फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो ने रबात में बुलाई संकटकालीन बैठक, FFE विवाद के बाद समर्थन खोने का संकट
सारांश
मुख्य बातें
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को मोरक्को की राजधानी रबात में संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संकटकालीन बैठक बुलाई है। यह बैठक उनकी महत्वाकांक्षी लेकिन विवादास्पद 'फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज़' (FFE) योजना को भारी विरोध के बाद वापस लेने और कई प्रमुख फुटबॉल संघों द्वारा समर्थन वापसी की पृष्ठभूमि में बुलाई गई है।
क्या थी विवादित FFE योजना
फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज़ (FFE) एक प्रस्तावित कमर्शियल सहायक कंपनी थी, जिसका उद्देश्य फीफा वर्ल्ड कप सहित प्रमुख टूर्नामेंट्स के व्यावसायिक और परिचालन अधिकारों का प्रबंधन करना था। इस ढाँचे में निजी निवेशकों को इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देने का प्रावधान भी था — एक ऐसा कदम जिसे आलोचकों ने फुटबॉल की विश्व शासी संस्था की स्वायत्तता के लिए खतरा बताया।
किस-किस ने किया विरोध
इस प्रस्ताव का विरोध फीफा के भीतर और बाहर, दोनों जगहों से हुआ। यूईएफए (UEFA), कॉनकाकैफ (CONCACAF), एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (AFC) और कई राष्ट्रीय संघों ने इसका खुलकर विरोध किया। यूईएफए ने तो इस प्रस्ताव के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की धमकी तक दे दी थी। दबाव इतना तीव्र था कि इन्फेंटिनो को अंततः FFE योजना वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा।
वेंगर का रुख और भूमिका का खंडन
फीफा के ग्लोबल फुटबॉल डेवलपमेंट प्रमुख आर्सेन वेंगर ने FFE प्रस्ताव वापस लेने के निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को छोड़ना 'आवश्यक और निर्विवाद' था और उन्होंने एक स्वतंत्र एवं पारदर्शी विश्व शासी निकाय में अपना विश्वास पुनः व्यक्त किया। साथ ही वेंगर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक प्रस्ताव में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
इन्फेंटिनो के पुनर्चुनाव पर मंडराया संकट
फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ वेल्स (FAW) पहला फुटबॉल संघ बन गया है जिसने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि वह '2027-2031 कार्यकाल के लिए फीफा अध्यक्ष पद हेतु मिस्टर जियानी इन्फेंटिनो की उम्मीदवारी से अपना समर्थन वापस ले रहा है।' इसके अतिरिक्त, फुटबॉल एसोसिएशन (FA) भी इन्फेंटिनो से अपना समर्थन वापस लेने की तैयारी में बताई जा रही है।
इन्फेंटिनो अगले वर्ष मार्च में अध्यक्ष पद के लिए अपने अंतिम कार्यकाल हेतु चुनाव लड़ने वाले हैं। जीत के लिए उन्हें फीफा के 211 सदस्य संघों में से कम-से-कम 106 वोट हासिल करने होंगे। समर्थन की यह सार्वजनिक वापसी उनकी चुनावी राह को जटिल बना सकती है।
आगे क्या होगा
रबात में होने वाली यह बैठक फीफा के भीतर बढ़ते असंतोष को शांत करने और संस्था की साख बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब फुटबॉल की वैश्विक शासन संरचना पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। FFE विवाद का परिणाम और आगामी महीनों में इन्फेंटिनो कितना समर्थन बटोर पाते हैं — यह फीफा के भविष्य की दिशा तय करेगा।