आईसीसी बोर्ड चुनाव: इमरान ख्वाजा हारे, पलानी 35 वोटों से शीर्ष पर; तीन नए एसोसिएट डायरेक्टर निर्वाचित
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के सालाना सम्मेलन में 8 जुलाई 2026 को एडिनबर्ग में एसोसिएट मेंबर डायरेक्टर्स के चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ — संस्था के दीर्घकालिक उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा मात्र 23 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे और आईसीसी बोर्ड में अपनी जगह नहीं बचा सके। फ्रांस के गुरुमूर्ति पलानी, यूएई के मुबाशिर उस्मानी और नामीबिया के रूडी वैन वुरेन ने 17 सदस्यीय ताकतवर आईसीसी बोर्ड में दो वर्षीय कार्यकाल के लिए तीनों उपलब्ध सीटें जीत लीं।
मतगणना और परिणाम
गुरुमूर्ति पलानी 35 वोटों के साथ सर्वाधिक मत पाकर शीर्ष पर रहे। मुबाशिर उस्मानी और रूडी वैन वुरेन दोनों ने 26-26 वोट हासिल किए और संयुक्त रूप से दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे। चौथे स्थान पर रहे इमरान ख्वाजा को 23 वोट मिले, जबकि पाँचवें उम्मीदवार महिंदा वल्लीपुरम (मलेशिया) केवल 19 वोट ही जुटा सके। पलानी और वैन वुरेन पहली बार आईसीसी के शीर्ष बोर्ड में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि उस्मानी अपनी सीट बनाए रखने में सफल रहे।
मतदान प्रक्रिया और भागीदारी
यह चुनाव प्रत्येक दो वर्षों में आयोजित होता है। इस बार यूएसए क्रिकेट और क्रिकेट कनाडा के निलंबन के कारण मतदान के लिए योग्य 45 एसोसिएट सदस्यों में से केवल 43 ही वोट डाल सके। प्रत्येक सदस्य को तीन वोट देने का अधिकार था, जिससे कुल 129 वोट पड़े।
ख्वाजा की विरासत और भूमिका
पेशे से वकील इमरान ख्वाजा ने सिंगापुर के प्रतिनिधि के रूप में आईसीसी में लंबे समय तक सेवाएँ दीं। 2020 में शशांक मनोहर के पद छोड़ने के बाद उन्होंने अंतरिम आईसीसी चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके अतिरिक्त उन्होंने एन. श्रीनिवासन, ग्रेग बार्कले और जय शाह जैसे कई अध्यक्षों के कार्यकाल में उपाध्यक्ष की भूमिका निभाई। उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) के बीच संवेदनशील वार्ता को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का श्रेय भी दिया जाता है, जिससे कोलंबो में पुरुषों का टी20 वर्ल्ड कप मैच संपन्न हो सका।
आईसीसी उपाध्यक्ष पद पर नज़रें
ख्वाजा के बोर्ड से बाहर होने के बाद आईसीसी को नए उपाध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 11 जुलाई को समाप्त होने वाले इस चार दिवसीय सम्मेलन के समापन से पूर्व नवनिर्वाचित तीन एसोसिएट डायरेक्टर में से किसी एक को उपाध्यक्ष पद के लिए चुना जाएगा। यह नियुक्ति आईसीसी के आंतरिक शक्ति संतुलन को नई दिशा दे सकती है।