नेपाल में एक और झील फटने का खतरा, भोटेकोसी नदी का जलस्तर बढ़ा; 675 मौतें, 2,498 लापता
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने 30 अगस्त 2026 को नई बाढ़ चेतावनी जारी करते हुए बताया कि रसुवा जिले में भोटेकोसी नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ गया है। अथॉरिटी के अनुसार, एक और झील के फटने की आशंका बनी हुई है, जिससे निचले इलाकों में विनाशकारी बाढ़ का खतरा है।
ल्हेंडे खोला में बाधित प्रवाह से नई झील का निर्माण
NDRRMA ने 27 अगस्त 2026 को सुबह 11:44 बजे ली गई सैटेलाइट तस्वीरों के शुरुआती विश्लेषण के आधार पर शनिवार देर रात बताया कि रसुवागढ़ी सीमा बिंदु से लगभग 18 किलोमीटर ऊपर की ओर ल्हेंडे खोला नदी का प्रवाह पूरी तरह रुक गया है। इस अवरोध के कारण करीब 0.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक नई झील बन गई है।
अथॉरिटी ने चेतावनी दी कि इस झील को रोकने वाला प्राकृतिक बांध कभी भी टूट सकता है, जिससे एक और भीषण बाढ़ आ सकती है। शुरुआती आकलन से यह भी संकेत मिले हैं कि उस क्षेत्र में कुछ और झीलें भी बनी हो सकती हैं। ल्हेंडे खोला, भोटेकोसी नदी की एक सहायक नदी है, और इसके प्रवाह में बाधा ही मौजूदा संकट की मुख्य वजह बताई जा रही है।
त्रिशूली नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के पार
जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अंतर्गत आने वाले बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग के अनुसार, धाडिंग जिले के गल्छी क्षेत्र में, जो भोटेकोसी नदी के निचले प्रवाह पर स्थित है, त्रिशूली नदी का जलस्तर सामान्य से तीन मीटर ऊपर पहुँच गया है। अधिकारियों के अनुसार, त्रिशूली में यह उफान सीधे तौर पर रसुवा के भोटेकोसी क्षेत्र से आए बाढ़ के पानी के कारण है।
गौरतलब है कि 26 अगस्त को धाडिंग में बाढ़ का स्तर 14 मीटर से अधिक दर्ज किया गया था — जो इस मौसम का अब तक का सबसे ऊँचा स्तर रहा।
प्रभावित जिलों में सतर्कता की अपील
NDRRMA ने रविवार सुबह जारी सूचना में कहा, "रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जिलों सहित प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगे सभी लोग, नदियों के किनारे रहने वाले नागरिक और अन्य संबंधित लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें।" अथॉरिटी लगातार इस बात को लेकर आगाह करती रही है कि एक और बड़ी बाढ़ की आशंका बनी हुई है।
जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल ज़्यादा तात्कालिक खतरा नहीं है, क्योंकि नदी किनारे के अधिकांश लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुँच चुके हैं। हालाँकि, झील फटने की स्थिति में स्थिति तेज़ी से बदल सकती है।
26 अगस्त की बाढ़ में 675 मौतें, 2,498 अब भी लापता
NDRRMA के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून सीज़न अपने चरम पर है और पहाड़ी क्षेत्रों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) का जोखिम हर साल बढ़ता जा रहा है।
बचाव और राहत अभियान जारी है, लेकिन नई झील के फटने की आशंका ने राहतकर्मियों के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अगले कुछ घंटों में सैटेलाइट निगरानी और जमीनी आकलन के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।