फ्रेंच ओपन 2026: बालाजी-डेमोलिनर ने छठी वरीयता को हराकर क्वार्टरफाइनल में बनाई जगह, अर्णव 'राउंड ऑफ 16' में
सारांश
मुख्य बातें
एन. श्रीराम बालाजी और उनके ब्राजीलियाई जोड़ीदार मार्सेलो डेमोलिनर ने फ्रेंच ओपन 2026 के मेंस डबल्स क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच दिया। सोमवार, 1 जून को स्टेड रोलैंड गैरोस, पेरिस में इस इंडो-ब्राजीलियन जोड़ी ने छठी वरीयता प्राप्त जर्मन जोड़ी केविन क्राविएट्ज और टिम पुएट्ज को 7-5, 6-4 से पराजित किया। यह दोनों खिलाड़ियों के करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टरफाइनल है।
मुख्य घटनाक्रम
यह प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला मात्र 1 घंटे 25 मिनट में समाप्त हुआ, जो बालाजी-डेमोलिनर की क्ले कोर्ट पर संयमित और आक्रामक रणनीति का प्रमाण है। टूर्नामेंट में यह उनकी लगातार तीसरी जीत है। इससे पहले दूसरे दौर में उन्होंने जर्मनी के जैकब श्नाइटर और मार्क वालनर को 7-5, 6-2 से हराया था।
भारतीय चुनौती का मिश्रित चित्र
मेंस डबल्स में जहाँ बालाजी-डेमोलिनर ने उम्मीदें जगाई हैं, वहीं भारत के युकी भांबरी और न्यूजीलैंड के माइकल वीनस की जोड़ी दूसरे दौर में बाहर हो गई। अनुभवी इतालवी जोड़ी सिमोन बोलेली और एंड्रिया ववास्सोरी ने उन्हें 3-6, 4-6 से पराजित किया। गौरतलब है कि भांबरी-वीनस ने पहले दौर में अर्जेंटीना के फ्रांसिस्को सेरुंडोलो और मारियानो केस्टेलबोइम को 7-5, 6-2 से हराकर अच्छी शुरुआत की थी।
मिक्स्ड डबल्स में भांबरी का सफर थमा
मिक्स्ड डबल्स में भी भारत को निराशा हाथ लगी। युकी भांबरी और रूस की एलेक्जेंड्रा पैनोवा की जोड़ी दूसरे दौर में पिछले साल के सेमीफाइनलिस्ट नील स्कुपस्की (ग्रेट ब्रिटेन) और डेसिरे क्रावजिक (अमेरिका) के हाथों 1-6, 3-6 से हार गई।
जूनियर वर्ग में अर्णव पापरकर का दमदार प्रदर्शन
जूनियर प्रतियोगिता में अर्णव पापरकर ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने चीनी ताइपे के 15वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कुआन-शौ चेन को 6-2, 6-4 से हराकर लड़कों के एकल 'राउंड ऑफ 16' में प्रवेश किया। पापरकर लड़कों के डबल्स में भी खेलेंगे, जहाँ उनका सामना थाईलैंड के कुनानन पंतारटॉर्न, ग्रेट ब्रिटेन के मार्क सेबान और रूस के किरिल फिलारेतोव की जोड़ी से होगा।
क्या होगा आगे
बालाजी-डेमोलिनर का क्वार्टरफाइनल मुकाबला अब नज़दीक है और यदि वे इस चरण को पार करते हैं, तो यह भारतीय टेनिस के लिए ग्रैंड स्लैम डबल्स में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। अर्णव पापरकर के दोहरे अभियान पर भी सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।