फीफा वर्ल्ड कप 2026: व्हाइट हाउस ने सोमाली रेफरी और ईरानी स्टाफ को वीजा नकारने का बचाव किया
सारांश
मुख्य बातें
व्हाइट हाउस की फीफा वर्ल्ड कप 2026 टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू गिउलियानी ने सोमाली रेफरी उमर अब्दुलकादिर अर्टन और ईरानी फुटबॉल टीम के कुछ सहयोगी स्टाफ सदस्यों को अमेरिकी वीजा देने से इनकार किए जाने के फैसले का मंगलवार को खुलकर बचाव किया। अर्टन उन 52 रेफरी में से एक थे जिन्हें फीफा ने कनाडा, मैक्सिको और अमेरिका में आयोजित होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल के लिए चुना था — यह टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलेगा।
रेफरी को प्रवेश क्यों नहीं मिला
गिउलियानी ने कारण उजागर किए बिना कहा, 'एक रेफरी को प्रवेश नहीं दिया गया है। मैं विस्तार से नहीं बता सकता, लेकिन बहुत ठोस कारण से ही यह फैसला लिया गया। मैं उस फैसले का समर्थन करता हूँ।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने रविवार को होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी और सीबीपी के कमिश्नर से सीधे बात की थी। गौरतलब है कि अर्टन को मंगलवार को अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया गया, और वह किसी भी मैच का संचालन नहीं कर सके।
ईरानी टीम का ट्रेनिंग कैंप मैक्सिको शिफ्ट
अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में बाधाओं और जारी सैन्य संघर्ष के बीच सुरक्षा चिंताओं के चलते ईरान ने अपना ट्रेनिंग कैंप टक्सन, एरिजोना से हटाकर तिजुआना, मैक्सिको में स्थानांतरित कर लिया। ईरानी टीम को अमेरिका में अपने तीन ग्रुप-स्टेज मैच खेलने हैं, और खिलाड़ी प्रत्येक मैच के लिए तिजुआना से मेज़बान शहरों तक यात्रा करेंगे।
ईरानी खिलाड़ियों को वीजा, कुछ अधिकारियों को नहीं
गिउलियानी ने स्पष्ट किया कि ईरान के सभी 31 खिलाड़ियों — 26 मुख्य खिलाड़ी और 5 अतिरिक्त खिलाड़ी — को वीजा जारी कर दिया गया है। हालाँकि, कुछ ईरानी अधिकारियों को वीजा नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग दावा करते हैं कि वे कोच हैं, जबकि हो सकता है कि वे कोच न हों।' खिलाड़ी मैच से एक दिन पहले अमेरिका में प्रवेश कर सकेंगे।
लॉजिस्टिक्स और यात्रा व्यवस्था
तिजुआना से लॉस एंजिल्स की दूरी के बारे में गिउलियानी ने कहा कि फ्लाइट से यह सफर लगभग 25 मिनट का है, जबकि सड़क मार्ग से 8 घंटे लग सकते हैं। उन्होंने ईरानी टीम को फ्लाइट से यात्रा करने की सलाह दी। यह व्यवस्था असाधारण परिस्थितियों में एक अभूतपूर्व लॉजिस्टिक समझौते का उदाहरण है।
व्यापक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब फीफा वर्ल्ड कप 2026 की मेज़बानी को लेकर अमेरिका पहले से ही अंतरराष्ट्रीय दबाव में है। आलोचकों का कहना है कि वीजा नीति का खेल आयोजनों पर इस्तेमाल खेल की तटस्थता के सिद्धांत के विरुद्ध है, जबकि अमेरिकी अधिकारी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बता रहे हैं। फीफा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।