रुड गुलिट ने फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो से माँगा इस्तीफा, वर्ल्ड कप 2026 से पहले इमिग्रेशन विवाद चरम पर
सारांश
मुख्य बातें
डच फुटबॉल दिग्गज रुड गुलिट ने 10 जून 2026 को एक ओपन लेटर जारी कर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से पद छोड़ने की माँग की — यह पत्र फीफा वर्ल्ड कप 2026 के उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले सामने आया। अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों के कारण खिलाड़ियों, रेफरी और सपोर्ट स्टाफ को हो रही परेशानियों को लेकर गुलिट ने फीफा नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा।
मुख्य घटनाक्रम
टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले कई देशों की टीमों को इमिग्रेशन संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ा। ईरान की राष्ट्रीय टीम को अपना ट्रेनिंग कैंप मेक्सिको स्थानांतरित करना पड़ा और कई सपोर्ट स्टाफ सदस्यों को वीजा नहीं मिल सका। सोमालिया के रेफरी ओमर आर्टन — जिन्हें फीफा ने योग्यता के आधार पर चुना था — को कथित तौर पर अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया गया।
इराकी स्ट्राइकर आयमेन हुसैन को शिकागो एयरपोर्ट पर सात घंटे तक रोके रखा गया, जबकि टीम फोटोग्राफर तल्हा सलाह को देश में प्रवेश से मना कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, सेनेगल और उज्बेकिस्तान की टीमों की अमेरिका पहुँचने पर गहन तलाशी ली गई। इसके अलावा, यात्रा प्रतिबंधों से प्रभावित देशों के फैन और पत्रकार टूर्नामेंट में शामिल हो पाएँगे या नहीं, इस पर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
गुलिट का ओपन लेटर: मुख्य बातें
नीदरलैंड के लिए 66 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले गुलिट ने अपने पत्र में लिखा, 'मैं लंबे समय तक चुप रहा, क्योंकि इस वर्ल्ड कप को फुटबॉल के नज़रिए से देखना चाहता था, लेकिन जैसे-जैसे हम तैयारियों में आगे बढ़ रहे हैं, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि फुटबॉल अब मुख्य मुद्दा नहीं रह गया है।'
उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, 'मेरा मानना है कि जियानी इन्फेंटिनो को फीफा प्रेसिडेंट के पद से हटने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वर्ल्ड कप लोगों को एकजुट करने वाला होना चाहिए। इसके बजाय, यह टूर्नामेंट बंटवारे, राजनीतिक विवादों, यात्रा प्रतिबंधों और प्रशासनिक विफलताओं का प्रतीक बनता जा रहा है।'
फीफा नेतृत्व पर सीधा प्रहार
गुलिट ने इन्फेंटिनो की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, 'लीडरशिप का मतलब नेताओं के साथ फोटो खिंचवाना या कमर्शियल सफलता का जश्न मनाना नहीं है। लीडरशिप का मतलब मुश्किल समय में जिम्मेदारी लेना है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि फीफा फुटबॉल को वैश्विक खेल के तौर पर तब तक नहीं पेश कर सकता, जब तक योग्य समर्थकों, अधिकारियों और प्रतिभागियों को ऐसी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हो, जिनका फुटबॉल से कोई संबंध नहीं।
उन्होंने ईरानी फैंस के टिकट आवंटन रद्द होने का भी उल्लेख किया और कहा, 'ये मामूली मुद्दे नहीं हैं। ये उस भावना पर चोट करते हैं जिसका प्रतिनिधित्व वर्ल्ड कप को करना चाहिए।'
आम जनता और फुटबॉल जगत पर असर
गुलिट ने अपने पत्र का समापन एक सशक्त संदेश के साथ किया — 'वर्ल्ड कप दुनिया का है, न कि सरकारों, राजनीतिक हितों या फुटबॉल प्रशासकों का। यह खिलाड़ियों, रेफरी और फैंस का है।' यह ऐसे समय में आया है जब वर्ल्ड कप की मेजबानी को लेकर अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियाँ पहले से ही अंतरराष्ट्रीय आलोचना का केंद्र बनी हुई हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े टूर्नामेंट से पहले मेजबान देश की वीजा नीतियों ने विवाद खड़ा किया हो, लेकिन इस बार एक दिग्गज खिलाड़ी का सीधे फीफा अध्यक्ष से इस्तीफे की माँग करना असाधारण है।
क्या होगा आगे
फीफा की ओर से गुलिट के ओपन लेटर पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। टूर्नामेंट 11 जून 2026 से शुरू होना है और इमिग्रेशन से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में और अधिक ध्यान खींच सकते हैं।