जोनाथन ट्रॉट इंग्लैंड लायंस के नए हेड कोच, तीन बड़े दौरों की जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने 21 सितंबर 2026 को पूर्व अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट को इंग्लैंड लायंस का स्थायी हेड कोच नियुक्त करने की घोषणा की। ट्रॉट अब कैरिबियन, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के आगामी दौरों में लायंस की कमान संभालेंगे। यह नियुक्ति एंड्रयू फ्लिंटॉफ के अगस्त की शुरुआत में पद से इस्तीफा देने के बाद हुई है।
कोचिंग करियर और अनुभव
45 वर्षीय ट्रॉट के पास अंतरराष्ट्रीय कोचिंग का व्यापक अनुभव है। वह 2022 से अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में चार वर्षों तक कार्यरत रहे। उनकी देखरेख में अफगान टीम ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2024 के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जो टीम की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
इससे पहले ट्रॉट ने कोविड-19 महामारी के दौरान इंग्लैंड सीनियर पुरुष टीम के साथ असिस्टेंट कोच के रूप में काम किया था। उन्होंने आयरलैंड और ग्लैमोर्गन के साथ भी कोचिंग का अनुभव हासिल किया है।
फ्लिंटॉफ के जाने के बाद भरी भूमिका
ट्रॉट ने हाल ही में श्रीलंका के विरुद्ध लायंस की टी20 सीरीज में अंतरिम हेड कोच की जिम्मेदारी निभाई, जिसमें टीम ने 2-0 से सीरीज जीती। यह प्रदर्शन उनकी स्थायी नियुक्ति का आधार बना। गौरतलब है कि एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने अगस्त की शुरुआत में लायंस की भूमिका छोड़ दी थी, क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) में सिडनी थंडर के हेड कोच के रूप में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
खिलाड़ी के रूप में उपलब्धियाँ
बतौर खिलाड़ी ट्रॉट का करियर अत्यंत समृद्ध रहा। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 52 टेस्ट मैचों में 3,835 रन बनाए और 68 वनडे में 2,819 रन की पारियाँ खेलीं। इसके अलावा उन्होंने 7 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले। वह तीन बार एशेज विजेता टीम का हिस्सा रहे और लायंस के लिए भी 22 मैच खेल चुके हैं — जो उनके इस नई भूमिका में स्वाभाविक जुड़ाव को और गहरा बनाता है।
ट्रॉट की प्रतिक्रिया
नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रॉट ने कहा, 'मैं इंग्लैंड के सेटअप में वापस आकर बहुत खुश हूँ और इंग्लैंड लायंस के हेड कोच की भूमिका संभालने के लिए बहुत उत्साहित हूँ। खुद लायंस के लिए खेलने के कारण, मैं जानता हूँ कि यह अनुभव खिलाड़ियों के विकास में — मैदान के अंदर और बाहर — कितना कीमती हो सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की क्षमता को निखारना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार करना उनकी प्राथमिकता होगी।
आगे क्या
ट्रॉट की अगुवाई में इंग्लैंड लायंस की टीम अब कैरिबियन, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के दौरे पर रवाना होगी। यह दौरे युवा और उभरते इंग्लिश क्रिकेटरों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तैयारी का अहम मौका होंगे। माना जा रहा है कि ट्रॉट का अफगानिस्तान के साथ बिताया अनुभव उन्हें दबाव में टीम निर्माण के लिए विशेष रूप से सक्षम बनाता है।