राष्ट्रीय खेल दिवस 2026: मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती पर 'एक घंटा खेल के मैदान में' पहल का देशव्यापी आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 29 अगस्त 2026 को हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस वर्ष उत्सव की धुरी रही 'एक घंटा खेल के मैदान में' पहल, जिसके तहत नागरिकों — विशेषकर युवाओं — को प्रतिदिन कम-से-कम एक घंटा खेल और शारीरिक गतिविधियों को समर्पित करने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:00 बजे दोनों मंत्रियों द्वारा मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माला अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। इसके बाद सैकड़ों प्रतिभागियों ने क्रिकेट, फुटबॉल और रस्साकशी सहित विभिन्न खेल एवं फिटनेस गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. मांडविया के नेतृत्व में मंत्रालय इलेवन — जिसमें खेल विभाग के सचिव हरि रंजन राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे — ने क्रिकेट मैच में मीडिया इलेवन को पराजित किया। इन्फ्लुएंसर्स इलेवन में फिट इंडिया एंबेसडर और प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल रहे।
मंत्री मांडविया का संदेश
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि 'एक घंटा खेल के मैदान में' पहल का उद्देश्य फिट इंडिया मूवमेंट को और सुदृढ़ करना तथा खेल को लोगों की दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना है। उन्होंने कहा, 'मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती पर, जिसे नेशनल स्पोर्ट्स डे के तौर पर मनाया जाता है, फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए देश भर में 'एक घंटा खेल के मैदान में' प्रोग्राम आयोजित किया गया है।' उन्होंने यह भी कहा, 'देश भर के लाखों युवा हर गली, हर मैदान में एक घंटे खेलने के लिए सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। नए भारत के निर्माण के लिए हमें यह सोचना होगा कि हर कोई फिट हो, समाज स्वस्थ हो — यही हमें एक समृद्ध राष्ट्र बनने में मदद करेगा।'
मंत्री मेघवाल की अपील
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने देशवासियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित खेल को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, 'खेल हमेशा से मेरी जिंदगी का हिस्सा रहे हैं — कबड्डी और फुटबॉल से लेकर लगभग हर दिन बैडमिंटन खेलने तक। मेरा पर्सनल लक्ष्य है — सुबह संगीत और शाम को खेल।' उन्होंने कहा कि यह पहल 'हम फिट तो इंडिया फिट' के संकल्प को बल देती है और एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आम जनता पर असर
यह पहल केवल एक दिवसीय आयोजन तक सीमित नहीं है — इसका उद्देश्य खेल को सामाजिक आदत के रूप में स्थापित करना है। गौरतलब है कि फिट इंडिया मूवमेंट 2019 से सक्रिय है, और 'एक घंटा खेल के मैदान में' इसी व्यापक अभियान का नवीनतम विस्तार है। विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में युवाओं में स्क्रीन-टाइम बढ़ने की प्रवृत्ति को देखते हुए ऐसी पहलें सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए प्रासंगिक हैं।
क्या होगा आगे
मंत्रालय ने संकेत दिया है कि 'एक घंटा खेल के मैदान में' पहल को वर्षभर जारी रखा जाएगा और इसे स्कूलों, कॉलेजों एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से और व्यापक बनाया जाएगा। राष्ट्रीय खेल दिवस का यह आयोजन भारत की खेल संस्कृति को जमीनी स्तर तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।