आईपीएल गवर्निंग काउंसिल चुनाव: अरुण धूमल और खैरुल जमाल का 18 सितंबर को निर्विरोध चुना जाना तय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के चुनाव अधिकारी एके जोती ने आईपीएल गवर्निंग काउंसिल (जीसी) के दो सदस्य पदों के लिए औपचारिक चुनाव अधिसूचना जारी की है। बीसीसीआई संविधान के नियम 28 के अंतर्गत यह चुनाव 18 सितंबर को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में संपन्न होगा। वर्तमान में इन दोनों पदों पर काबिज हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन अरुण सिंह धूमल और मिजोरम के प्रतिनिधि खैरुल जमाल मजूमदार का निर्विरोध पुनर्निर्वाचन तय माना जा रहा है।
चुनाव की समय-सारणी
चुनाव प्रक्रिया के तहत राज्य संघों को अपने प्रतिनिधि नामांकित करने के लिए आवेदन जमा करने को कहा गया है। नामांकनों पर आपत्तियों की जाँच के बाद 8 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को 9 या 10 सितंबर तक अपने आधिकारिक नामांकन पत्र दाखिल करने होंगे। 12 सितंबर को नामांकनों की जाँच के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची सार्वजनिक होगी और 18 सितंबर को आवश्यकता पड़ने पर मतदान तथा परिणाम घोषित किए जाएंगे।
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की संरचना
आईपीएल का संचालन करने वाली इस 7 सदस्यीय काउंसिल में बीसीसीआई की आम सभा से 4 प्रतिनिधि होते हैं। इनमें से 2 सदस्य — धूमल और मजूमदार — एजीएम में चुने जाते हैं, जबकि शेष 2 का चुनाव अलग प्रक्रिया से होता है। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया और कोषाध्यक्ष रघुराम भट पदेन सदस्य के रूप में काउंसिल में शामिल हैं। बची हुई 3 सीटों पर बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि और भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा नामित एक सदस्य बैठते हैं।
अन्य पदों पर चुनाव की संभावना नहीं
गौरतलब है कि यह अधिसूचना केवल आईपीएल जीसी सदस्यों के चुनाव तक सीमित है। किसी अन्य बीसीसीआई पद के लिए किसी अप्रत्याशित चुनाव की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है। मौजूदा पदाधिकारियों के अपने-अपने पदों पर बने रहने की उम्मीद है।
मतदाता सूची और प्रक्रिया
चुनाव अधिकारी ने बीसीसीआई के पूर्ण सदस्यों को अपने प्रतिनिधियों को इलेक्टोरल रोल में शामिल कराने के लिए आवेदन जमा करने का निमंत्रण दिया है। एजीएम में भाग लेने वाले राज्य संघों के प्रतिनिधि ही मतदाता सूची का हिस्सा बनेंगे। यह पूरी प्रक्रिया बीसीसीआई के संवैधानिक ढाँचे के भीतर संचालित होती है, जिसकी निगरानी न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों के बाद लागू लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आधारित है।