7 अगस्त 2026
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फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो पर इस्तीफे का दबाव, नॉर्वे फेडरेशन प्रमुख लिसे क्लेवनेस ने की खुलकर मांग

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फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो पर इस्तीफे का दबाव, नॉर्वे फेडरेशन प्रमुख लिसे क्लेवनेस ने की खुलकर मांग

सारांश

फीफा विश्व कप 2026 खत्म होते ही नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो से सीधे इस्तीफे की माँग कर दी। वापस लिए गए कमर्शियल निवेश प्रस्ताव के बाद टूटे भरोसे और यूईएफए की बहिष्कार चेतावनी के बीच, विश्व फुटबॉल का नेतृत्व संकट अब खुलकर सामने आ गया है।

मुख्य बातें

नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन (NFF) की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने 7 अगस्त 2026 को फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की माँग की।
विवाद की जड़ फीफा का वह निवेश प्रस्ताव है जिसमें फीफा विश्व कप के कमर्शियल राइट्स में माइनॉरिटी स्टेक बेचने की बात थी — प्रस्ताव बाद में वापस लिया गया।
इन्फेंटिनो ने सभी 211 सदस्य एसोसिएशन से माफी माँगी, लेकिन यूईएफए ने कहा कि गहरे गवर्नेंस दोष बने हुए हैं और बहिष्कार की चेतावनी जारी रहेगी।
क्लेवनेस को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में और यूईएफए सदस्य एसोसिएशन उनके रुख का समर्थन करेंगे।
NFF का इरादा सीधे फीफा से संपर्क कर अध्यक्ष पद छोड़ने की माँग रखने का है।

नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन (NFF) की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने 7 अगस्त 2026 को फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की मांग की — यह मांग फीफा विश्व कप 2026 की समाप्ति के तुरंत बाद आई है। क्लेवनेस ने कहा कि इन्फेंटिनो में अब वह संस्थागत भरोसा नहीं रहा जो वैश्विक फुटबॉल के मौजूदा गवर्नेंस संकट से निपटने के लिए ज़रूरी है।

क्लेवनेस ने क्या कहा

NFF की बोर्ड बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए क्लेवनेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जियानी इन्फेंटिनो में अब फीफा का स्थिर तरीके से नेतृत्व करने का ज़रूरी संस्थागत भरोसा नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल समुदाय मुश्किल दौर से गुजर रहा है। हमें लगता है कि नए नेतृत्व की ज़रूरत है। इसलिए हम फीफा अध्यक्ष से इस्तीफा देने के लिए कहेंगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि नॉर्वे का इरादा सीधे फीफा से संपर्क कर यह माँग रखने का है।

विवाद की जड़: वापस लिया गया निवेश प्रस्ताव

यह माँग उस बड़े विवाद की पृष्ठभूमि में आई है जिसमें फीफा ने अपनी एक प्रस्तावित निवेश योजना वापस ली थी। इस योजना के तहत फीफा विश्व कप से जुड़े कमर्शियल राइट्स में माइनॉरिटी स्टेक बेचने का प्रस्ताव था। यूरोप सहित कई फुटबॉल एसोसिएशन और कन्फेडरेशन ने इस प्रस्ताव की गवर्नेंस, पारदर्शिता और टूर्नामेंट के भविष्य के नियंत्रण को लेकर कड़ी आलोचना की थी। क्लेवनेस ने कहा कि इस विवाद के बाद फीफा और प्रमुख हितधारकों के बीच भरोसा 'बुरी तरह टूट गया है।'

यूईएफए की भूमिका और बहिष्कार की चेतावनी

यूईएफए पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुका है कि उसे फीफा अध्यक्ष पर अब भरोसा नहीं है। संस्था ने आरोप लगाया है कि निवेश प्रस्ताव लाने से पहले सदस्य एसोसिएशन से उचित परामर्श नहीं लिया गया। हालाँकि इन्फेंटिनो ने बाद में सभी 211 सदस्य एसोसिएशन से माफी माँगी और योजना वापस ले ली, लेकिन यूईएफए का कहना है कि यह घटना गहरे गवर्नेंस दोषों को उजागर करती है। यदि सुधार नहीं हुए तो बहिष्कार की चेतावनी बनी रहेगी।

