फ्रेडरिक सोयेज बने भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के कोच, श्रीजेश का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद हॉकी इंडिया का बड़ा फैसला

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फ्रेडरिक सोयेज बने भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के कोच, श्रीजेश का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद हॉकी इंडिया का बड़ा फैसला

सारांश

हॉकी इंडिया ने फ्रांस के अनुभवी कोच फ्रेडरिक सोयेज को जूनियर पुरुष टीम की कमान सौंपी है — तीन ओलंपिक और दो यूरोपियन सिल्वर मेडल का अनुभव लेकर वह श्रीजेश की विरासत संभालेंगे। 2036 ओलंपिक के लक्ष्य के साथ यह नियुक्ति भारतीय हॉकी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

हॉकी इंडिया ने 14 मई 2026 को फ्रेडरिक सोयेज को भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया।
श्रीजेश की जगह लेंगे, जिनका कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2025 में समाप्त हुआ था।
सोयेज ने 196 मुकाबलों में 195 गोल के साथ फ्रांस के लिए 1995 से 2010 तक अंतरराष्ट्रीय हॉकी खेली।
वह रियो 2016 , टोक्यो 2020 (स्पेन) और पेरिस 2024 (फ्रांस) — तीन ओलंपिक में बतौर कोच शामिल रहे।
2013 FIH जूनियर वर्ल्ड कप (नई दिल्ली) में फ्रांस को सिल्वर मेडल और 2025 यूरोपियन चैंपियनशिप में फ्रेंच अंडर-18 को सिल्वर मेडल दिलाया।
यह नियुक्ति 2036 ओलंपिक तक भारत की निरंतर हॉकी सफलता की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

हॉकी इंडिया ने 14 मई 2026 को फ्रांस के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी फ्रेडरिक सोयेज को भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम का मुख्य कोच नियुक्त करने की घोषणा की। सोयेज भारतीय हॉकी के दिग्गज पी.आर. श्रीजेश की जगह लेंगे, जिनका कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2025 में समाप्त हो गया था। यह नियुक्ति 2036 ओलंपिक तक भारत की निरंतर ओलंपिक सफलता सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।

सोयेज का खिलाड़ी के रूप में करियर

फ्रेडरिक सोयेज ने 1995 से 2010 तक फ्रांस की राष्ट्रीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया। अपने 15 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 196 मुकाबलों में 195 गोल दागे — एक ऐसा रिकॉर्ड जो यूरोपीय हॉकी में उन्हें शीर्ष खिलाड़ियों में स्थापित करता है। तीन दशकों से अधिक के एलीट हॉकी अनुभव के साथ, वह यूरोपीय हॉकी के सबसे अनुभवी नामों में गिने जाते हैं।

कोचिंग में उपलब्धियाँ

खिलाड़ी जीवन के बाद सोयेज ने फ्रांस और स्पेन की राष्ट्रीय पुरुष टीमों के मुख्य कोच के रूप में कार्य किया। स्पेन के कोच रहते हुए उन्होंने टीम को 2019 यूरोपियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल दिलाया और रियो ओलंपिक 2016 तथा टोक्यो ओलंपिक 2020 में क्वार्टर-फाइनल तक पहुँचाया। पेरिस ओलंपिक 2024 में वह फ्रांस के कोच के रूप में उपस्थित रहे।

इस प्रकार सोयेज तीन ओलंपिक खेलों में बतौर कोच शामिल हो चुके हैं — एक उपलब्धि जो उन्हें वैश्विक स्तर पर विशिष्ट बनाती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2013 में नई दिल्ली में आयोजित FIH जूनियर मेंस वर्ल्ड कप में फ्रांस को ऐतिहासिक सिल्वर मेडल दिलाया था। हाल ही में उन्होंने फ्रेंच अंडर-18 पुरुष टीम को 2025 यूरोपियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि 2021 से 2024 तक सोयेज फ्रेंच हॉकी फेडरेशन के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर के पद पर भी कार्यरत रहे, जिससे उनकी प्रशासनिक और तकनीकी समझ और पुख्ता हुई।

