रन बनाए और दोनों ही मुकाबलों में शतकीय पारियाँ खेलीं। उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब भी मिला। सिराज ने उसी सीरीज में 4 विकेट लेकर अपना योगदान दिया।
टीम में किसकी जगह — अभी स्पष्ट नहीं
यह स्पष्ट नहीं है कि पडिक्कल और सिराज को साउथ जोन के स्क्वॉड में किन खिलाड़ियों की जगह शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा भी नियमित रूप से भारत की टी20 टीम का हिस्सा हैं, और इनके फाइनल में खेलने की भी संभावना बताई जा रही है।
शेड्यूल की चुनौती — फाइनल और टी20 सीरीज के बीच तीन दिन
यह फाइनल 10 सितंबर को समाप्त होगा, जबकि भारत की अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मैच सिर्फ तीन दिन बाद 13 सितंबर को निर्धारित है। इस तंग शेड्यूल के बावजूद, खिलाड़ियों के फाइनल में उतरने की उम्मीद जताई जा रही है।
तिलक वर्मा की इच्छाशक्ति और कप्तानी भूमिका
तिलक वर्मा ने नॉर्थ जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में साउथ जोन के लिए शानदार शतक जड़ा था और टीम की कप्तानी भी संभाली थी। उन्होंने गुरुवार को साफ कहा, "मैं दलीप ट्रॉफी का फाइनल खेलना चाहता हूं। अभी हमारा मैच खत्म हुआ है और अफगानिस्तान के खिलाफ पहला टी20 मैच 13 सितंबर को है। इसी कारण मेरे पास फाइनल खेलने का समय है। फाइनल के बाद हमारे पास दो दिन का ब्रेक भी रहेगा। अगर मैं 11 सितंबर को टीम से जुड़ता हूं, तो एक दिन अभ्यास कर सकता हूं और फिर मैच खेलने के लिए तैयार रहूंगा।" वहीं, ईशान किशन ईस्ट जोन की कप्तानी करते नजर आए, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन के उपकप्तान की भूमिका निभाई। फाइनल में दोनों जोन के स्टार खिलाड़ियों की उपस्थिति इस घरेलू टूर्नामेंट को राष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनाती है।