आईपीएल 2026 फाइनल: जीटी की पारी में 40 गेंद, शून्य बाउंड्री — आईपीएल इतिहास का शर्मनाक रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात टाइटंस (जीटी) ने 31 मई 2026 को नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेले गए आईपीएल 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ 8 विकेट गँवाकर केवल 155 रन बनाए। इस पारी में 40 लगातार गेंदों तक एक भी बाउंड्री नहीं आई — जो आईपीएल फाइनल के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा बिना बाउंड्री का सबसे लंबा अंतराल है।
शर्मनाक रिकॉर्ड का पूरा ब्यौरा
जीटी की पारी के 5.5 ओवर में एक चौका लगा था, जिसके बाद अगली बाउंड्री 12.4 ओवर पर आई — यानी बीच में पूरी 40 गेंदें बाउंड्री-रहित रहीं। पूरी पारी में कुल 15 चौके और 3 छक्के ही देखने को मिले, जो टी20 फाइनल के स्तर से काफी नीचे है।
गौरतलब है कि इससे पहले यह अनचाहा रिकॉर्ड डेक्कन चार्जर्स के नाम था, जिसने 2009 के फाइनल में आरसीबी के खिलाफ 35 गेंदों तक कोई बाउंड्री नहीं मारी थी। इस सूची में मुंबई इंडियंस (बनाम राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स) और पंजाब किंग्स (बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स) 29-29 गेंदों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।
मुख्य घटनाक्रम: जीटी की पारी कैसे लड़खड़ाई
जीटी की शुरुआत ही डगमगाई जब कप्तान शुभमन गिल केवल 10 रन बनाकर 2.2 ओवर में आउट हो गए और स्कोर 22 रन पर था। इसके बाद टीम नियमित अंतराल पर विकेट गँवाती रही।
जोस बटलर (19) और निशांत संधू (20) ने तीसरे विकेट के लिए 29 रन जोड़े। अरशद खान (15) और वॉशिंगटन सुंदर ने पाँचवें विकेट के लिए 26 रन की साझेदारी की, जबकि जेसन होल्डर और वॉशिंगटन सुंदर ने सातवें विकेट के लिए 27 रन जोड़े।
पारी में एकमात्र उल्लेखनीय प्रदर्शन वॉशिंगटन सुंदर का रहा, जो 37 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 50 रन बनाकर नाबाद लौटे।
आरसीबी की गेंदबाज़ी: कौन रहा सबसे प्रभावी
आरसीबी की ओर से रासिख सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज़ रहे और उन्होंने 3 विकेट चटकाए। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने 2-2 विकेट लिए, जबकि कुणाल पांड्या ने 1 विकेट हासिल किया।
दोनों टीमों का खिताबी सफर
यह फाइनल दोनों टीमों के लिए खास महत्व रखता था। गुजरात टाइटंस ने अपना पहला आईपीएल खिताब 2022 में जीता था और अब दूसरे का इरादा लेकर उतरी थी। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 2025 के चैंपियन के रूप में अपना खिताब बचाने के लिए मैदान पर थी।
यह ऐसे समय में आया है जब टी20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाज़ी का दौर है — जीटी की इस बाउंड्री-रहित पारी को आलोचक टी20 फाइनल के स्तर पर एक असाधारण चूक मान रहे हैं।