क्या हुबली टाइगर्स ने ड्रैगन्स को 110 रन से रौंदकर फाइनल में जगह बनाई?

सारांश
Key Takeaways
- हुबली टाइगर्स ने 210 रन का स्कोर बनाया।
- कप्तान देवदत्त पड्डिकल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- मैंगलोर ड्रैगन्स की पारी 100 रन पर समेटी गई।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हुबली टाइगर्स ने मंगलवार को मैंगलोर ड्रैगन्स के खिलाफ क्वालीफायर-1 में 110 रन से जीत हासिल की। इसके साथ ही टीम ने महाराजा ट्रॉफी 2025 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
मैसूर में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हुबली टाइगर्स ने दो विकेट खोकर 210 रन बनाएं।
टीम को सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दी। कप्तान देवदत्त पड्डिकल ने मोहम्मद ताहा के साथ 10 ओवरों में 81 रन की साझेदारी की। ताहा ने 28 गेंदों में दो छक्कों और चार चौकों की मदद से 37 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद पड्डिकल ने अभिनव मनोहर के साथ दूसरे विकेट के लिए 105 रन जोड़े, जिससे टाइगर्स मजबूत स्थिति में आ गई। अभिनव मनोहर ने 23 गेंदों में 50 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें तीन छक्के और पांच चौके शामिल थे।
कप्तान देवदत्त पड्डिकल अंतिम गेंद तक क्रीज पर रहे, लेकिन महज एक रन से शतक चूक गए। उन्होंने 64 गेंदों में पांच छक्कों और 10 चौकों के साथ नाबाद 99 रन बनाए, जबकि मन्वंत कुमार ने 16 रन का योगदान दिया। विपक्षी खेमे से रोनित मोरे और क्रांति कुमार को एक-एक सफलता मिली।
इसके जवाब में मैंगलोर ड्रैगन्स 16.1 ओवरों में सिर्फ 100 रन पर सिमट गई। इस टीम को महज 6 रन पर शरत बीआर (1) के रूप में पहला झटका लगा, उसके बाद लोचन गौड़ा (14) भी चलते बने।
यहां से थिप्पा रेड्डी ने अनीश केवी के साथ 31 रन जुटाते हुए टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन रेड्डी (16) के आउट होते ही पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
ड्रैगन्स के लिए अनीश केवी ने 20 गेंदों में सर्वाधिक 28 रन बनाए, जबकि आदर्श ने 12 गेंदों में 17 रन की पारी खेली।
विपक्षी खेमे से रितेश भटकल को सर्वाधिक तीन विकेट मिले, जबकि श्रीशा, केसी करियप्पा, और यश राज पुंजा ने 2-2 विकेट अपने नाम किए।