फीफा ने बालोगुन का एक मैच का बैन हटाया, बेल्जियम के खिलाफ खेलेंगे अमेरिकी स्ट्राइकर
सारांश
मुख्य बातें
फीफा ने फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के स्वचालित बैन को 6 जुलाई 2026 को निलंबित कर दिया, जिससे अमेरिका के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी अब फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम के खिलाफ मैदान पर उतर सकेंगे। यह फैसला फीफा अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 27 के तहत लिया गया है, जो अनुशासन समिति को किसी सजा को अस्थायी रूप से टालने का अधिकार देता है।
मामले की पृष्ठभूमि
राउंड ऑफ 32 के मैच में अमेरिका ने बोस्निया-हर्जेगोविना को हराया था। उसी मुकाबले में बालोगुन ने बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहरेमोविक पर फाउल किया, जिसके बाद उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया था। रेड कार्ड के नियमानुसार उन पर अगले मैच का स्वचालित बैन लागू हो गया था।
फीफा का फैसला और आर्टिकल 27
अमेरिका मेंस नेशनल टीम ने बताया कि फीफा ने अपने अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 27 का उपयोग करते हुए यह बैन एक वर्ष के प्रोबेशन पीरियड के लिए निलंबित कर दिया है। टीम के आधिकारिक बयान के अनुसार, "मैच सस्पेंशन को एक साल के प्रोबेशन पीरियड के लिए सस्पेंड किया जाता है। अगर फोलारिन बालोगुन प्रोबेशन पीरियड के दौरान इसी तरह और गंभीरता का कोई और उल्लंघन करते हैं, तो सस्पेंशन रद्द कर दिया जाएगा और नए उल्लंघन के लिए लगाए गए किसी भी अतिरिक्त जुर्माने पर बिना किसी नुकसान के सजा लागू की जाएगी।"
बेल्जियम की आपत्ति
रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन (RBFA) ने फीफा के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि यह निर्णय फीफा के अपने नियमों से टकराता है। RBFA के अनुसार, फीफा अनुशासनात्मक संहिता के आर्टिकल 66.4 में स्पष्ट लिखा है कि रेड कार्ड पाने वाला खिलाड़ी स्वतः अगले मैच से बाहर हो जाता है — इस पर किसी अलग निर्णय की आवश्यकता नहीं होती।
इसके अतिरिक्त, विश्व कप 2026 की प्रतियोगिता नियमों के आर्टिकल 10.5 में भी यही प्रावधान है। बेल्जियम ने यह भी बताया कि 12 मई 2026 को जारी एक सर्कुलर में सभी भाग लेने वाली टीमों को इस नियम की पुष्टि की गई थी।
आगे क्या होगा
RBFA ने कहा है कि वह इस मामले में अपने सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। संघ का तर्क है कि फीफा विश्व कप और आगामी टूर्नामेंटों में सभी टीमों के अधिकारों की रक्षा और खेल में निष्पक्षता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। यह विवाद राउंड ऑफ 16 से पहले फीफा की अनुशासनात्मक प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।