ईशान किशन की 44 गेंदों में 81 रन की पारी, बोले — शतक से ज़्यादा ज़रूरी थी टीम की रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
हरारे में 26 जुलाई को खेले गए भारत-जिम्बाब्वे दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को 219 रन के मज़बूत स्कोर तक पहुँचाया। जिम्बाब्वे को 90 रनों से रौंदते हुए भारतीय टीम ने सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
मुख्य घटनाक्रम
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 219 रन बनाए। किशन की पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। 220 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम महज 129 रन पर सिमट गई, और भारत ने मैच 90 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।
किशन का टीम-फर्स्ट फलसफा
शतक से केवल 19 रन दूर रहने के बावजूद किशन ने स्पष्ट किया कि उनके मन में व्यक्तिगत मील का पत्थर छूने का विचार कभी नहीं आया। बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में किशन ने कहा, 'सच कहूं तो, मेरे दिमाग में 100 रन बनाने की बात नहीं थी। मैं बस हर गेंद पर जोर से शॉट लगाने की कोशिश कर रहा था। मेरे पास थोड़ा धीमा खेलकर अपना शतक पूरा करने का विकल्प था। हालांकि, टीम हमेशा सबसे पहले आती है, टीम को प्राथमिकता देना जरूरी है।'
तिलक वर्मा की साझेदारी का योगदान
किशन ने उप-कप्तान तिलक वर्मा की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिन्होंने महज 29 गेंदों में नाबाद 60 रन ठोककर अंतिम ओवरों में रन-गति को थामे रखा। इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 94 रन की अहम साझेदारी की, जिसने मैच को जिम्बाब्वे की पहुँच से बाहर कर दिया। किशन ने कहा, 'जब वह क्रीज़ पर आए तो यह बहुत महत्वपूर्ण था कि उन्होंने ज़्यादा समय नहीं लिया। उन्होंने अपने शॉट्स खेलना शुरू कर दिया, जिससे मुझे भी काफी आत्मविश्वास मिला।'
चुनौतीपूर्ण पिच पर संवाद की भूमिका
किशन ने बताया कि हरारे की पिच अंतिम स्कोरकार्ड जितनी आसान नहीं थी — गेंद कभी ऊपर तो कभी नीचे आ रही थी। उन्होंने कहा, 'हम मैदान पर एक-दूसरे से बहुत अच्छी तरह बात कर रहे थे। लय बनाए रखने और टीम का लक्ष्य समझने के लिए उन्हें भी श्रेय जाता है। आखिर में सब हमारे पक्ष में रहा और हमने अच्छा स्कोर बनाया।' यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि उच्च-स्तरीय टी20 में मैदानी संवाद उतना ही अहम है जितनी तकनीकी दक्षता।
हरारे में भारतीय प्रशंसकों को सलाम
किशन ने हरारे में मौजूद भारतीय समर्थकों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा, 'जब आप जिम्बाब्वे आते हैं तो इसे शब्दों में बयाँ करना मुश्किल होता है। वे यहाँ आते हैं, हमें सपोर्ट करते हैं, सभी मैच देखते हैं और यह वाकई कमाल का है।' सीरीज़ का तीसरा और अंतिम टी20 भी हरारे में ही खेला जाएगा, जहाँ भारत व्हाइटवॉश की तलाश में उतरेगा।