फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 88वाँ संस्करण: संग्राम सिंह, मधुरिमा तुली और गौतम गंभीर ने की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 88वाँ संस्करण रविवार, 30 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें खेल, सिनेमा और क्रिकेट जगत की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम को देशभर में 25,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
इस वर्ष के 88वें संस्करण में हर आयु वर्ग के नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। कार्यक्रम की व्यापकता इस बात से स्पष्ट होती है कि इसे एक साथ देश के कोने-कोने में 25,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित किया गया — जो इसे एक साधारण इवेंट से कहीं आगे, एक राष्ट्रव्यापी जन-अभियान का रूप देता है।
संग्राम सिंह की प्रतिक्रिया
पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह ने कहा, 'प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया फिट इंडिया मुहिम कमाल का है। मनसुख मांडविया ने इस इवेंट से साइकिलिंग को जोड़ते हुए इसे व्यापक स्तर पर ला दिया है। साइकिलिंग से हम स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण को अच्छा बना सकते हैं। अगर हम साइकिलिंग से बेस्ट बन सकते हैं, तो फिर साधारण क्यों रहना है।' संग्राम के अनुसार यह पहल स्वास्थ्य और पर्यावरण — दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करती है।
मधुरिमा तुली का अनुभव
अभिनेत्री मधुरिमा तुली इस कार्यक्रम में तीसरी बार शामिल हुईं। उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है। मैं जब भी आती हूँ तो यहाँ के लोगों की ऊर्जा मुझे प्रभावित करती है। इस इवेंट का संदेश पूरे देश में तेज़ी से फैल रहा है।' उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि महाराष्ट्र में 40 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएँ भी इस अभियान को अपना रही हैं — जो इसकी सामाजिक पहुँच का प्रमाण है।
गौतम गंभीर का संदेश
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा, 'सरकार के द्वारा आयोजित किया जाने वाला फिट इंडिया अभियान एक बेहतरीन पहल है। मेरा मानना है कि देश जितना स्वस्थ रहेगा, उतना ही मज़बूत और आत्मनिर्भर रहेगा।' गंभीर ने यह भी कहा कि इसे महज एक इवेंट नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक अभियान के रूप में देखा जाना चाहिए और युवाओं को इसे देशभर में फैलाने की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।
आम जनता पर असर
यह अभियान केवल शहरी युवाओं तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं की भागीदारी दर्शाती है कि साइकिलिंग को एक सुलभ फिटनेस विकल्प के रूप में स्वीकृति मिल रही है। 25,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजन यह भी सुनिश्चित करता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के नागरिक भी इस मुहिम से जुड़ सकें। आने वाले संस्करणों में भागीदारी और विस्तार की दिशा में यह अभियान और गति पकड़ सकता है।