जवागल श्रीनाथ: वनडे में 315 विकेट लेने वाले भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज
सारांश
मुख्य बातें
जवागल श्रीनाथ — जिन्हें क्रिकेट जगत में 'मैसूर एक्सप्रेस' के नाम से जाना जाता है — वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं। 229 वनडे मैचों में 315 विकेट के साथ वे अनिल कुंबले के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल वनडे गेंदबाज हैं। 31 अगस्त 1969 को मैसूर, कर्नाटक में जन्मे श्रीनाथ ने लगभग 12 वर्षों तक भारतीय तेज गेंदबाजी की अगुआई की।
करियर का सफर: कपिल देव के उत्तराधिकारी
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज श्रीनाथ ने 1991 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। कपिल देव के संन्यास के बाद भारतीय तेज गेंदबाजी की बागडोर श्रीनाथ के हाथों में आई। गति, स्विंग और धीमी गेंदों के चतुर मिश्रण से वे विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार चकमा देते रहे। गौरतलब है कि 1997 में एक गंभीर चोट ने उन्हें लगभग पूरे वर्ष मैदान से दूर रखा और उनकी वापसी पर संदेह के बादल मंडराने लगे थे।
लेकिन श्रीनाथ ने सभी आशंकाओं को गलत साबित किया। 1998 उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ वर्ष रहा — चोट ने गति को कुछ हद तक प्रभावित किया, परंतु विकेट लेने की उनकी क्षमता और भी पैनी हो गई।
154.5 किमी/घंटा: एक ऐतिहासिक गेंद
1999 वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीनाथ ने 154.5 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी — जो 2023 तक वनडे क्रिकेट में किसी भारतीय गेंदबाज की सबसे तेज गेंद थी। यह रिकॉर्ड 2023 में उमरान मलिक ने श्रीलंका के खिलाफ 156 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंद फेंककर तोड़ा।
विश्व कप की दिलचस्प दास्तान
श्रीनाथ ने भारत के लिए 4 वनडे विश्व कप — 1992, 1996, 1999 और 2003 — में हिस्सा लिया। 2003 विश्व कप से पूर्व उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी थी, किंतु तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली के आग्रह पर वे वापस लौटे। इस टूर्नामेंट में श्रीनाथ ने 11 मैचों में 16 विकेट लेकर भारत को फाइनल तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह ऐसे समय में आया जब भारतीय टीम को एक अनुभवी तेज गेंदबाज की सख्त जरूरत थी। 2002 में श्रीनाथ उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने श्रीलंका के साथ संयुक्त रूप से आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती। 2003 विश्व कप के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
आंकड़ों में श्रीनाथ का कद
श्रीनाथ 300 वनडे विकेट लेने वाले एकमात्र भारतीय तेज गेंदबाज हैं। उनके नाम 229 वनडे में 315 विकेट और 67 टेस्ट में 236 विकेट दर्ज हैं। 1999 में उन्हें भारत सरकार ने प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।
संन्यास के बाद: आईसीसी के शीर्ष रेफरी
खेल से विदाई के बाद श्रीनाथ ने कमेंट्री या कोचिंग की बजाय मैच रेफरी का मार्ग चुना। वर्तमान में वे आईसीसी के सर्वाधिक प्रतिष्ठित और सक्रिय मैच रेफरियों में गिने जाते हैं — एक ऐसा करियर जो मैदान के बाहर भी उनकी क्रिकेट के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।