9 सितंबर 2026
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विमेंस एशिया कप 2026: अंपायर के फैसले पर आपत्ति जताना पड़ा महंगा, ICC ने पाकिस्तान की गुल फिरोजा पर मैच फीस का 10% जुर्माना ठोका

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विमेंस एशिया कप 2026: अंपायर के फैसले पर आपत्ति जताना पड़ा महंगा, ICC ने पाकिस्तान की गुल फिरोजा पर मैच फीस का 10% जुर्माना ठोका

सारांश

विमेंस एशिया कप 2026 में पाकिस्तानी बल्लेबाज गुल फिरोजा ने LBW आउट होने के बाद बल्ले की ओर इशारा कर अंपायर के फैसले पर असहमति जताई — और ICC ने मैच फीस का 10% जुर्माना व एक डिमेरिट प्वाइंट से दंडित किया। 24 महीनों में यह उनका दूसरा अनुशासनात्मक मामला है।

मुख्य बातें

गुल फिरोजा पर ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 के उल्लंघन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।
घटना 8 सितंबर 2026 को दुबई में हांगकांग, चीन के खिलाफ मैच के 5वें ओवर में हुई।
फिरोजा के खाते में 24 महीनों में अब 2 डिमेरिट प्वाइंट हो गए हैं — पहला 23 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिला था।
मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास द्वारा प्रस्तावित दंड फिरोजा ने स्वीकार किया, औपचारिक सुनवाई नहीं हुई।
4 या अधिक डिमेरिट प्वाइंट होने पर सस्पेंशन का खतरा; 2 सस्पेंशन प्वाइंट = 1 टेस्ट / 2 वनडे / 2 टी20 का प्रतिबंध।

पाकिस्तानी बल्लेबाज गुल फिरोजा को विमेंस एशिया कप 2026 में 8 सितंबर को दुबई में हांगकांग, चीन के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान ICC आचार संहिता का उल्लंघन करना महंगा पड़ गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है और उनके खाते में एक डिमेरिट प्वाइंट जोड़ा गया है। यह 24 महीनों की अवधि में फिरोजा का दूसरा अनुशासनात्मक मामला है।

मैदान पर क्या हुआ

यह घटना पाकिस्तानी पारी के 5वें ओवर के दौरान हुई, जब फिरोजा को LBW आउट करार दिया गया। आउट होने के बाद फिरोजा ने अपने बल्ले की ओर इशारा करते हुए अंपायर के फैसले पर खुलकर असहमति जताई और यह दर्शाने की कोशिश की कि गेंद उनके बल्ले के किनारे से लगी थी। यह हाव-भाव ICC के नियमों के तहत अंपायर के अधिकार को चुनौती देने के रूप में दर्ज किया गया।

ICC आचार संहिता का उल्लंघन

फिरोजा को ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के निर्णय पर सार्वजनिक असहमति को प्रतिबंधित करता है। यह लेवल 1 का उल्लंघन है, जिसके लिए न्यूनतम दंड आधिकारिक फटकार और अधिकतम दंड मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना तथा एक या दो डिमेरिट प्वाइंट है।

आरोप ऑन-फील्ड अंपायर रबाब अहसान और रोकेया सुल्ताना, थर्ड अंपायर शिवानी मिश्रा तथा फोर्थ अंपायर शथिरा जाकिर द्वारा लगाए गए थे।

सुनवाई और सजा की स्वीकृति

फिरोजा ने एमिरेट्स ICC इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सुप्रिया रानी दास द्वारा प्रस्तावित दंड को स्वीकार कर लिया, जिसके चलते औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। गौरतलब है कि फिरोजा को पहला डिमेरिट प्वाइंट 23 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप लीग मैच के दौरान हुई एक अलग घटना के लिए मिला था।

आगे क्या होगा — निलंबन का खतरा

ICC की अनुशासनात्मक प्रणाली के अनुसार, 24 महीनों की अवधि में चार या उससे अधिक डिमेरिट प्वाइंट जमा होने पर उन्हें सस्पेंशन प्वाइंट्स में बदल दिया जाता है। दो सस्पेंशन प्वाइंट्स का अर्थ है — 1 टेस्ट, 2 वनडे या 2 टी20 का प्रतिबंध, जो भी खिलाड़ी के कार्यक्रम में पहले आए। अभी फिरोजा के खाते में 2 डिमेरिट प्वाइंट हैं, यानी वह सस्पेंशन की सीमा से अभी दूर हैं, लेकिन किसी और उल्लंघन पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि प्रणाली में अधिकतम 50% जुर्माने का प्रावधान है। महिला क्रिकेट में अनुशासन की यह बढ़ती निगरानी एक स्वस्थ संकेत है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या पुरुष और महिला क्रिकेट में दंड का पैमाना एकसमान है — एक तुलना जो ICC को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करनी चाहिए।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुल फिरोजा पर ICC ने जुर्माना क्यों लगाया?
विमेंस एशिया कप 2026 में हांगकांग, चीन के खिलाफ मैच के दौरान LBW आउट दिए जाने पर गुल फिरोजा ने बल्ले की ओर इशारा करके अंपायर के फैसले पर असहमति जताई। ICC ने इसे आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन मानते हुए मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट प्वाइंट दिया।
ICC आचार संहिता का अनुच्छेद 2.8 क्या है?
ICC आचार संहिता का अनुच्छेद 2.8 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के किसी भी निर्णय पर खिलाड़ी या सहायक कर्मी द्वारा सार्वजनिक असहमति जताने पर रोक लगाता है। यह लेवल 1 उल्लंघन है, जिसमें फटकार से लेकर मैच फीस के 50% तक जुर्माना और 1-2 डिमेरिट प्वाइंट का प्रावधान है।
गुल फिरोजा के कुल कितने डिमेरिट प्वाइंट हो गए हैं?
इस दंड के बाद 24 महीनों की अवधि में गुल फिरोजा के कुल 2 डिमेरिट प्वाइंट हो गए हैं। पहला प्वाइंट 23 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप लीग मैच के दौरान मिला था।
ICC में कितने डिमेरिट प्वाइंट पर प्रतिबंध लगता है?
ICC की प्रणाली के अनुसार 24 महीनों में 4 या उससे अधिक डिमेरिट प्वाइंट जमा होने पर उन्हें सस्पेंशन प्वाइंट्स में बदला जाता है। 2 सस्पेंशन प्वाइंट बनने पर खिलाड़ी पर 1 टेस्ट, 2 वनडे या 2 टी20 का प्रतिबंध लगाया जाता है, जो भी पहले आए।
इस मामले में सुनवाई कैसे हुई?
एमिरेट्स ICC इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सुप्रिया रानी दास ने दंड प्रस्तावित किया, जिसे गुल फिरोजा ने स्वीकार कर लिया। इसके चलते औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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