फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल: कोस्तयुक ने फिर नहीं मिलाया आंद्रीवा से हाथ, युद्ध की परछाईं रोलैंड गैरोस पर
सारांश
मुख्य बातें
मार्ता कोस्तयुक (यूक्रेन) और मीरा आंद्रीवा (रूस) के बीच 4 जून 2025 को रोलैंड गैरोस के कोर्ट फिलिप-चैटरियर पर खेले गए फ्रेंच ओपन महिला सिंगल्स सेमीफाइनल के बाद दोनों खिलाड़ियों ने नेट पर हाथ नहीं मिलाए — एक ऐसा दृश्य जो 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से पेशेवर टेनिस में भू-राजनीतिक तनाव का प्रतीक बन चुका है। आंद्रीवा ने यह मुकाबला 6-1, 6-3 से जीतकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह पक्की की।
मैदान पर क्या हुआ
मैच शुरू होने से पहले ही यह अनुमान था कि पारंपरिक हाथ मिलाने की रस्म नहीं होगी। कोस्तयुक पिछले चार वर्षों से डब्ल्यूटीए टूर पर किसी भी रूसी या बेलारूसी प्रतिद्वंद्वी के साथ मैच के बाद हाथ मिलाने से इनकार करती आई हैं। आंद्रीवा के 6-1, 6-3 की निर्णायक जीत के बाद भी यह रुख नहीं बदला — दोनों खिलाड़ी बिना हाथ मिलाए कोर्ट से अलग हो गईं।
कोस्तयुक का अडिग रुख
विश्व रैंकिंग में 15वें स्थान पर काबिज कोस्तयुक इस मुद्दे पर टूर की सबसे मुखर यूक्रेनी खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। हमवतन खिलाड़ियों एलिना स्वितोलिना और दयाना यास्त्रेम्स्का के साथ मिलकर उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि यह कदम यूक्रेन के प्रति उनकी व्यक्तिगत एकजुटता की अभिव्यक्ति है। इस सीजन की शुरुआत में मैड्रिड ओपन के फाइनल में भी — जहाँ कोस्तयुक ने खिताब जीता था — उन्होंने आंद्रीवा से हाथ मिलाए बिना कोर्ट छोड़ दिया था।
युद्ध की छाया: कोर्ट के बाहर की पीड़ा
पेरिस में हमवतन एलिना स्वितोलिना के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जीत के बाद कोस्तयुक ने अपनी उपलब्धि यूक्रेन के लोगों को समर्पित की और कीव में हुई एक और कठिन रात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ताजा खबरें मिलने पर उनकी पहली प्रतिक्रिया परिवार से संपर्क कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उनके अनुसार, सार्वजनिक मंच से बोलते रहना उन कुछ तरीकों में से एक है जिनसे खिलाड़ी युद्ध के मानवीय नुकसान पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान बनाए रख सकते हैं।
टेनिस में बड़े बदलाव का संकेत
हाथ मिलाना टेनिस में खेल भावना का सबसे पुराना प्रतीक माना जाता है, लेकिन पिछले चार वर्षों में यह रस्म राजनीतिक बयान का रूप ले चुकी है। यह स्थिति टूर्नामेंट, प्रतिद्वंद्वी या अवसर से परे एक सुसंगत नीति बन गई है — और रोलैंड गैरोस के मंच पर इसकी पुनरावृत्ति ने एक बार फिर खेल और भू-राजनीति के बीच की महीन रेखा को उजागर किया। आंद्रीवा अब अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में उतरेंगी — और यह सवाल बना रहेगा कि मैदान के बाहर का तनाव कोर्ट के भीतर कब तक परछाईं डालता रहेगा।