11 अगस्त 2026
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ट्रंप ने इन्फेंटिनो का किया बचाव: 'फीफा अध्यक्ष को हटाना होगी बड़ी भूल'

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ट्रंप ने इन्फेंटिनो का किया बचाव: 'फीफा अध्यक्ष को हटाना होगी बड़ी भूल'

सारांश

डोनाल्ड ट्रंप का फीफा विवाद में कूदना महज एक बयान नहीं — यह इन्फेंटिनो-विरोधी यूरोपीय मोर्चे को सीधी चुनौती है। एक तरफ यूईएफए, एएफसी और कोनकाकाफ की स्वतंत्र जाँच की माँग, दूसरी तरफ सीएएफ के 54 देशों और ट्रंप का समर्थन — फीफा की राजनीति अब फुटबॉल मैदान से बाहर निकल चुकी है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अगस्त को जियानी इन्फेंटिनो का खुला समर्थन करते हुए उन्हें हटाने को 'बड़ी गलती' बताया।
यूईएफए, एएफसी और कोनकाकाफ ने संयुक्त खुले पत्र में इन्फेंटिनो पर 'धोखे' का आरोप लगाया और स्वतंत्र जाँच की माँग की।
विवाद की जड़ में वर्ल्ड कप के कमर्शियल राइट्स का 20% प्राइवेट निवेशकों को बेचकर 4.2 बिलियन डॉलर जुटाने का वापस लिया गया प्रस्ताव है।
सीएएफ के 54 सदस्य देशों और कई दक्षिण अमेरिकी देशों ने इन्फेंटिनो का समर्थन किया; फीफा के 211 में से करीब 70 एसोसिएशन उनके पक्ष में।
यूईएफए ने फीफा टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी दी है।
फीफा अध्यक्ष चुनाव नज़दीक आने के साथ इन्फेंटिनो की स्थिति और जटिल हो गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अगस्त को फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के समर्थन में खुलकर बयान दिया और चेतावनी दी कि उन्हें पद से हटाना फुटबॉल की वर्ल्ड गवर्निंग बॉडी के लिए 'बड़ी गलती' साबित होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के प्रमुख फुटबॉल संघ इन्फेंटिनो के इस्तीफे की माँग के करीब पहुँच चुके हैं।

ट्रंप ने क्या कहा

ट्रंप ने अपने बयान में लिखा, 'फीफा बहुत बड़ी गलती करेगा, अगर वे किसी भी वजह से अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को बदलने के बारे में सोचते भी हैं। वह शानदार हैं, उन्होंने अभी तक के सबसे सफल वर्ल्ड कप की अध्यक्षता चार बार की है। अगर वह चले गए, तो यह फिर कभी इतना सफल या फायदेमंद नहीं होगा।' यह समर्थन इन्फेंटिनो-विरोधी मोर्चे के लिए एक सीधी चुनौती है और विवाद को अब राजनीतिक आयाम भी दे रहा है।

विरोध की वजह क्या है

यूईएफए, एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) और कोनकाकाफ ने सोमवार को एक संयुक्त खुले पत्र में इन्फेंटिनो पर 'धोखे' से भरोसा तोड़ने और खुद को संस्था से ऊपर रखने का आरोप लगाया। विवाद की जड़ में इन्फेंटिनो का वह प्रस्ताव है जिसमें वर्ल्ड कप के कमर्शियल राइट्स का 20 प्रतिशत हिस्सा प्राइवेट निवेशकों को बेचकर लगभग 4.2 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना थी। यूरोप में कड़े विरोध के बाद यह प्रस्ताव वापस ले लिया गया।

तीनों कन्फेडरेशन ने सीधे इस्तीफे की माँग तो नहीं की, लेकिन उन्होंने इस विवादित प्रस्ताव के इर्द-गिर्द के हालात की एक स्वतंत्र जाँच की माँग ज़रूर की। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'फुटबॉल में नेतृत्व कोई कब्जा नहीं है — यह उस फुटबॉल परिवार की सेवा का कर्तव्य है जो इसे सौंपता है।' यूईएफए ने फीफा टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी भी दी है।

इन्फेंटिनो के समर्थन में कौन

इन्फेंटिनो को वैश्विक स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ (सीएएफ) ने अपने 54 सदस्य देशों की ओर से उनके पक्ष में बयान जारी किया। मेक्सिको, अर्जेंटीना, पैराग्वे, इक्वाडोर और बोलीविया सहित कई दक्षिण अमेरिकी देशों ने भी सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है। फीफा के 211 सदस्य एसोसिएशन में से लगभग 70 ने इन्फेंटिनो के पक्ष में संकेत दिया है, जबकि लगभग एक दर्जन ने या तो पहले के वादे वापस ले लिए हैं या कहा है कि वे उन्हें वोट नहीं देंगे।

