ट्रंप ने इन्फेंटिनो का किया बचाव: 'फीफा अध्यक्ष को हटाना होगी बड़ी भूल'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अगस्त को फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के समर्थन में खुलकर बयान दिया और चेतावनी दी कि उन्हें पद से हटाना फुटबॉल की वर्ल्ड गवर्निंग बॉडी के लिए 'बड़ी गलती' साबित होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के प्रमुख फुटबॉल संघ इन्फेंटिनो के इस्तीफे की माँग के करीब पहुँच चुके हैं।
ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने अपने बयान में लिखा, 'फीफा बहुत बड़ी गलती करेगा, अगर वे किसी भी वजह से अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को बदलने के बारे में सोचते भी हैं। वह शानदार हैं, उन्होंने अभी तक के सबसे सफल वर्ल्ड कप की अध्यक्षता चार बार की है। अगर वह चले गए, तो यह फिर कभी इतना सफल या फायदेमंद नहीं होगा।' यह समर्थन इन्फेंटिनो-विरोधी मोर्चे के लिए एक सीधी चुनौती है और विवाद को अब राजनीतिक आयाम भी दे रहा है।
विरोध की वजह क्या है
यूईएफए, एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) और कोनकाकाफ ने सोमवार को एक संयुक्त खुले पत्र में इन्फेंटिनो पर 'धोखे' से भरोसा तोड़ने और खुद को संस्था से ऊपर रखने का आरोप लगाया। विवाद की जड़ में इन्फेंटिनो का वह प्रस्ताव है जिसमें वर्ल्ड कप के कमर्शियल राइट्स का 20 प्रतिशत हिस्सा प्राइवेट निवेशकों को बेचकर लगभग 4.2 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना थी। यूरोप में कड़े विरोध के बाद यह प्रस्ताव वापस ले लिया गया।
तीनों कन्फेडरेशन ने सीधे इस्तीफे की माँग तो नहीं की, लेकिन उन्होंने इस विवादित प्रस्ताव के इर्द-गिर्द के हालात की एक स्वतंत्र जाँच की माँग ज़रूर की। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'फुटबॉल में नेतृत्व कोई कब्जा नहीं है — यह उस फुटबॉल परिवार की सेवा का कर्तव्य है जो इसे सौंपता है।' यूईएफए ने फीफा टूर्नामेंट के बहिष्कार की धमकी भी दी है।
इन्फेंटिनो के समर्थन में कौन
इन्फेंटिनो को वैश्विक स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ (सीएएफ) ने अपने 54 सदस्य देशों की ओर से उनके पक्ष में बयान जारी किया। मेक्सिको, अर्जेंटीना, पैराग्वे, इक्वाडोर और बोलीविया सहित कई दक्षिण अमेरिकी देशों ने भी सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है। फीफा के 211 सदस्य एसोसिएशन में से लगभग 70 ने इन्फेंटिनो के पक्ष में संकेत दिया है, जबकि लगभग एक दर्जन ने या तो पहले के वादे वापस ले लिए हैं या कहा है कि वे उन्हें वोट नहीं देंगे।
फीफा का रुख और पुराने आरोप
फीफा ने इन्फेंटिनो का कड़ा बचाव करते हुए उनके नेतृत्व को कमज़ोर करने की 'एकजुट और लगातार कोशिश' के खिलाफ चेतावनी दी है। संस्था ने ज़ोर देकर कहा है कि किसी भी चुनौती के लिए संस्थान के नियमों और लोकतांत्रिक तरीकों का पालन करना होगा। इन्फेंटिनो पर उनके यूईएफए महासचिव कार्यकाल के दौरान एक पूर्व कर्मचारी को किए गए भुगतान से जुड़े आरोप भी हैं, जिन्हें फीफा ने 'बेबुनियाद' बताया है और इन्फेंटिनो ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।
गौरतलब है कि नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने भी पिछले सप्ताह इन्फेंटिनो से इस्तीफे की माँग की थी और तीनों कन्फेडरेशन ने मोरक्को में हुई फीफा की आपातकालीन बैठक की भी आलोचना की।
आगे क्या होगा
फीफा अध्यक्ष चुनाव नज़दीक आने के साथ इन्फेंटिनो की स्थिति जटिल होती जा रही है। ट्रंप के समर्थन ने इस विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब यह देखना होगा कि स्वतंत्र जाँच की माँग को फीफा स्वीकार करता है या नहीं, और क्या यूईएफए की बहिष्कार की धमकी महज दबाव की रणनीति है या वास्तविक कदम।