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ईशान किशन की 44 गेंदों में 81 रन की पारी, बोले — शतक से ज़्यादा ज़रूरी थी टीम की रफ्तार

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ईशान किशन की 44 गेंदों में 81 रन की पारी, बोले — शतक से ज़्यादा ज़रूरी थी टीम की रफ्तार

सारांश

शतक से 19 रन दूर होते हुए भी ईशान किशन ने गियर नहीं घटाया — क्योंकि टीम की रफ्तार उनके लिए निजी मील के पत्थर से ऊपर थी। 44 गेंदों में 81 रन और तिलक वर्मा के साथ 94 रनों की साझेदारी ने भारत को 219 रन तक पहुँचाया और जिम्बाब्वे को 90 रनों से धूल चटाई।

मुख्य बातें

ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन ( 9 चौके, 2 छक्के ) की पारी खेली — शतक से केवल 19 रन दूर।
भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन बनाए।
जिम्बाब्वे 220 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 129 रन पर ऑलआउट, भारत ने 90 रनों से जीत दर्ज की।
तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए; किशन-वर्मा ने चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े।
भारत ने सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की।

हरारे में 26 जुलाई को खेले गए भारत-जिम्बाब्वे दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को 219 रन के मज़बूत स्कोर तक पहुँचाया। जिम्बाब्वे को 90 रनों से रौंदते हुए भारतीय टीम ने सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।

मुख्य घटनाक्रम

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 219 रन बनाए। किशन की पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। 220 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम महज 129 रन पर सिमट गई, और भारत ने मैच 90 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।

किशन का टीम-फर्स्ट फलसफा

शतक से केवल 19 रन दूर रहने के बावजूद किशन ने स्पष्ट किया कि उनके मन में व्यक्तिगत मील का पत्थर छूने का विचार कभी नहीं आया। बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में किशन ने कहा, 'सच कहूं तो, मेरे दिमाग में 100 रन बनाने की बात नहीं थी। मैं बस हर गेंद पर जोर से शॉट लगाने की कोशिश कर रहा था। मेरे पास थोड़ा धीमा खेलकर अपना शतक पूरा करने का विकल्प था। हालांकि, टीम हमेशा सबसे पहले आती है, टीम को प्राथमिकता देना जरूरी है।'

तिलक वर्मा की साझेदारी का योगदान

किशन ने उप-कप्तान तिलक वर्मा की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिन्होंने महज 29 गेंदों में नाबाद 60 रन ठोककर अंतिम ओवरों में रन-गति को थामे रखा। इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 94 रन की अहम साझेदारी की, जिसने मैच को जिम्बाब्वे की पहुँच से बाहर कर दिया। किशन ने कहा, 'जब वह क्रीज़ पर आए तो यह बहुत महत्वपूर्ण था कि उन्होंने ज़्यादा समय नहीं लिया। उन्होंने अपने शॉट्स खेलना शुरू कर दिया, जिससे मुझे भी काफी आत्मविश्वास मिला।'

चुनौतीपूर्ण पिच पर संवाद की भूमिका

किशन ने बताया कि हरारे की पिच अंतिम स्कोरकार्ड जितनी आसान नहीं थी — गेंद कभी ऊपर तो कभी नीचे आ रही थी। उन्होंने कहा, 'हम मैदान पर एक-दूसरे से बहुत अच्छी तरह बात कर रहे थे। लय बनाए रखने और टीम का लक्ष्य समझने के लिए उन्हें भी श्रेय जाता है। आखिर में सब हमारे पक्ष में रहा और हमने अच्छा स्कोर बनाया।' यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि उच्च-स्तरीय टी20 में मैदानी संवाद उतना ही अहम है जितनी तकनीकी दक्षता।

हरारे में भारतीय प्रशंसकों को सलाम

किशन ने हरारे में मौजूद भारतीय समर्थकों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा, 'जब आप जिम्बाब्वे आते हैं तो इसे शब्दों में बयाँ करना मुश्किल होता है। वे यहाँ आते हैं, हमें सपोर्ट करते हैं, सभी मैच देखते हैं और यह वाकई कमाल का है।' सीरीज़ का तीसरा और अंतिम टी20 भी हरारे में ही खेला जाएगा, जहाँ भारत व्हाइटवॉश की तलाश में उतरेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक ऐसे बल्लेबाज़ की परिपक्वता भी दर्शाता है जो राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह फिर से पक्की करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि किशन लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की राह पर हैं और इस सीरीज़ में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं को संदेश देने का सबसे सीधा माध्यम है। व्यक्तिगत शतक छोड़ना रणनीतिक रूप से सही था, लेकिन इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम में उन्हें वह निरंतर मौका मिलेगा जो इस फॉर्म को टिकाए रख सके।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दूसरे टी20 में ईशान किशन ने कितने रन बनाए?
ईशान किशन ने हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में 44 गेंदों में 81 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। वे शतक से केवल 19 रन दूर रहे।
किशन ने शतक क्यों नहीं बनाया?
किशन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जानबूझकर धीमा खेलकर शतक पूरा करने का विकल्प नहीं चुना, क्योंकि उनके लिए टीम की रन-गति बनाए रखना व्यक्तिगत उपलब्धि से ज़्यादा ज़रूरी था। बीसीसीआई के एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, 'टीम हमेशा सबसे पहले आती है।'
तिलक वर्मा का इस मैच में क्या योगदान रहा?
उप-कप्तान तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उन्होंने किशन के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी की, जिसने भारत को 219 रन तक पहुँचाया।
भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज़ का अभी तक क्या हाल है?
दूसरे टी20 में 90 रनों की जीत के साथ भारत ने सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। जिम्बाब्वे 220 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 129 रन पर ऑलआउट हो गई।
हरारे की पिच कैसी थी?
किशन के अनुसार हरारे की पिच अंतिम स्कोर जितनी आसान नहीं थी — गेंद कभी ऊपर तो कभी नीचे आ रही थी। उन्होंने बताया कि मैदान पर लगातार संवाद ने उन्हें और तिलक वर्मा को पिच के अनुकूल ढलने में मदद की।
राष्ट्र प्रेस
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