फीफा विश्व कप 2026 की सुरक्षा को लेकर मेज़बानों की चिंताएँ बढ़ी: रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा योजना का कार्यान्वयन समय पर नहीं हो रहा है।
- फंडिंग में रुकावट आई है, जिससे आयोजन पर असर पड़ सकता है।
- मेज़बान शहरों को सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाइयाँ आ रही हैं।
- टूर्नामेंट 11 जून को शुरू होगा।
- स्थानीय अधिकारियों की चिंताएँ बढ़ रही हैं।
नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। फीफा विश्व कप २०२६ में सुरक्षा को लेकर मेज़बान देशों यूएसए, कनाडा और मेक्सिको के शहरों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था की योजना का कार्यान्वयन निर्धारित समय से पीछे चल रहा है, जिससे ११ जून को होने वाले टूर्नामेंट में बड़ी बाधाओं का सामना करने का खतरा बढ़ गया है।
वेस्ट ऑस्ट्रेलियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड स्टेट्स हाउस होमलैंड सुरक्षा कमेटी के समक्ष गवाही में स्थानीय प्रतिनिधियों ने दो प्रमुख समस्याओं की ओर इशारा किया, जिनमें फेडरल सुरक्षा फंडिंग पर रोक और फेडरल और स्थानीय अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी शामिल है।
फंडिंग की चिंता उस निर्णय से उपजी है जिसमें फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने फेडरल सरकार के शटडाउन के दौरान ऑपरेशन को आवश्यक और जान बचाने वाले कार्यों तक सीमित करने का निर्णय लिया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व कप के लिए निर्धारित लगभग ९०० मिलियन डॉलर की सुरक्षा राशि रोक दी गई है।
इन रोकें गए फंड में ६२५ मिलियन डॉलर शामिल हैं, जो पहले होस्ट शहरों को खिलाड़ियों, प्रशंसकों और संरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिए जाने थे। मेज़बान राज्यों के लिए ड्रोन गतिविधियों की निगरानी और उनके प्रबंधन के लिए अतिरिक्त २५० मिलियन डॉलर की व्यवस्था की गई थी।
नेशनल फ्यूजन सेंटर एसोसिएशन के अध्यक्ष माइक सेना ने सांसदों को बताया कि देरी के कारण शहरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, "अगर हम दो साल पहले इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे होते, तो हम बेहतर स्थिति में होते, लेकिन अब जब हम इन खेलों के करीब पहुँच रहे हैं, तो हम उस क्षमता के आसपास भी नहीं हैं जिसकी हमें ज़रूरत है।"
मियामी में आयोजक बताते हैं कि धन की अनिश्चितता पहले से ही योजना को प्रभावित कर रही है। मियामी विश्व कप होस्ट कमेटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रे मार्टिनेज ने चेतावनी दी कि समय समाप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा, "टूर्नामेंट में १०७ दिन बचे हैं, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि प्रशंसक उत्सव शुरू करने के लिए लगभग ७० दिन रह गए हैं।"
मियामी ने फेडरल सहायता के लिए ७० मिलियन डॉलर की मांग की है। मार्च के अंत तक यदि अनुमोदन नहीं होता है, तो कार्यक्रमों में कटौती शुरू हो जाएगी।
मैसाचुसेट्स के फॉक्सबोरो के अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि यदि फंडिंग बहाल नहीं की गई तो वे जिलेट स्टेडियम में होने वाले सात निर्धारित मैचों की मेज़बानी करने से पीछे हट सकते हैं। कैनसस सिटी के अधिकारियों ने भी स्टाफ की कमी की ओर इशारा किया है। डिप्टी पुलिस चीफ जोसेफ मैबिन ने सुनवाई में बताया कि उनके विभाग में शहर की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक स्टाफ की कमी है। नियुक्तियों के लिए फेडरल सहायता अनिवार्य है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि फंडिंग और समन्वय के मुद्दे शीघ्र हल नहीं हुए, तो दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट को गंभीर लॉजिस्टिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
यह ४८ टीमों का यह बड़ा टूर्नामेंट अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित होगा। प्रारंभिक मैच ११ जून को मेक्सिको में होंगे, और अमेरिका एक दिन बाद लॉस एंजेल्स में अपना पहला खेल खेलेगा। ऑस्ट्रेलिया अपना अभियान वैंकूवर में शुरू करेगा और फिर २० जून को सिएटल के लुमेन फील्ड में अमेरिका का सामना करेगा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया २६ जून को लेवी स्टेडियम में पैराग्वे के खिलाफ अपने ग्रुप स्टेज मैच को समाप्त करेगा।