फीफा का FFE प्रस्ताव रद्द: रियल मैड्रिड बोला, 'वर्ल्ड कप फैंस की विरासत है, निवेशकों की संपत्ति नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
रियल मैड्रिड ने 2 अगस्त को फीफा के विवादित 'फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज' (FFE) प्रस्ताव को वापस लेने के फैसले का खुलकर स्वागत किया और स्पष्ट किया कि फीफा वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के व्यावसायिक अधिकारों को कभी भी महज एक वित्तीय संपत्ति नहीं समझा जाना चाहिए। स्पेनिश क्लब ने इसे फुटबॉल, उसकी शासकीय संस्थाओं और दुनिया भर के करोड़ों फैंस के हित में लिया गया एक सही निर्णय बताया।
क्या था FFE प्रस्ताव
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो द्वारा प्रस्तावित FFE योजना के तहत फीफा के प्रमुख टूर्नामेंट्स — विशेष रूप से वर्ल्ड कप — के व्यावसायिक अधिकारों के प्रबंधन हेतु एक अलग व्यावसायिक सहायक कंपनी बनाई जानी थी। इसके साथ ही बाहरी निवेशकों को उसमें इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दिए जाने का प्रावधान था।
UEFA, CONCACAF, एशियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन (AFC) और अन्य महाद्वीपीय संघों के कड़े विरोध के बाद इन्फेंटिनो ने यह प्रस्ताव वापस ले लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि इस प्रस्ताव ने विश्व फुटबॉल में मतभेद पैदा कर दिए थे और फीफा की प्राथमिकता खेल को एकजुट रखना तथा अपने सदस्य संघों का समर्थन करना है।
रियल मैड्रिड का आधिकारिक रुख
क्लब ने रविवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा, 'रियल मैड्रिड CF अपने टूर्नामेंट के व्यावसायिक अधिकारों की आंशिक बिक्री के प्रस्ताव को छोड़ने के फीफा के फैसले का दिल से स्वागत करता है। हमारा क्लब मानता है कि यह फुटबॉल, इसकी गवर्निंग बॉडीज और सबसे बढ़कर, हमारे पसंदीदा खेल के लाखों फैंस के लिए अच्छी खबर है।'
क्लब ने UEFA, महाद्वीपीय कॉन्फेडरेशन, राष्ट्रीय फेडरेशन और उन तमाम संस्थाओं का आभार जताया जिन्होंने मजबूती और जिम्मेदारी के साथ इस प्रस्ताव का विरोध किया। बयान में कहा गया, 'उनकी एकता और कर्तव्य की भावना ने एक अहम मोड़ पर फुटबॉल की रक्षा की है।'
क्लबों की भूमिका और वित्तीय जिम्मेदारी
रियल मैड्रिड ने तर्क दिया कि क्लब ही राष्ट्रीय टीमों के लिए खिलाड़ियों की पहचान करते हैं, उन्हें तैयार करते हैं और अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के लिए रिलीज करते हैं — यानी वे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की रीढ़ हैं। इसलिए खेल के व्यावसायिक भविष्य को प्रभावित करने वाले निर्णयों में उनकी भागीदारी अनिवार्य है।
क्लब ने उन पहलों को सिरे से खारिज किया जो क्लबों द्वारा वहन किए जाने वाले वित्तीय जोखिम को साझा किए बिना भविष्य की व्यावसायिक कमाई हड़पना चाहती हों। बयान में स्पष्ट कहा गया, 'कोई भी ऐसी पहल जो फुटबॉल की भविष्य की कमाई तो लेना चाहती है लेकिन उन जिम्मेदारियों को नहीं उठाती जिनसे वह कमाई होती है — वह मंजूर नहीं है और उस पर कभी दोबारा विचार नहीं किया जाना चाहिए।'
ला लीगा-CVC विवाद से जुड़ा संदर्भ
गौरतलब है कि रियल मैड्रिड पहले भी निवेश फंड CVC के साथ ला लीगा के समझौते का विरोध कर चुका है। क्लब का मानना है कि दशकों तक भविष्य की ब्रॉडकास्टिंग कमाई को गिरवी रखना फुटबॉल के लिए एक खतरनाक मिसाल है। FFE प्रस्ताव का विरोध उसी दीर्घकालिक रुख की अगली कड़ी था।
आगे की राह
FFE प्रस्ताव के वापस लिए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि फीफा अपने राजस्व विस्तार के लिए कौन-सा वैकल्पिक ढाँचा अपनाता है। रियल मैड्रिड ने संकेत दिया है कि वह किसी भी ऐसे भविष्य के प्रस्ताव की निगरानी करता रहेगा जो फुटबॉल की सार्वजनिक विरासत को व्यावसायिक हितों के अधीन करने की कोशिश करे।