ज्वेरेव ने फ्रेंच ओपन 2025 जीता: कोबोली को 5 सेट में हराकर पहला ग्रैंड स्लैम खिताब
सारांश
मुख्य बातें
अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने 7 जून 2025 को रोलैंड गैरोस के प्रतिष्ठित कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर फ्लेवियो कोबोली को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से पराजित कर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया। 4 घंटे 20 मिनट के इस रोमांचक फाइनल में जर्मन खिलाड़ी ने 2-1 की बढ़त गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए निर्णायक पाँचवें सेट में अपना दबदबा कायम किया।
मुख्य घटनाक्रम
पहले सेट में ज्वेरेव ने शुरुआती गेम में ही कोबोली की सर्विस तोड़ दी और बेसलाइन पर पूरी तरह हावी रहे। उनकी धारदार सर्विस और ग्राउंडस्ट्रोक के सामने इटैलियन खिलाड़ी कोई लय नहीं बना पाए और पहला सेट महज 34 मिनट में समाप्त हो गया।
दूसरे सेट में अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में खेल रहे 24 वर्षीय कोबोली ने आक्रामक टेनिस से वापसी की। चतुर ड्रॉप शॉट्स और सटीक फोरहैंड के दम पर उन्होंने 4-4 के स्कोर पर ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और सेट अपने नाम कर मैच को बराबरी पर ला दिया।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ी 10वें गेम तक बराबरी पर रहे, लेकिन कोबोली की कुछ अनफोर्स्ड गलतियों ने ज्वेरेव को निर्णायक ब्रेक दिलाया और जर्मन खिलाड़ी ने 2-1 की बढ़त बना ली।
चौथे सेट का नाटकीय पलटवार
चौथे सेट में ज्वेरेव पर दबाव स्पष्ट दिखा — उन्होंने पहले गेम में ब्रेक का मौका दिया और 4-3 से पीछे रहते हुए सर्विस भी गंवाई। हालाँकि उन्होंने जूझते हुए स्कोर 5-5 तक पहुँचाया, लेकिन टाई-ब्रेक में कोबोली ने 1-3 से पीछे होने के बावजूद शानदार वापसी की और एक बेहतरीन फोरहैंड विनर के साथ सेट जीतकर मैच को पाँचवें सेट तक ले गए।
पाँचवाँ सेट — ज्वेरेव का सर्वश्रेष्ठ टेनिस
निर्णायक सेट में ज्वेरेव ने मैच का अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस पेश किया। 83 प्रतिशत फर्स्ट-सर्व पॉइंट जीतने के साथ-साथ लगातार ग्राउंडस्ट्रोक से उन्होंने कोबोली को गलतियाँ करने पर मजबूर किया। दूसरी वरीयता प्राप्त ज्वेरेव ने शुरुआत में ही ब्रेक हासिल किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा — अपने सामने आए सभी चार ब्रेक पॉइंट बचाते हुए 6-1 से सेट और खिताब दोनों जीत लिए।
ऐतिहासिक उपलब्धि
इस खिताब के साथ 29 वर्षीय ज्वेरेव ने अपने करियर के सबसे लंबे इंतजार को खत्म किया। इससे पहले वे 2020 के यूएस ओपन, 2024 के रोलैंड गैरोस और 2025 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में हार का सामना कर चुके थे। यह जीत उनकी पहले से ही शानदार उपलब्धियों — 2 एटीपी फाइनल्स खिताब, 7 मास्टर्स 1000 खिताब और 1 ओलंपिक स्वर्ण पदक — में एक ग्रैंड स्लैम का मुकुट जोड़ती है।
गौरतलब है कि ज्वेरेव 1937 में हेनर हेनकेल के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बने हैं। इसके अलावा, 1996 में बोरिस बेकर की ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत के बाद कोई भी ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले वे पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी भी हैं — यानी जर्मन टेनिस में लगभग तीन दशकों का सूखा समाप्त हुआ।
आगे क्या
इस खिताब के साथ ज्वेरेव विश्व रैंकिंग में और मजबूत स्थान पर आ जाएँगे। टेनिस विशेषज्ञों की नजर अब इस पर होगी कि क्या यह जीत उनके खेल में नई आत्मविश्वास की लहर लाती है और वे विम्बलडन 2025 में भी दावेदारी पेश कर सकते हैं।