हरियाणा में खेल क्रांति: CM नायब सिंह सैनी ने विजन-2047 के तहत ओलंपिक 2036 रोडमैप की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार, 27 मई 2026 को हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत खेल विभाग के पाँच वर्षीय रोडमैप और एक्शन प्लान की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने ग्रामीण स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें ओलंपिक 2036 के लिए तैयार करने की दीर्घकालिक रणनीति पर ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा पहले से ही देश का खेल पावरहाउस है, और अब इस विरासत को जमीनी स्तर तक मज़बूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
गाँव स्तर पर प्रतिभा की पहचान
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंचायतों, स्कूलों और खेल विभाग को मिलकर एक संयुक्त एक्शन प्लान तैयार करना होगा। गाँव स्तर पर खेल में रुझान रखने वाले बच्चों की पहचान की जाएगी और उन्हें उनकी पसंद के खेल में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की भूमि का उपयोग खेल गतिविधियों के लिए किया जाए और इच्छुक बच्चों का वहाँ पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
स्टेडियम और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को निर्देश दिया कि गाँवों में भी स्टेडियम बनाए जाएँ ताकि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को उचित मंच मिल सके। साथ ही, राज्य भर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लगे सभी उपकरणों की नियमित जाँच अनिवार्य की जाए ताकि किसी भी खिलाड़ी को दुर्घटना का सामना न करना पड़े। यह निर्देश खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की संजीदगी को दर्शाता है।
ओलंपिक 2036 की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक 2036 को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना जल्द से जल्द लागू होनी चाहिए। इसके लिए 10 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों की पहचान की जाएगी, उनकी खेल क्षमता को निखारा जाएगा और उनके लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएँगे। हर ज़िले में खेल के अनुसार युवा प्रतिभाओं का डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि कौन-से क्षेत्र में किस खेल में कितने युवा प्रतिभाशाली हैं।
डिजिटल पोर्टल और डेटा प्रबंधन
सैनी ने खेल विभाग को एक समर्पित पोर्टल बनाने का निर्देश दिया, जिसमें प्रखंड स्तर पर खेल गतिविधियों में भाग लेने वाले सभी बच्चों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज हो। यह पोर्टल प्रतिभाओं की निगरानी, प्रशिक्षण की प्रगति और संसाधनों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। गौरतलब है कि यह कदम खेल नीति में डेटा-आधारित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
स्कूल से बाहर के बच्चों को भी खेल से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू पर भी ध्यान दिलाया — जो बच्चे स्कूल नहीं जाते, उन्हें भी खेल से जोड़ा जाना चाहिए। उनका तर्क था कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम है, बल्कि यह युवाओं को नशे और नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने का भी प्रभावी साधन है। यह पहल हरियाणा के ग्रामीण युवाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।