हॉकी इंडिया की प्रतिक्रिया

हॉकी इंडिया ने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि सोयेज की नियुक्ति भारत सरकार के उस व्यापक लक्ष्य से मेल खाती है, जिसके तहत 2036 ओलंपिक तक निरंतर ओलंपिक सफलता और खेल में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मज़बूत मार्ग तैयार करना है। संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विजन के तहत देश के हॉकी इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ कोचिंग और उच्च-प्रदर्शन संसाधन लाए जा रहे हैं।

श्रीजेश के बाद की चुनौती

पी.आर. श्रीजेश ने जूनियर टीम के कोच के रूप में अपनी पहचान बनाई थी, लेकिन उनका कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2025 में समाप्त हो जाने के बाद से यह पद रिक्त था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूनियर हॉकी टीम अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी में जुटी है। सोयेज के सामने अब न केवल टीम को तकनीकी रूप से तैयार करने की ज़िम्मेदारी है, बल्कि भारतीय हॉकी की नई पीढ़ी को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की भी चुनौती है।

आगे क्या

सोयेज की नियुक्ति के साथ, हॉकी इंडिया की नज़र अगले FIH जूनियर वर्ल्ड कप और궁극적으로 2036 ओलंपिक पर टिकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय अनुभव और ओलंपिक-स्तरीय कोचिंग का संयोजन भारतीय जूनियर टीम को एक नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दो राष्ट्रीय टीमों का अनुभव और जूनियर स्तर पर सिल्वर मेडल का ट्रैक रिकॉर्ड। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या एक यूरोपीय कोच भारतीय उपमहाद्वीप की हॉकी संस्कृति, खिलाड़ियों की मानसिकता और घरेलू इकोसिस्टम की जटिलताओं को उतनी ही तेज़ी से समझ पाएगा जितनी ज़रूरत है। श्रीजेश जैसे घरेलू दिग्गज की जगह भरना केवल तकनीकी नहीं, भावनात्मक भी है — और हॉकी इंडिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह 'वैश्विक सर्वश्रेष्ठ' की तलाश घरेलू कोचिंग प्रतिभा को हाशिये पर न धकेले।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्रेडरिक सोयेज कौन हैं और उन्हें क्यों चुना गया?
फ्रेडरिक सोयेज फ्रांस के पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और अनुभवी कोच हैं, जिन्होंने 196 मुकाबलों में 195 गोल दागे और तीन ओलंपिक में बतौर कोच भाग लिया। हॉकी इंडिया ने उनके व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव और जूनियर स्तर पर सफलता के रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें भारतीय जूनियर पुरुष टीम का कोच नियुक्त किया।
पी.आर. श्रीजेश की जगह किसे नियुक्त किया गया और क्यों उनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हुआ?
पी.आर. श्रीजेश का जूनियर पुरुष हॉकी टीम के कोच के रूप में कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2025 में समाप्त हो गया था। उनकी जगह अब फ्रेडरिक सोयेज को नियुक्त किया गया है।
फ्रेडरिक सोयेज की प्रमुख कोचिंग उपलब्धियाँ क्या हैं?
सोयेज ने स्पेन को 2019 यूरोपियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और रियो 2016 व टोक्यो 2020 ओलंपिक में क्वार्टर-फाइनल तक पहुँचाया। इसके अलावा उन्होंने 2013 FIH जूनियर वर्ल्ड कप में फ्रांस को सिल्वर मेडल और 2025 यूरोपियन चैंपियनशिप में फ्रेंच अंडर-18 टीम को सिल्वर मेडल दिलाया।
यह नियुक्ति भारतीय हॉकी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
हॉकी इंडिया के अनुसार, यह नियुक्ति 2036 ओलंपिक तक निरंतर सफलता और खेल में आत्मनिर्भरता की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। सोयेज का ओलंपिक-स्तरीय कोचिंग अनुभव भारतीय जूनियर खिलाड़ियों को वैश्विक मंच के लिए तैयार करने में सहायक माना जा रहा है।
सोयेज ने फ्रेंच हॉकी फेडरेशन में क्या भूमिका निभाई?
फ्रेडरिक सोयेज ने 2021 से 2024 तक फ्रेंच हॉकी फेडरेशन के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर के रूप में कार्य किया। इस भूमिका में उन्होंने फ्रांस के उच्च-प्रदर्शन कार्यक्रमों की देखरेख की, जिससे उनकी प्रशासनिक और तकनीकी विशेषज्ञता और सुदृढ़ हुई।
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