गुल फिरोजा पर ICC का जुर्माना: विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बल्ला फेंकना पड़ा महंगा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तानी बल्लेबाज गुल फिरोजा को विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ए मैच के दौरान आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया गया है। उन्हें आधिकारिक फटकार के साथ-साथ उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। यह घटना 23 जून को लीड्स में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेले गए मुकाबले के दौरान सामने आई।
क्या हुआ मैदान पर
पाकिस्तानी पारी के दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर फिरोजा रन आउट हो गईं। इसके तुरंत बाद उन्होंने टीम डगआउट के पास गुस्से में अपना बल्ला और दस्ताने फेंक दिए, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मर्यादा के विपरीत माना गया।
आईसीसी आचार संहिता का कौन-सा नियम टूटा
फिरोजा पर आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट के सामान, कपड़ों, मैदान के उपकरणों या फिक्स्चर एवं फिटिंग के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाता है। चूँकि यह 24 महीने की अवधि में उनका पहला अपराध था, इसलिए न्यूनतम सजा — अर्थात आधिकारिक फटकार और एक डिमेरिट अंक — दी गई।
आरोप ऑन-फील्ड अंपायर सू रेडफर्न और वृंदा राठी, थर्ड अंपायर जैकलीन विलियम्स तथा फोर्थ अंपायर शथिरा जाकिर जेसी ने लगाया था।
फिरोजा ने मानी सज़ा
फिरोजा ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरीज की मैच रेफरी मिशेल परेरा द्वारा प्रस्तावित सजा को मान लिया, जिससे किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। लेवल-1 उल्लंघन में न्यूनतम आधिकारिक फटकार से लेकर अधिकतम मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक से दो डिमेरिट अंक तक की सजा हो सकती है।
मैच का हाल: ऑस्ट्रेलिया की बड़ी जीत
23 जून को खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट खोकर 199 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। एलिस पेरी ने 48 गेंदों में 71 रन की दमदार पारी खेली, जबकि जॉर्जिया वोल ने 39 रन का योगदान दिया। जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम केवल 13.4 ओवरों में 86 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान की ओर से मुनीबा अली ने सर्वाधिक 32 रन बनाए।
पाकिस्तान की टूर्नामेंट में स्थिति
शुरुआती चारों मैच गँवाने के बाद पाकिस्तान ग्रुप-ए की अंक तालिका में पाँचवें स्थान पर है और खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी है। टीम का अंतिम ग्रुप मुकाबला 27 जून को नीदरलैंड के खिलाफ होना है, जो अब केवल औपचारिकता बन कर रह गया है।