8 जुलाई 2026
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आईसीसी बोर्ड चुनाव: इमरान ख्वाजा हारे, पलानी 35 वोटों से शीर्ष पर; तीन नए एसोसिएट डायरेक्टर निर्वाचित

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आईसीसी बोर्ड चुनाव: इमरान ख्वाजा हारे, पलानी 35 वोटों से शीर्ष पर; तीन नए एसोसिएट डायरेक्टर निर्वाचित

सारांश

आईसीसी के एडिनबर्ग सम्मेलन में बड़ा उलटफेर — दशकों से बोर्ड में रहे इमरान ख्वाजा चुनाव हार गए। फ्रांस के पलानी, यूएई के उस्मानी और नामीबिया के वैन वुरेन ने तीनों सीटें जीतीं। अब आईसीसी को नए उपाध्यक्ष की तलाश है।

मुख्य बातें

आईसीसी के एडिनबर्ग सम्मेलन में 8 जुलाई 2026 को एसोसिएट मेंबर डायरेक्टर्स के चुनाव में इमरान ख्वाजा हार गए।
गुरुमूर्ति पलानी (फ्रांस) 35 वोटों के साथ शीर्ष पर रहे; मुबाशिर उस्मानी (यूएई) और रूडी वैन वुरेन (नामीबिया) को 26-26 वोट मिले।
ख्वाजा को केवल 23 वोट मिले और वे चौथे स्थान पर रहे; महिंदा वल्लीपुरम (मलेशिया) को 19 वोट मिले।
यूएसए क्रिकेट और क्रिकेट कनाडा के निलंबन के कारण 43 सदस्यों ने मतदान किया; कुल 129 वोट पड़े।
ख्वाजा के बाहर होने के बाद आईसीसी को नए उपाध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी, जो 11 जुलाई से पहले अपेक्षित है।

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के सालाना सम्मेलन में 8 जुलाई 2026 को एडिनबर्ग में एसोसिएट मेंबर डायरेक्टर्स के चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ — संस्था के दीर्घकालिक उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा मात्र 23 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे और आईसीसी बोर्ड में अपनी जगह नहीं बचा सके। फ्रांस के गुरुमूर्ति पलानी, यूएई के मुबाशिर उस्मानी और नामीबिया के रूडी वैन वुरेन ने 17 सदस्यीय ताकतवर आईसीसी बोर्ड में दो वर्षीय कार्यकाल के लिए तीनों उपलब्ध सीटें जीत लीं।

मतगणना और परिणाम

गुरुमूर्ति पलानी 35 वोटों के साथ सर्वाधिक मत पाकर शीर्ष पर रहे। मुबाशिर उस्मानी और रूडी वैन वुरेन दोनों ने 26-26 वोट हासिल किए और संयुक्त रूप से दूसरे-तीसरे स्थान पर रहे। चौथे स्थान पर रहे इमरान ख्वाजा को 23 वोट मिले, जबकि पाँचवें उम्मीदवार महिंदा वल्लीपुरम (मलेशिया) केवल 19 वोट ही जुटा सके। पलानी और वैन वुरेन पहली बार आईसीसी के शीर्ष बोर्ड में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि उस्मानी अपनी सीट बनाए रखने में सफल रहे।

मतदान प्रक्रिया और भागीदारी

यह चुनाव प्रत्येक दो वर्षों में आयोजित होता है। इस बार यूएसए क्रिकेट और क्रिकेट कनाडा के निलंबन के कारण मतदान के लिए योग्य 45 एसोसिएट सदस्यों में से केवल 43 ही वोट डाल सके। प्रत्येक सदस्य को तीन वोट देने का अधिकार था, जिससे कुल 129 वोट पड़े।

ख्वाजा की विरासत और भूमिका

पेशे से वकील इमरान ख्वाजा ने सिंगापुर के प्रतिनिधि के रूप में आईसीसी में लंबे समय तक सेवाएँ दीं। 2020 में शशांक मनोहर के पद छोड़ने के बाद उन्होंने अंतरिम आईसीसी चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके अतिरिक्त उन्होंने एन. श्रीनिवासन, ग्रेग बार्कले और जय शाह जैसे कई अध्यक्षों के कार्यकाल में उपाध्यक्ष की भूमिका निभाई। उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) के बीच संवेदनशील वार्ता को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का श्रेय भी दिया जाता है, जिससे कोलंबो में पुरुषों का टी20 वर्ल्ड कप मैच संपन्न हो सका।

आईसीसी उपाध्यक्ष पद पर नज़रें

ख्वाजा के बोर्ड से बाहर होने के बाद आईसीसी को नए उपाध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 11 जुलाई को समाप्त होने वाले इस चार दिवसीय सम्मेलन के समापन से पूर्व नवनिर्वाचित तीन एसोसिएट डायरेक्टर में से किसी एक को उपाध्यक्ष पद के लिए चुना जाएगा। यह नियुक्ति आईसीसी के आंतरिक शक्ति संतुलन को नई दिशा दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने PCB-BCCI जैसी कठिन वार्ताओं में मध्यस्थता की, का बोर्ड से बाहर होना संस्थागत स्मृति की क्षति है। यह देखना होगा कि नए उपाध्यक्ष के रूप में कौन उभरता है और क्या वह एसोसिएट देशों की आकांक्षाओं को उसी कुशलता से संतुलित कर पाएगा जो ख्वाजा की पहचान थी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईसीसी बोर्ड चुनाव 2026 में कौन जीता?
फ्रांस के गुरुमूर्ति पलानी (35 वोट), यूएई के मुबाशिर उस्मानी (26 वोट) और नामीबिया के रूडी वैन वुरेन (26 वोट) ने तीनों एसोसिएट मेंबर डायरेक्टर सीटें जीतीं। इमरान ख्वाजा 23 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे और चुनाव हार गए।
इमरान ख्वाजा कौन हैं और आईसीसी में उनकी क्या भूमिका थी?
इमरान ख्वाजा सिंगापुर के वकील और आईसीसी के दीर्घकालिक उपाध्यक्ष हैं। 2020 में शशांक मनोहर के जाने के बाद उन्होंने अंतरिम आईसीसी चेयरमैन की भूमिका निभाई और PCB-BCCI वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
आईसीसी बोर्ड चुनाव में कितने वोट डाले गए?
यूएसए क्रिकेट और क्रिकेट कनाडा के निलंबन के कारण 45 में से 43 योग्य एसोसिएट सदस्यों ने मतदान किया। प्रत्येक सदस्य को तीन वोट देने का अधिकार था, इस प्रकार कुल 129 वोट पड़े।
ख्वाजा के जाने के बाद आईसीसी उपाध्यक्ष कौन बनेगा?
ख्वाजा के बोर्ड से बाहर होने के बाद आईसीसी को नए उपाध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी। उम्मीद है कि 11 जुलाई को समाप्त होने वाले चार दिवसीय एडिनबर्ग सम्मेलन के समापन से पहले नवनिर्वाचित तीन एसोसिएट डायरेक्टर में से किसी एक को यह पद दिया जाएगा।
पलानी और वैन वुरेन की जीत क्यों महत्वपूर्ण है?
गुरुमूर्ति पलानी और रूडी वैन वुरेन पहली बार आईसीसी के 17 सदस्यीय शीर्ष बोर्ड में शामिल हो रहे हैं। यह क्रमशः फ्रांस और नामीबिया जैसे उभरते क्रिकेट देशों के लिए बोर्ड में प्रतिनिधित्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राष्ट्र प्रेस
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