ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण, मनु भाकर ने कांस्य — ISSF वर्ल्ड कप हांगझोऊ में भारत का दोहरा जश्न
सारांश
मुख्य बातें
निशानेबाज ईशा सिंह और मनु भाकर ने चीन के हांगझोऊ में ISSF वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन के महिला 25 मीटर पिस्टल इवेंट में क्रमशः स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर भारत का परचम लहराया। 27 जुलाई को सामने आई इस उपलब्धि पर केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
मांडविया की प्रतिक्रिया
मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'भारत पोडियम पर। ईशा सिंह और मनु भाकर को हांगझोऊ में ISSF वर्ल्ड कप में विमेंस 25 मीटर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने पर बधाई। पूरे देश को आप दोनों पर गर्व है।' उनकी यह प्रतिक्रिया भारतीय शूटिंग में बढ़ते आत्मविश्वास को रेखांकित करती है।
मुख्य प्रदर्शन
ईशा सिंह ने क्वालीफिकेशन राउंड में दूसरा स्थान हासिल किया और फाइनल में शांत एवं केंद्रित प्रदर्शन के दम पर पोडियम की शीर्ष सीढ़ी पर कब्जा जमाया। मनु भाकर ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया और कड़े मुकाबले में कांस्य पदक जीतकर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा।
ईशा सिंह का शानदार सीजन
21 वर्षीय ईशा सिंह के लिए यह जीत विशेष महत्व रखती है। इस सीजन की शुरुआत में उन्होंने म्यूनिख ISSF वर्ल्ड कप में महिला 25 मीटर पिस्टल फाइनल में सीनियर और जूनियर दोनों वर्ल्ड रिकॉर्ड एक साथ तोड़कर इतिहास रचा था। हांगझोऊ का स्वर्ण उस लय को आगे बढ़ाता है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय पिस्टल शूटिंग में एक उभरती हुई ताकत के रूप में स्थापित करता है।
मनु भाकर का निरंतर उत्कर्ष
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीतकर पूरे देश का दिल जीता था। हांगझोऊ में उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वे उच्चतम स्तर पर निरंतरता बनाए रखने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि यह जोड़ी अब एशियन गेम्स 2026 में भी पदक की प्रमुख दावेदार मानी जा रही है, और भारतीय शूटिंग का भविष्य इन दोनों के कंधों पर काफी हद तक टिका है।
भारतीय शूटिंग की बड़ी तस्वीर
यह दोहरी सफलता अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्पर्धाओं में भारत के बढ़ते दबदबे को प्रदर्शित करती है। एक ही इवेंट में स्वर्ण और कांस्य — दोनों भारतीय खिलाड़ियों के नाम — यह दर्शाता है कि देश में पिस्टल शूटिंग की गहराई और प्रतिभा का स्तर तेज़ी से ऊपर जा रहा है। आने वाले महीनों में दोनों निशानेबाजों से और बड़े मंचों पर और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी रहेगी।