भारत फिर टी20 रैंकिंग में नंबर वन, जिम्बाब्वे को 90 रनों से रौंदकर इंग्लैंड को पछाड़ा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम ने 26 जुलाई 2026 को हरारे में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रनों से करारी शिकस्त देकर आईसीसी टी20 रैंकिंग में एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड दूसरे पायदान पर खिसक गया, और भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
मुख्य घटनाक्रम
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 219 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुरुआत लड़खड़ाई — अभिषेक शर्मा मात्र 8 रन बनाकर और वैभव सूर्यवंशी 9 गेंदों में 20 रन बनाकर जल्दी पवेलियन लौट गए। 29 रन पर 2 विकेट गिरने के बाद पारी को ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने थामा।
किशन और अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 42 गेंदों में 66 रनों की अहम साझेदारी की। अय्यर ने 20 गेंदों में 25 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 44 गेंदों में 9 चौके और 2 छक्कों की मदद से 81 रन की शानदार पारी खेली।
तिलक वर्मा ने पारी के अंत में आतिशी अंदाज़ में 29 गेंदों में 5 चौके और 3 छक्कों की बदौलत 60 रन नाबाद की विस्फोटक पारी खेली। रिंकू सिंह ने 12 रन का योगदान दिया।
जिम्बाब्वे की पारी और भारतीय गेंदबाज़ों का दबदबा
जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 129 रन पर ढेर हो गई, जिससे भारत को 90 रनों की जीत मिली। मेज़बान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सर्वाधिक 32 रन और तदीवानाशे मारुमनी ने 24 रन बनाए।
भारतीय गेंदबाज़ों ने एकजुट होकर जिम्बाब्वे को कभी पटरी पर नहीं आने दिया। अभिषेक शर्मा ने 17 रन देकर 3 विकेट चटकाए — वह बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने में विफल नहीं रहे। यश ठाकुर ने 30 रन देकर 2 विकेट और प्रिंस यादव ने 10 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।
रैंकिंग में वापसी का संदर्भ
गौरतलब है कि भारत को हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-4 से हार के बाद नंबर एक की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के आँकड़ों के अनुसार, जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में मिली जीत ने भारत को शीर्ष पर वापस पहुँचाने के लिए पर्याप्त रेटिंग अंक दिलाए।
आगे क्या
तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त के साथ भारत अब तीसरे और अंतिम टी20 में सीरीज को 3-0 से पूरा करने की कोशिश करेगा। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि दूसरी पंक्ति के खिलाड़ियों को मौका देने के बावजूद भारतीय टीम की गहराई बरकरार है।