गावस्कर की रोहित से उम्मीद: संन्यास तक वनडे शतक उम्र से ज़्यादा हों
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज बल्लेबाज़ सुनील गावस्कर ने कहा है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 अक्टूबर 2026 को खेले गए तीसरे वनडे में रोहित शर्मा का 92 रन पर आउट होना उनके लिए निराशाजनक रहा, क्योंकि रोहित एक और शतक से चूक गए। गावस्कर ने यह भी कहा कि जब रोहित ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लें, तो उनके वनडे शतकों की संख्या उस वक्त उनकी उम्र से अधिक होनी चाहिए।
गावस्कर ने क्या कहा
जियोस्टार से बात करते हुए गावस्कर ने कहा, "रोहित के 92 रन पर आउट होने से मैं इसलिए निराश था, क्योंकि वह शतक नहीं बना पाए। हो सकता है कि वह ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ दें। उस खास समय पर, जब वह संन्यास लेने का फैसला करेंगे, तो निजी तौर पर मैं चाहूंगा कि रोहित के वनडे शतकों की संख्या उनकी उम्र से ज़्यादा हो।" उन्होंने आगे जोड़ा कि यदि रोहित तीसरे वनडे में शतक बना लेते, तो वह अपने 36वें शतक के साथ उस लक्ष्य के और करीब पहुंच जाते।
गावस्कर का अपना अनुभव
गावस्कर ने इस संदर्भ में अपना निजी अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी साल में वह अपनी उम्र के बराबर टेस्ट शतक बनाना चाहते थे, लेकिन तीन बार वह 90 से 100 के बीच आउट हो गए।
"अगर मैंने वे शतक बना लिए होते, तो मेरी टेस्ट सेंचुरियों की संख्या मेरे संन्यास की उम्र — जो 38 साल थी — के बराबर होती," गावस्कर ने कहा। उनके अनुसार किसी खिलाड़ी के शतकों की संख्या का उसकी रिटायरमेंट की उम्र से अधिक होना, उस खिलाड़ी की दीर्घकालिक श्रेष्ठता और निरंतरता का प्रमाण है।
रोहित की बैटिंग शैली में बदलाव
गावस्कर ने रोहित शर्मा की बल्लेबाज़ी में आए बदलाव की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2023 वनडे विश्व कप में रोहित ने पहली गेंद से आक्रामक बैटिंग का रास्ता चुना था, चाहे इससे जल्दी आउट होने का जोखिम क्यों न हो। अब रोहित अपने विकेट को अधिक महत्व देते हैं और बड़े स्कोर की दिशा में काम करते हैं।
"वह शतक बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं, न कि सिर्फ 30 40 रन बनाने वाले। अगर वह बड़ा स्कोर करते हैं, तो 70 80 गेंदों में सेंचुरी बना लेते हैं, जो 50 ओवर के खेल में एक शानदार स्कोरिंग रेट है," गावस्कर ने कहा।
रोहित के करियर का संदर्भ
गौरतलब है कि रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट के सबसे विस्फोटक सलामी बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं और उनके नाम पहले से ही 35 वनडे शतक दर्ज हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उनके एकदिवसीय करियर के आखिरी चरण को लेकर चर्चाएं तेज़ हो रही हैं। ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 को उनकी विदाई मंच के रूप में देखा जा रहा है, जिसके बाद वह क्रिकेट के सबसे लंबे और यादगार करियर को समाप्त कर सकते हैं।
आगे क्या
रोहित के लिए अब हर वनडे पारी एक और शतक की संभावना लेकर आती है — न केवल टीम के लिहाज़ से, बल्कि गावस्कर की उस व्यक्तिगत इच्छा के लिए भी। यदि रोहित अगले कुछ महीनों में यह लक्ष्य हासिल कर लेते हैं, तो यह भारतीय क्रिकेट इतिहास की एक अनूठी उपलब्धि बन जाएगी।