फ्रेंच ओपन 2026: ज्वेरेव ने जोडर को 7-6, 6-1, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई
सारांश
मुख्य बातें
दूसरी वरीयता प्राप्त जर्मन खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने मंगलवार को पेरिस के रोलैंड गैरोस में फ्रेंच ओपन के क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में युवा स्पेनिश खिलाड़ी राफेल जोडर को 7-6 (3), 6-1, 6-3 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ ज्वेरेव पिछले 6 वर्षों में पाँचवीं बार रोलैंड गैरोस के अंतिम चार में पहुँचे हैं और अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर खेले गए इस मुकाबले में 29 वर्षीय ज्वेरेव को पहले सेट में 19 वर्षीय जोडर ने कड़ी टक्कर दी। एक समय जोडर ने सर्व तोड़कर 5-2 की निर्णायक बढ़त बना ली थी, लेकिन यहीं से मैच का रुख पलट गया।
ज्वेरेव ने अगले छह में से पाँच गेम जीतकर मुकाबले को टाई-ब्रेक तक खींचा, फिर 3-3 की बराबरी के बाद लगातार चार अंक हासिल कर पहला सेट अपने नाम कर लिया। पूरा मुकाबला 2 घंटे 17 मिनट तक चला।
दूसरे और तीसरे सेट में दबदबा
पहला सेट हाथ से निकल जाने के बाद जोडर की लय टूट गई। ज्वेरेव ने अपनी पहली सर्व पर 71 प्रतिशत अंक जीते और जोरदार फोरहैंड के सहारे दूसरे सेट में 1-1 की बराबरी से लगातार सात गेम जीतकर मुकाबले पर पकड़ बनाई। तीसरे सेट में भी जर्मन खिलाड़ी ने अपनी रणनीतिक श्रेष्ठता बनाए रखी और 6-3 से सेट निपटाकर जीत दर्ज की।
उल्लेखनीय है कि जोडर इस सीज़न क्ले कोर्ट पर 19 जीत के साथ सबसे आगे चल रहे थे, और उनका यह प्रदर्शन उन्हें भविष्य के बड़े खिलाड़ियों में शुमार करता है।
खिताब के दावेदार के रूप में उभरे ज्वेरेव
ज्वेरेव ने इस साल टूर्नामेंट के पाँच मुकाबलों में अब तक केवल एक सेट गँवाया है। जानिक सिनर और नोवाक जोकोविच जैसे दिग्गजों के टूर्नामेंट से बाहर हो जाने के बाद ज्वेरेव की राह काफ़ी आसान मानी जा रही है। पिछले साल वह इसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचे थे, लेकिन खिताब से चूक गए थे।
उनका सेमीफाइनल मुक़ाबला याकूब मेन्सिक और जोआओ फोंसेका के बीच होने वाले क्वार्टर-फाइनल विजेता से होगा।
मैच के बाद ज्वेरेव का बयान
मुक़ाबले के बाद ज्वेरेव ने कहा, 'यह काफी मुश्किल था। पहले सेट में वह लय में थे। मैं बहुत पीछे था और बहुत ज़्यादा डिफेंसिव खेल रहा था। गेंद उतनी ऊँची नहीं उछल रही थी, इसलिए मुझे थोड़ा ज़्यादा सीधा खेलना पड़ा।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं आगे बढ़ना चाहता हूँ। मैं टूर्नामेंट में बने रहना चाहता हूँ। मैं उन मुक़ाबलों को जीतना चाहता हूँ जिन्हें मैं पहले नहीं जीत पाया था। यही मेरा लक्ष्य है। आज एक बहुत अच्छे खिलाड़ी के ख़िलाफ़ मेरा कड़ा इम्तिहान था। मैं सेमीफाइनल में पहुँचकर खुश हूँ।'
क्या होगा आगे
अब निगाहें ज्वेरेव के सेमीफाइनल मुक़ाबले पर टिकी होंगी, जहाँ उन्हें अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर एक और कदम बढ़ाने का मौक़ा मिलेगा। टेनिस विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और शीर्ष खिलाड़ियों की अनुपस्थिति को देखते हुए, यह उनके लिए अब तक का सबसे बेहतरीन अवसर हो सकता है।