जोंटी सिद्धू का टी20 शतक: एक ओवर में 4 छक्के, सेंट्रल दिल्ली किंग्स 72 रन से जीतकर फाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
सेंट्रल दिल्ली किंग्स के कप्तान जोंटी सिद्धू ने 29 अगस्त को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए क्वालीफायर-2 में 46 गेंदों में 106 रन की नाबाद पारी खेलकर अपनी टीम को पुरानी दिल्ली 6 के खिलाफ 72 रन की दमदार जीत दिलाई। इस जीत के साथ सेंट्रल दिल्ली किंग्स फाइनल में पहुँच गई, जहाँ 30 अगस्त को उनका मुकाबला साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स से होगा।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने 20 ओवरों में 218/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में पुरानी दिल्ली 6 की पूरी टीम 17.4 ओवरों में महज 146 रन पर सिमट गई। सिद्धू की पारी में 10 छक्के और 5 चौके शामिल थे — यह उनका पहला टी20 शतक था। गेंदबाजी में भी उन्होंने 3 ओवरों में 25 रन देकर 3 विकेट झटके, जिससे उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
वह ओवर जिसने पलटा मैच का रुख
जब शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए और स्कोरबोर्ड दबाव में था, तब सिद्धू और आदित्य भंडारी (नाबाद 24) ने मिलकर अंतिम ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी की। दोनों के बीच महज 22 गेंदों में 64 रन की अटूट साझेदारी हुई।
सिद्धू ने बताया, 'भंडारी और मैंने बात की थी कि अगर हम क्रीज पर टिके रहे, तो हमें एक बड़ा ओवर मिल जाएगा, जिससे मैच का रुख बदल जाएगा। ठीक वैसा ही हुआ — मैंने एक ओवर में चार छक्के मारे, भंडारी ने दो मारे, और अचानक हम 200 रन के करीब पहुँच गए।'
कप्तान की रणनीतिक सोच
सिद्धू ने खुलासा किया कि विरोधी गेंदबाज उनके खिलाफ वाइड यॉर्कर की रणनीति अपना रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैंने अंदाजा लगा लिया कि गेंदें कहाँ गिरेंगी। मैंने उनकी रणनीति का सामना करने के लिए खुद पर भरोसा रखा और भगवान की कृपा से, मैंने गेंद को अच्छे से हिट किया।' यह मानसिक तैयारी और परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता ही नॉकआउट मुकाबलों में अनुभवी कप्तानों को अलग करती है।
टी20 क्रिकेट के लिए खास तैयारी
सिद्धू ने स्वीकार किया कि टी20 फॉर्मेट के अनुसार खुद को ढालना आसान नहीं था। उनके अनुसार, 'हम बचपन से ही एकेडमी में रेड-बॉल क्रिकेट की प्रैक्टिस करते हैं, लेकिन टी20 के हिसाब से खुद को ढालने में मुझे एक-दो साल लग गए। मैंने पिछले 6-7 महीनों में अपने खेल के इस पहलू को बेहतर बनाने के लिए बहुत मेहनत की है।'
पहले शतक का जश्न और आगे की राह
सिद्धू ने बताया कि शतक के जश्न की योजना होटल में ही बन गई थी। उन्होंने कहा, 'मैंने और मन्नी (मनी ग्रेवाल) ने मिलकर यह योजना बनाई थी, लेकिन जब मैंने शतक पूरा किया तो भंडारी मेरे साथ क्रीज पर थे, इसलिए मैंने उनके साथ सेलिब्रेशन किया। मैं आमतौर पर ज्यादा सेलिब्रेट नहीं करता, लेकिन इतने बड़े मैच में अपने पहले शतक के लिए ऐसा करना जरूरी था।' अब सेंट्रल दिल्ली किंग्स की नजरें 30 अगस्त को होने वाले फाइनल पर टिकी हैं, जहाँ साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स उनके सामने होगी।