ऋतुराज गायकवाड़ इंडिया ए में शामिल, चोटिल पराग श्रीलंका त्रिकोणीय सीरीज से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
ऋतुराज गायकवाड़ को 9 जून से श्रीलंका में शुरू होने वाली वनडे त्रिकोणीय सीरीज के लिए इंडिया ए टीम में शामिल किया गया है। दाएं हाथ के ओपनर को हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर हुए उप-कप्तान रियान पराग की जगह टीम में लिया गया है। बीसीसीआई ने 31 मई को यह जानकारी दी।
बीसीसीआई की आधिकारिक घोषणा
बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) की ओर से रविवार को जारी बयान में कहा गया, 'पुरुष चयन समिति ने श्रीलंका में होने वाली आगामी त्रिकोणीय सीरीज के लिए इंडिया ए टीम में ऋतुराज गायकवाड़ को शामिल किया है। उन्होंने उप-कप्तान रियान पराग की जगह ली है। पराग हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं। रियान के रिहैबिलिटेशन का प्रबंधन बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) द्वारा किया जाएगा।'
पराग की चोट और आईपीएल 2026 का सफर
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) की कप्तानी करने वाले पराग लीग के दौरान ही हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे। इस कारण वे लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मैच नहीं खेल पाए। शुक्रवार को न्यू चंडीगढ़ में क्वालीफायर 2 में आरआर को जीटी से 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में पराग कंधे की चोट से उबरने के लिए भी सीओई में रह चुके हैं। अब वे बेंगलुरु स्थित सीओई में हैमस्ट्रिंग रिहैब से गुजरेंगे।
गायकवाड़ का आईपीएल 2026 प्रदर्शन और इंडिया ए में भूमिका
आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की कप्तानी संभालने वाले गायकवाड़ का प्रदर्शन अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने 14 मैचों में 28.08 की औसत और 123.44 के स्ट्राइक रेट से कुल 337 रन बनाए। हालांकि, गायकवाड़ भारतीय सीनियर टीम के लिए वनडे फॉर्मेट में पहले खेल चुके हैं। इंडिया ए टीम में वे तिलक वर्मा और अंशुल कंबोज के साथ ऐसे तीसरे खिलाड़ी होंगे जो भारतीय सीनियर टीम के लिए डेब्यू कर चुके हैं।
त्रिकोणीय सीरीज का स्वरूप और पूरी टीम
इस त्रिकोणीय सीरीज में इंडिया ए और श्रीलंका ए के अलावा अफगानिस्तान ए भी शामिल है। तिलक वर्मा टीम की कप्तानी करेंगे जबकि अब ऋतुराज गायकवाड़ उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे।
त्रिकोणीय सीरीज के लिए इंडिया ए टीम: तिलक वर्मा (कप्तान), ऋतुराज गायकवाड़ (उप-कप्तान), प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, आयुष बडोनी, निशांत सिंधु, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), विपराज निगम, यश ठाकुर, युद्धवीर सिंह, अंशुल कंबोज, अरशद खान और अनुकूल रॉय।
यह सीरीज युवा भारतीय क्रिकेटरों के लिए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खुद को साबित करने का अहम मौका होगी, खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो सीनियर टीम की दौड़ में हैं।