भारत U19 ने कोलंबो में श्रीलंका को 211 रनों से रौंदा, रोहित-चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी से सीरीज 1-0 में जीती
सारांश
मुख्य बातें
भारत अंडर-19 टीम ने 23 जुलाई को आर. प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम, कोलंबो में खेले गए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच में श्रीलंका अंडर-19 को 211 रनों के विशाल अंतर से पराजित कर दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। 472 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम अपनी दूसरी पारी में 260 रन पर ढेर हो गई।
मुख्य घटनाक्रम
श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी पहली पारी की तरह लड़खड़ाती रही। दिमंथा महाविथाना बिना खाता खोले पवेलियन लौटे, जबकि अवीशा समश महज 2 रन ही जोड़ सके। विरन चामुदिथा ने कुछ आक्रामकता दिखाई, लेकिन 30 गेंदों में 31 रन बनाने के बाद आउट हो गए। इस तरह मेज़बान टीम ने 38 रन के स्कोर पर अपने 3 विकेट गँवा दिए।
इसके बाद सेनुजा वेकुनागोडा और कप्तान विमथ दिंसारा ने चौथे विकेट के लिए 98 रनों की महत्त्वपूर्ण साझेदारी कर मैच में वापसी का प्रयास किया। सेनुजा ने 52 गेंदों में 9 चौकों की सहायता से 64 रन की आक्रामक पारी खेली। कप्तान विमथ भी 64 रन बनाकर पवेलियन लौटे। निचले क्रम में कविजा गमागे ने 36 और सेथमिका सेनेविरात्ने ने 42 रन जोड़े, परंतु टीम नियमित अंतराल पर विकेट गँवाती रही और अंततः 260 रन पर सिमट गई।
रोहित और चिगुरुपति की घातक गेंदबाजी
भारत की ओर से गेंदबाजी में रोहित यादव ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट हासिल किए। चिगुरुपति वेंकटा ने 3 विकेट चटकाकर मेज़बान टीम की पारी को जल्द समेटने में अहम भूमिका निभाई। दोनों गेंदबाजों की इस जोड़ी ने मिलकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी।
भारत की बल्लेबाजी का दबदबा
भारत ने पहली पारी में 411 रन का मज़बूत स्कोर खड़ा किया था। मनाल चौहान ने 150 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि कुशाग्र ओझा ने 111 रन का योगदान दिया। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम पहली पारी में केवल 148 रन पर ऑलआउट हो गई, जिससे भारत को 263 रनों की बड़ी पहली पारी की बढ़त मिली।
दूसरी पारी में भारत ने 3 विकेट खोकर 208 रन बनाने के बाद पारी घोषित कर दी। इस पारी में लक्ष्य राजेश रायचंदानी ने नाबाद 100 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि मनाल चौहान अर्धशतक बनाकर नाबाद रहे।
सीरीज का परिणाम
गौरतलब है कि सीरीज का पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था। दूसरे मैच में इस निर्णायक जीत के साथ भारत अंडर-19 टीम ने दो मैचों की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। यह जीत भारतीय युवा क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और इन खिलाड़ियों के लिए आगे की सीनियर टीम की राह में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।