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एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज के बाद कपिल पोखरिया का अगला निशाना — वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक मेडल

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एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज के बाद कपिल पोखरिया का अगला निशाना — वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक मेडल

सारांश

कॉमनवेल्थ में मेडल चूकने का दर्द, एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज से मिली राहत — और अब उत्तराखंड के बॉक्सर कपिल पोखरिया की नज़रें वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक पर टिकी हैं। सेमीफाइनल हार से सीख लेकर वे देश के हैवीवेट बॉक्सिंग इतिहास में नया अध्याय लिखने को तैयार हैं।

मुख्य बातें

कपिल पोखरिया ने एशियन गेम्स 2026 में 90 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
सेमीफाइनल में उज़्बेकिस्तान के तुरबेक खबीबुल्लाव के हाथों हार के बाद फाइनल से चूके।
अगले साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतना कपिल का तत्काल लक्ष्य है।
ओलंपिक क्वालिफिकेशन और ओलंपिक मेडल उनकी दीर्घकालिक प्राथमिकता है।
कपिल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल चूकने के बाद एशियन गेम्स को निर्णायक मंच माना था।
उन्होंने कोच से फीडबैक लेकर कैंप में कमज़ोरियों पर काम करने का संकल्प लिया।

भारतीय बॉक्सर कपिल पोखरिया ने एशियन गेम्स 2026 में 90 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद साफ कर दिया है कि उनका अगला लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक गेम्स में देश के लिए पदक जीतना है। खटीमा, उत्तराखंड के इस युवा मुक्केबाज़ ने कहा कि आने वाले दो साल उनके करियर के सबसे निर्णायक होंगे।

एशियन गेम्स मेडल — राहत और खुशी दोनों

कपिल पोखरिया ने बताया कि एशियन गेम्स से पहले उन पर मानसिक दबाव काफी ज़्यादा था। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह निजी तौर पर काफी बड़ी उपलब्धि है। कॉमनवेल्थ गेम्स में मैं हार गया था और मेडल लाने से चूक गया था। ऐसे में मेरे मन में यह था कि कॉमनवेल्थ में तो मेडल मिस हो गया, लेकिन एशियन गेम्स में हर हाल में देश के लिए मेडल तो लाना ही है। मुझे ब्रॉन्ज मेडल जीतने की बेहद खुशी है।'

उन्होंने स्वीकार किया कि एशियन गेम्स चार साल में एक बार आते हैं, इसलिए इस अवसर को गँवाने का डर उन पर हावी था। मेडल सुनिश्चित होते ही उनका सारा दबाव छंट गया।

सेमीफाइनल हार से सीख

कपिल फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे और सेमीफाइनल में उज़्बेकिस्तान के बॉक्सर तुरबेक खबीबुल्लाव के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस हार पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'सेमीफाइनल मैच में वह लड़का मेरे से बेहतर खेला, जिसके कारण मुझे हार का सामना करना पड़ा।' कपिल ने बताया कि मैच के बाद उन्होंने अपने कोच से विस्तृत फीडबैक लिया और अब कैंप में वापस लौटकर अपनी कमज़ोरियों पर काम करेंगे।

अगला लक्ष्य — वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक

कपिल ने कहा कि अगले साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'अगले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप है और मेरी कोशिश रहेगी कि यहां देश के लिए मेडल जीतकर ला सकूं।' इसके बाद ओलंपिक क्वालिफिकेशन भी उनके रडार पर है।

उन्होंने ओलंपिक सपने के बारे में कहा, 'हर एथलीट का सपना ओलंपिक में खेलना होता है। मैं भी चाहूंगा कि मैं पहले ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करूं और फिर देश के लिए मेडल लेकर आ सकूं।'

करियर के लिहाज़ से निर्णायक दो साल

कपिल पोखरिया के अनुसार आने वाले दो साल उनके बॉक्सिंग करियर की दिशा तय करेंगे। वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रदर्शन और उसके बाद ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया — दोनों मिलकर यह निर्धारित करेंगे कि वे भारत के शीर्ष मुक्केबाज़ों की पंक्ति में अपनी जगह बना पाते हैं या नहीं। गौरतलब है कि भारतीय बॉक्सिंग में हैवीवेट वर्ग में ओलंपिक प्रतिनिधित्व की परंपरा अपेक्षाकृत कम रही है, इसलिए कपिल का लक्ष्य इस शून्य को भरने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज से हासिल आत्मविश्वास और सेमीफाइनल हार से मिली सीख के साथ, कपिल पोखरिया अब अपने करियर के सबसे बड़े अध्याय की तैयारी में जुट गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय हैवीवेट बॉक्सिंग की उस खाई को पाटने की है जो ओलंपिक स्तर पर लंबे समय से बनी हुई है। कॉमनवेल्थ में चूक और एशियन गेम्स में सेमीफाइनल तक पहुँचकर रुकना दर्शाता है कि तकनीकी परिष्कार और रणनीतिक तैयारी में अभी अंतर है। असली परीक्षा वर्ल्ड चैंपियनशिप होगी — जहाँ प्रतिस्पर्धा का स्तर एशियाई खेलों से कहीं ऊँचा है। यदि कपिल वहाँ पदक तालिका में जगह बनाते हैं, तो ओलंपिक क्वालिफिकेशन स्वाभाविक रूप से आसान हो जाएगा; अन्यथा यह सफर और लंबा खिंच सकता है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपिल पोखरिया ने एशियन गेम्स 2026 में कौन-सा मेडल जीता?
कपिल पोखरिया ने एशियन गेम्स 2026 में 90 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वे सेमीफाइनल में उज़्बेकिस्तान के बॉक्सर तुरबेक खबीबुल्लाव से हारे थे, जिससे फाइनल में जगह नहीं बना सके।
कपिल पोखरिया का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
कपिल पोखरिया का तत्काल लक्ष्य अगले साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए मेडल जीतना है। इसके बाद वे ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करके वहाँ भी पदक लाना चाहते हैं।
सेमीफाइनल हार के बाद कपिल पोखरिया ने क्या कहा?
कपिल ने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में उज़्बेकिस्तान का बॉक्सर उनसे बेहतर खेला। उन्होंने कोच से अपनी कमज़ोरियों का विश्लेषण किया और कहा कि कैंप में लौटकर उन पर काम करेंगे।
कपिल पोखरिया कहाँ से हैं और उन्होंने किस वर्ग में बॉक्सिंग की?
कपिल पोखरिया उत्तराखंड के खटीमा से हैं और उन्होंने 90 किलोग्राम वर्ग में एशियन गेम्स 2026 में प्रतिस्पर्धा की।
कपिल पोखरिया के अनुसार अगले दो साल क्यों महत्वपूर्ण हैं?
कपिल के अनुसार अगले दो साल करियर के लिहाज़ से सबसे निर्णायक हैं क्योंकि इस दौरान वर्ल्ड चैंपियनशिप होगी और उसके बाद ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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