फीफा का रुख और पुराने आरोप

फीफा ने इन्फेंटिनो का कड़ा बचाव करते हुए उनके नेतृत्व को कमज़ोर करने की 'एकजुट और लगातार कोशिश' के खिलाफ चेतावनी दी है। संस्था ने ज़ोर देकर कहा है कि किसी भी चुनौती के लिए संस्थान के नियमों और लोकतांत्रिक तरीकों का पालन करना होगा। इन्फेंटिनो पर उनके यूईएफए महासचिव कार्यकाल के दौरान एक पूर्व कर्मचारी को किए गए भुगतान से जुड़े आरोप भी हैं, जिन्हें फीफा ने 'बेबुनियाद' बताया है और इन्फेंटिनो ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

गौरतलब है कि नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने भी पिछले सप्ताह इन्फेंटिनो से इस्तीफे की माँग की थी और तीनों कन्फेडरेशन ने मोरक्को में हुई फीफा की आपातकालीन बैठक की भी आलोचना की।

आगे क्या होगा

फीफा अध्यक्ष चुनाव नज़दीक आने के साथ इन्फेंटिनो की स्थिति जटिल होती जा रही है। ट्रंप के समर्थन ने इस विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब यह देखना होगा कि स्वतंत्र जाँच की माँग को फीफा स्वीकार करता है या नहीं, और क्या यूईएफए की बहिष्कार की धमकी महज दबाव की रणनीति है या वास्तविक कदम।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक हित का सवाल है। दूसरी तरफ, यूईएफए और सहयोगी कन्फेडरेशन की माँग केवल जवाबदेही की नहीं — यह फीफा के भीतर सत्ता-संतुलन की लड़ाई है जो वर्षों से उबल रही थी। कमर्शियल राइट्स विवाद महज ट्रिगर था; असली सवाल यह है कि क्या फीफा का शासन ढाँचा किसी एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षाओं से बड़ा है। 70 एसोसिएशन के समर्थन के बावजूद, अगर यूईएफए बहिष्कार पर अमल करे, तो वर्ल्ड कप की व्यावसायिक और प्रतिस्पर्धात्मक साख को गहरा नुकसान होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फीफा 'बड़ी गलती' करेगा अगर वह किसी भी कारण से जियानी इन्फेंटिनो को अध्यक्ष पद से हटाने पर विचार करे। उन्होंने इन्फेंटिनो को 'शानदार' बताया और कहा कि उनके जाने से वर्ल्ड कप पहले जितना सफल या फायदेमंद नहीं रहेगा।
फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो पर क्या आरोप हैं?
यूईएफए, एएफसी और कोनकाकाफ ने इन्फेंटिनो पर 'धोखे' से भरोसा तोड़ने और वर्ल्ड कप के कमर्शियल राइट्स का 20% प्राइवेट निवेशकों को बेचकर 4.2 बिलियन डॉलर जुटाने के विवादित प्रस्ताव में खुद को संस्था से ऊपर रखने का आरोप लगाया है। इसके अलावा उनके यूईएफए महासचिव कार्यकाल से जुड़े पुराने भुगतान आरोप भी हैं, जिन्हें फीफा ने खारिज किया है।
यूईएफए, एएफसी और कोनकाकाफ ने क्या माँग की है?
तीनों कन्फेडरेशन ने इन्फेंटिनो के विवादित कमर्शियल राइट्स प्रस्ताव के इर्द-गिर्द के हालात की एक स्वतंत्र जाँच की माँग की है। उन्होंने सीधे इस्तीफे की माँग नहीं की, लेकिन यूईएफए ने फीफा टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी भी दी है।
इन्फेंटिनो को कितने देशों का समर्थन है?
फीफा के 211 सदस्य एसोसिएशन में से लगभग 70 ने सार्वजनिक रूप से इन्फेंटिनो का समर्थन करने का संकेत दिया है। सीएएफ के 54 अफ्रीकी सदस्य देशों और मेक्सिको, अर्जेंटीना, पैराग्वे, इक्वाडोर व बोलीविया सहित कई दक्षिण अमेरिकी देशों ने भी उनके पक्ष में बयान दिए हैं।
फीफा अध्यक्ष पद के चुनाव पर इस विवाद का क्या असर होगा?
फीफा अध्यक्ष चुनाव नज़दीक आने के साथ यह विवाद इन्फेंटिनो की स्थिति को जटिल बना रहा है। लगभग एक दर्जन एसोसिएशन ने पहले के समर्थन वादे वापस लिए हैं या वोट न देने की बात कही है। ट्रंप के समर्थन ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है, और यूईएफए की बहिष्कार धमकी अगर अमल में आई तो फीफा के भविष्य के टूर्नामेंट पर गहरा असर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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