नॉर्वे का व्यापक रुख और समर्थन की उम्मीद

गौरतलब है कि क्लेवनेस ने 2022 में NFF की कमान संभाली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विवाद कोई अचानक की गई प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उन चिंताओं के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है जो नॉर्वे पिछले कई वर्षों से फीफा के समक्ष उठाता रहा है। क्लेवनेस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में और यूईएफए सदस्य एसोसिएशन उनके रुख का समर्थन करेंगे — हालाँकि उन्होंने माना कि किन देशों का आधिकारिक समर्थन मिलेगा, यह अभी तय नहीं है।

आगे क्या होगा

फीफा के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की माँग अब केवल नॉर्वे तक सीमित नहीं दिखती। यूईएफए की स्पष्ट नाराज़गी और कई यूरोपीय एसोसिएशन की आलोचना के बीच इन्फेंटिनो का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि यह दबाव औपचारिक प्रस्ताव का रूप लेता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सुधार का — क्योंकि माफी के बावजूद यूईएफए ने भरोसा बहाल नहीं माना। असली सवाल यह है कि क्या यह दबाव औपचारिक अविश्वास प्रस्ताव में बदलेगा, या यूरोपीय एकजुटता की कमी इन्फेंटिनो को फिर से बचा लेगी — जैसा अतीत में होता रहा है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिसे क्लेवनेस ने फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो से इस्तीफे की माँग क्यों की?
क्लेवनेस ने कहा कि फीफा के वापस लिए गए कमर्शियल निवेश प्रस्ताव के बाद इन्फेंटिनो में वह संस्थागत भरोसा नहीं रहा जो विश्व फुटबॉल के नेतृत्व के लिए ज़रूरी है। उनके अनुसार, इस विवाद ने फीफा और प्रमुख हितधारकों के बीच भरोसे को बुरी तरह तोड़ दिया है।
फीफा का वह निवेश प्रस्ताव क्या था जिसे वापस लिया गया?
फीफा ने एक योजना प्रस्तावित की थी जिसमें फीफा विश्व कप से जुड़े कमर्शियल राइट्स में माइनॉरिटी स्टेक बाहरी निवेशकों को बेचने की बात थी। कई यूरोपीय फुटबॉल एसोसिएशन और कन्फेडरेशन ने गवर्नेंस और पारदर्शिता की चिंताओं के चलते इसकी कड़ी आलोचना की, जिसके बाद फीफा ने यह प्रस्ताव वापस ले लिया।
यूईएफए का फीफा विवाद में क्या रुख है?
यूईएफए ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उसे फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो पर भरोसा नहीं रहा। संस्था ने आरोप लगाया कि निवेश प्रस्ताव लाने से पहले सदस्य एसोसिएशन से उचित परामर्श नहीं लिया गया और चेतावनी दी है कि यदि सही गवर्नेंस सुधार नहीं हुए तो बहिष्कार का विकल्प खुला रहेगा।
क्या और देश नॉर्वे के रुख का समर्थन कर सकते हैं?
क्लेवनेस ने कहा कि वे यूईएफए और अन्य सदस्य एसोसिएशन के साथ निरंतर बातचीत कर रही हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में और एसोसिएशन इस रुख का समर्थन करेंगी। हालाँकि उन्होंने माना कि कौन से देश आधिकारिक रूप से यह रुख अपनाएंगे, यह अभी तय नहीं है।
इन्फेंटिनो ने विवाद पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इन्फेंटिनो ने निवेश प्रस्ताव वापस लेने के बाद सभी 211 सदस्य एसोसिएशन से माफी माँगी। हालाँकि यूईएफए और नॉर्वे समेत कई एसोसिएशन इस माफी को पर्याप्त नहीं मानतीं और गवर्नेंस में ठोस बदलाव की माँग पर कायम हैं।
राष्ट्र प्रेस
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