हैरी केन इंग्लैंड के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर — 1966 विश्व कप हीरो सर ज्योफ हर्स्ट ने बॉबी मूर से की तुलना
सारांश
मुख्य बातें
सर ज्योफ हर्स्ट — 1966 फीफा विश्व कप फाइनल में हैट्रिक के नायक — ने हैरी केन को इंग्लैंड का अब तक का सबसे महान स्ट्राइकर करार दिया है। फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल से पहले हर्स्ट ने केन की गोल करने की क्षमता, रिकॉर्ड और नेतृत्व-शैली की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केन ने इंग्लैंड की राष्ट्रीय जर्सी पहनने वाले हर स्ट्राइकर को पीछे छोड़ दिया है।
हर्स्ट का बयान: 'केन इंग्लैंड के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी'
हर्स्ट ने इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना सेमीफाइनल की पूर्व संध्या पर कहा, 'केन इंग्लैंड के सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं। उनका रिकॉर्ड कमाल का है। हमने इस टूर्नामेंट में देखा है, वे ज़रूरी मैचों में गोल कर रहे हैं। उनका नेतृत्व प्रभावी और स्पष्ट है। मैच के बाद वह खिलाड़ियों से बात करते हैं। अपने खेलने के तरीके और व्यवहार की वजह से वह एक बेहतरीन उदाहरण हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब केन विश्व कप 2026 में अब तक 6 गोल दाग चुके हैं और टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर की दौड़ में हैं।
बॉबी मूर से तुलना: नेतृत्व की विरासत
हर्स्ट ने केन की नेतृत्व क्षमता की तुलना बॉबी मूर से की — वही कप्तान जिन्होंने छह दशक पहले वेम्बली में जूल्स रिमेट ट्रॉफी उठाई थी। हर्स्ट ने कहा, 'जिंदगी के हर क्षेत्र में, चाहे वह व्यापार हो या फुटबॉल, कुछ ऐसे लोग होते हैं जो अपने आप उन्हें बॉस, कप्तान के तौर पर देखते हैं। मेरे समय में यह साफ तौर पर बॉबी मूर थे।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'बचपन में वह ऐसे ही थे और ऐसे ही काम करते थे। खिलाड़ी और प्रबंधन उन्हें कप्तान बनाने के लिए आदर्श विकल्प मानते थे। मुझे लगता है कि हैरी केन बिल्कुल उसी तरह के हैं — मैदान पर ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी, वे शानदार हैं।'
रिकॉर्ड बुक में केन: मूर को भी पछाड़ा
बतौर कप्तान, हैरी केन ने बॉबी मूर को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक मैच खेलने वाले कप्तान का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। गौरतलब है कि 1966 के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड किसी विश्व कप के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना जैसी मज़बूत टीम से भिड़ने जा रही है। इंग्लैंड ने क्वार्टरफाइनल में नॉर्वे को हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में केन से उम्मीदें
इंग्लैंड के फैंस को इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना सेमीफाइनल में केन से एक बार फिर करिश्माई प्रदर्शन की उम्मीद है। 1966 के बाद अपना दूसरा विश्व कप खिताब जीतने की कोशिश में जुटी इंग्लैंड टीम के लिए केन की फॉर्म और नेतृत्व सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। हर्स्ट जैसे दिग्गज की मुहर ने केन की दावेदारी को और मज़बूत कर दिया है।