भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज: एसीबी चाहता है 11-14 सितंबर का शेड्यूल, बीसीसीआई से बातचीत जारी
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने भारत और अफगानिस्तान के बीच प्रस्तावित तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तारीखों में बदलाव के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से औपचारिक बातचीत शुरू की है। यह सीरीज नई दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेली जानी है, और एसीबी चाहता है कि मैचों की तारीखें दर्शकों की अधिकतम उपस्थिति के लिए अनुकूल हों।
मौजूदा और प्रस्तावित शेड्यूल
तय कार्यक्रम के अनुसार तीनों टी20 मुकाबले 13, 15 और 17 सितंबर को खेले जाने हैं। एसीबी इन्हें बदलकर 11, 13 और 14 सितंबर करने पर विचार कर रहा है। इस प्रस्तावित बदलाव के पीछे मुख्य कारण 14 सितंबर को पड़ने वाली गणेश चतुर्थी है — बोर्ड को उम्मीद है कि इस त्योहार के अवसर पर स्टेडियम में दर्शकों की संख्या और टेलीविज़न दर्शकता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आयोजन की विशेष परिस्थिति
गौरतलब है कि अफगानिस्तान इस सीरीज का आधिकारिक मेज़बान है, लेकिन मैच भारत में कराए जा रहे हैं क्योंकि अफगानिस्तान में फिलहाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजन के लिए उपयुक्त मैदान उपलब्ध नहीं हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'यह फैसला अफगानिस्तान का है, हमारा नहीं। वे मैचों की मेजबानी कर रहे हैं क्योंकि उनके देश में अभी अंतरराष्ट्रीय मैच कराने के लिए कोई मैदान नहीं है। इसीलिए वे इस सीरीज की मेजबानी करने के लिए भारत आए हैं।'
बातचीत की स्थिति
आईटीडब्ल्यू यूनिवर्स के सह-संस्थापक भैरव शांत ने 21 अगस्त को बताया, 'एसीबी ने यह प्रस्ताव रखा है और बीसीसीआई के साथ बातचीत कर रहा है। हमें सोमवार तक औपचारिक मंजूरी मिल जानी चाहिए। तीन मैचों में से एक मैच 14 तारीख को होने की पूरी संभावना है। बाकी शेड्यूल डीडीसीए, बीसीसीआई और एसीबी के बीच प्लानिंग और संचालन पर निर्भर करेगा। जब अंतिम संशोधित शेड्यूल आ जाएगा, तो हम आधिकारिक तौर पर जानकारी देंगे, क्योंकि बातचीत अभी भी चल रही है।'
डीडीसीए की भूमिका
दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस प्रस्तावित बदलाव की पूर्व जानकारी नहीं थी। अंतिम निर्णय तीनों बोर्डों — एसीबी, बीसीसीआई और डीडीसीए — के बीच समन्वय के बाद ही आएगा। संशोधित शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा बातचीत पूरी होने के बाद अपेक्षित है।