ज्वेरेव ने जीता फ्रेंच ओपन 2026 का पहला ग्रैंड स्लैम, सचिन बोले — 'हमेशा लगा वह खास खिलाड़ी हैं'
सारांश
मुख्य बातें
अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने 8 जून 2026 को रोलैंड-गैरोस में फ्रेंच ओपन 2026 का पुरुष एकल खिताब जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम अपने नाम किया। जर्मनी के इस स्टार खिलाड़ी ने फाइनल में इटली के फ्लेवियो कोबोली को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से हराया। इस ऐतिहासिक जीत पर भारत के क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ज्वेरेव को बधाई दी।
मुख्य घटनाक्रम
फाइनल मुकाबला 4 घंटे 20 मिनट तक चला और रोमांच से भरपूर रहा। ज्वेरेव ने पहला सेट आक्रामक अंदाज में 6-1 से जीता। दूसरे सेट में कोबोली ने शानदार वापसी करते हुए 6-4 से सेट अपने नाम किया। तीसरा सेट फिर ज्वेरेव के पक्ष में गया, जबकि चौथे सेट में कोबोली ने टाई-ब्रेकर तक मुकाबले को खींचते हुए 6-7 (5) से बराबरी की। निर्णायक पाँचवें सेट में ज्वेरेव ने दबदबा बनाते हुए 6-1 से मैच और खिताब दोनों जीत लिए।
सचिन तेंदुलकर की बधाई
भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा, 'कभी-कभी टेनिस आपको वह लौटाने में बहुत लंबा समय लेता है, जिसके लिए खिलाड़ी मेहनत कर रहा होता है। रोलैंड-गैरोस में अलेक्जेंडर ज्वेरेव को अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतते देखना अच्छा लगा। हमेशा लगा कि वह एक खास खिलाड़ी हैं। जिस तरह का मुकाबला देखने को मिला, उसका श्रेय फ्लेवियो कोबोली को भी जाता है। दोनों खिलाड़ियों ने खेल को अपना सब कुछ दिया।' गौरतलब है कि सचिन की यह प्रतिक्रिया टेनिस के प्रति भारतीय खेल जगत की बढ़ती रुचि को भी दर्शाती है।
ज्वेरेव का लंबा इंतजार खत्म
ज्वेरेव के लिए यह जीत विशेष रूप से भावनात्मक रही, क्योंकि वह इससे पहले तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल में हार चुके थे — 2020 यूएस ओपन, 2024 फ्रेंच ओपन और 2025 में भी। यह ऐसे समय में आया है जब टेनिस की नई पीढ़ी ग्रैंड स्लैम मंच पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है।
ऐतिहासिक उपलब्धि
ज्वेरेव हेनर हेनकेल के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने हैं — हेनकेल ने यह खिताब 1937 में जीता था, यानी 89 साल बाद जर्मनी को यह गौरव मिला। इससे पहले ज्वेरेव 2 एटीपी फाइनल्स खिताब, 7 मास्टर्स 1000 खिताब और 1 ओलंपिक गोल्ड जीत चुके हैं, लेकिन ग्रैंड स्लैम की कमी उनके करियर में एक बड़ा सवाल बनी हुई थी।
आगे क्या
इस खिताब के साथ ज्वेरेव की ATP रैंकिंग में और सुधार की उम्मीद है। टेनिस जगत अब विम्बलडन 2026 में उनके प्रदर्शन पर नज़र रखेगा, जहाँ वह इस जीत की रफ्तार को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे।