गौतम गंभीर के 45वें जन्मदिन पर याद करें नेपियर 2009 की वो 137 रन की ऐतिहासिक पारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अपना 45वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। दिल्ली में 14 अक्टूबर 1981 को जन्मे गंभीर न केवल एक सफल बल्लेबाज रहे, बल्कि कोचिंग में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके करियर की बात करें तो टी20 विश्व कप 2007 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 75 रन और वनडे विश्व कप 2011 के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 97 रन की पारियाँ जितनी चर्चित हैं, उतनी ही यादगार है न्यूजीलैंड के नेपियर में 2009 में खेली गई उनकी 137 रन की अविस्मरणीय टेस्ट पारी।
नेपियर टेस्ट 2009: संकट की घड़ी
न्यूजीलैंड ने उस टेस्ट मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 619 रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी। जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में मात्र 305 रन पर सिमट गई और उसे फॉलोऑन खेलने पर मजबूर होना पड़ा। मैच बचाने के लिए दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी अनिवार्य थी, अन्यथा हार तय थी।
गंभीर की अडिग पारी — 436 गेंद, 643 मिनट
दूसरी पारी में गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग पारी का आगाज़ करने उतरे। सहवाग महज 22 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद गंभीर ने राहुल द्रविड़ (62 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 133 रन की महत्त्वपूर्ण साझेदारी की, जिसमें दोनों ने मिलकर 376 गेंदें खेलीं।
द्रविड़ के आउट होने के बाद गंभीर ने सचिन तेंदुलकर (64 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 97 रन जोड़े — इस साझेदारी में 191 गेंदें खर्च हुईं। इसके पश्चात वीवीएस लक्ष्मण के साथ चौथे विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी में 289 गेंदें खेली गईं।
अंततः गंभीर 436 गेंदों पर 137 रन की पारी खेलकर चौथे विकेट के रूप में आउट हुए। उन्होंने क्रीज पर 643 मिनट बिताए — किसी भी बल्लेबाज के लिए असाधारण धैर्य और संकल्प का प्रतीक।
लक्ष्मण और युवराज ने बचाया मैच
गंभीर के विकेट के बाद वीवीएस लक्ष्मण (124 रन नाबाद, 212 गेंद) और युवराज सिंह (54 रन नाबाद, 63 गेंद) ने शेष समय सफलतापूर्वक निकाल कर मैच ड्रॉ करा लिया। मैच समाप्त होने पर भारत का स्कोर 4 विकेट पर 476 रन था।
यह ऐसे समय में आया जब न्यूजीलैंड अपने घरेलू मैदान पर प्रबल दावेदार था और भारत पर हार का खतरा मँडरा रहा था। द्रविड़, तेंदुलकर, लक्ष्मण और युवराज सभी ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन गंभीर की पारी टीम की रीढ़ बनी रही।
गंभीर का समग्र क्रिकेट करियर
बाएँ हाथ के सलामी बल्लेबाज गंभीर ने 2003 से 2016 के बीच भारत के लिए 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी20 मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 9 शतक और 22 अर्धशतक की मदद से 4,154 रन बनाए, जबकि वनडे में 11 शतक और 34 अर्धशतक के साथ 5,238 रन तथा टी20 में 7 अर्धशतक सहित 932 रन उनके नाम हैं। उन्होंने 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा।
कोच गंभीर की दूसरी पारी
9 जुलाई 2024 को भारतीय टीम के हेड कोच का पदभार संभालने के बाद गंभीर की कोचिंग में भारत ने ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 विश्व कप 2026 जीते। उनका कोचिंग कार्यकाल वनडे विश्व कप 2027 तक निर्धारित है। जन्मदिन के इस मौके पर उनकी वह नेपियर पारी एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों को याद आ रही है, जो बताती है कि दबाव में शांत रहना ही असली चैंपियन की पहचान है।