27 जुलाई 2026
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ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण, मनु भाकर ने कांस्य — ISSF वर्ल्ड कप हांगझोऊ में भारत का दोहरा जश्न

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ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण, मनु भाकर ने कांस्य — ISSF वर्ल्ड कप हांगझोऊ में भारत का दोहरा जश्न

सारांश

हांगझोऊ में एक ही इवेंट में ईशा सिंह का स्वर्ण और मनु भाकर का कांस्य — यह महज़ दो पदक नहीं, भारतीय पिस्टल शूटिंग की नई ताकत का ऐलान है। पेरिस की दो कांस्य विजेता मनु और म्यूनिख में दोहरा वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने वाली 21 वर्षीय ईशा — यह जोड़ी 2026 एशियन गेम्स की सबसे बड़ी उम्मीद बन चुकी है।

मुख्य बातें

ईशा सिंह ने हांगझोऊ ISSF वर्ल्ड कप के महिला 25 मीटर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण पदक जीता।
मनु भाकर ने उसी इवेंट में कांस्य पदक जीतकर भारत का दोहरा पोडियम सुनिश्चित किया।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर पोस्ट कर दोनों को बधाई दी।
21 वर्षीय ईशा ने इससे पहले म्यूनिख ISSF वर्ल्ड कप में सीनियर और जूनियर दोनों वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़े थे।
मनु भाकर पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
दोनों निशानेबाज़ एशियन गेम्स 2026 में पदक की प्रमुख दावेदार मानी जा रही हैं।

निशानेबाज ईशा सिंह और मनु भाकर ने चीन के हांगझोऊ में ISSF वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन के महिला 25 मीटर पिस्टल इवेंट में क्रमशः स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर भारत का परचम लहराया। 27 जुलाई को सामने आई इस उपलब्धि पर केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।

मांडविया की प्रतिक्रिया

मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'भारत पोडियम पर। ईशा सिंह और मनु भाकर को हांगझोऊ में ISSF वर्ल्ड कप में विमेंस 25 मीटर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने पर बधाई। पूरे देश को आप दोनों पर गर्व है।' उनकी यह प्रतिक्रिया भारतीय शूटिंग में बढ़ते आत्मविश्वास को रेखांकित करती है।

मुख्य प्रदर्शन

ईशा सिंह ने क्वालीफिकेशन राउंड में दूसरा स्थान हासिल किया और फाइनल में शांत एवं केंद्रित प्रदर्शन के दम पर पोडियम की शीर्ष सीढ़ी पर कब्जा जमाया। मनु भाकर ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया और कड़े मुकाबले में कांस्य पदक जीतकर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा।

ईशा सिंह का शानदार सीजन

21 वर्षीय ईशा सिंह के लिए यह जीत विशेष महत्व रखती है। इस सीजन की शुरुआत में उन्होंने म्यूनिख ISSF वर्ल्ड कप में महिला 25 मीटर पिस्टल फाइनल में सीनियर और जूनियर दोनों वर्ल्ड रिकॉर्ड एक साथ तोड़कर इतिहास रचा था। हांगझोऊ का स्वर्ण उस लय को आगे बढ़ाता है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय पिस्टल शूटिंग में एक उभरती हुई ताकत के रूप में स्थापित करता है।

मनु भाकर का निरंतर उत्कर्ष

मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीतकर पूरे देश का दिल जीता था। हांगझोऊ में उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वे उच्चतम स्तर पर निरंतरता बनाए रखने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि यह जोड़ी अब एशियन गेम्स 2026 में भी पदक की प्रमुख दावेदार मानी जा रही है, और भारतीय शूटिंग का भविष्य इन दोनों के कंधों पर काफी हद तक टिका है।

भारतीय शूटिंग की बड़ी तस्वीर

यह दोहरी सफलता अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्पर्धाओं में भारत के बढ़ते दबदबे को प्रदर्शित करती है। एक ही इवेंट में स्वर्ण और कांस्य — दोनों भारतीय खिलाड़ियों के नाम — यह दर्शाता है कि देश में पिस्टल शूटिंग की गहराई और प्रतिभा का स्तर तेज़ी से ऊपर जा रहा है। आने वाले महीनों में दोनों निशानेबाजों से और बड़े मंचों पर और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय पिस्टल शूटिंग के व्यवस्थित विकास का परिणाम है। लेकिन असली परीक्षा ओलंपिक चक्र के बाहर की स्पर्धाओं में नहीं, 2028 लॉस एंजेलेस में होगी। मनु भाकर की निरंतरता और ईशा सिंह की रिकॉर्ड-तोड़ क्षमता दोनों आश्वस्त करती हैं, पर भारतीय खेल ढाँचे की पुरानी चुनौती — शिखर पर पहुँचने के बाद सहारा देने की — अभी भी बनी हुई है। मांडविया की बधाई स्वागतयोग्य है, पर दीर्घकालिक समर्थन तंत्र की घोषणा ज़्यादा ज़रूरी होगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ISSF वर्ल्ड कप हांगझोऊ में ईशा सिंह और मनु भाकर ने कौन-से पदक जीते?
ईशा सिंह ने स्वर्ण पदक और मनु भाकर ने कांस्य पदक जीता — दोनों ने चीन के हांगझोऊ में ISSF वर्ल्ड कप के महिला 25 मीटर पिस्टल इवेंट में यह उपलब्धि हासिल की।
ईशा सिंह ने इस सीजन में और क्या उपलब्धियाँ हासिल की हैं?
21 वर्षीय ईशा सिंह ने इस सीजन की शुरुआत में म्यूनिख ISSF वर्ल्ड कप में महिला 25 मीटर पिस्टल फाइनल में सीनियर और जूनियर दोनों वर्ल्ड रिकॉर्ड एक साथ तोड़े थे। हांगझोऊ का स्वर्ण उनकी उसी लय को आगे बढ़ाता है।
मनु भाकर का हालिया अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड कैसा रहा है?
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीते थे, जो किसी एक ओलंपिक में भारतीय निशानेबाज़ का असाधारण प्रदर्शन था। हांगझोऊ का कांस्य दर्शाता है कि वे उच्चतम स्तर पर निरंतरता बनाए रखने में सक्षम हैं।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस जीत पर क्या कहा?
मांडविया ने एक्स पर लिखा कि 'पूरे देश को आप दोनों पर गर्व है' और दोनों निशानेबाज़ों को ISSF वर्ल्ड कप में स्वर्ण और कांस्य जीतने पर बधाई दी। उन्होंने इसे भारत के लिए गर्व का पल बताया।
क्या ईशा सिंह और मनु भाकर एशियन गेम्स 2026 में भाग लेंगी?
दोनों निशानेबाज़ एशियन गेम्स 2026 में पदक की प्रमुख दावेदार मानी जा रही हैं। उनके हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को देखते हुए देश को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
राष्ट्र प्रेस
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