एशियन गेम्स 2026: भारतीय मुक्केबाजों ने जीते 6 पदक, लवलीना-परवीन-अंकुश का स्वर्णिम कमाल
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी दल ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में 3 स्वर्ण और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदक जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और 4 अक्टूबर 2026 को स्वदेश लौट आया। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि इस बार भारत ने मुक्केबाजी में उज़्बेकिस्तान, कज़ाकिस्तान और चीन को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया।
भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
BFI के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, 'यह बहुत गर्व की बात है। हमें लगता है कि भारत इस बार एशियन गेम्स में उज़्बेकिस्तान, कज़ाकिस्तान और चीन से आगे नंबर वन पर आया, जिन्हें बॉक्सिंग में बड़ी ताकत माना जाता है।' उन्होंने टीम को बधाई देते हुए आगे सतर्कता बरतने की सलाह भी दी — 'हमें अति आत्मविश्वास का शिकार नहीं होना है और भविष्य में अपनी कमियों को दूर करने पर काम करना है।'
गौरतलब है कि पहले भारत को केवल लाइट वेट वर्ग में मज़बूत माना जाता था। अजय सिंह ने बताया कि इस बार 80 किग्रा और 90+ किग्रा जैसे हैवी वेट वर्गों में भी पदक मिले, जो भारतीय मुक्केबाजी की परिपक्वता और विस्तार का संकेत है।
स्वर्ण पदक विजेताओं की प्रतिक्रिया
ओलंपिक पदक विजेता और स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कहा, 'मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह एक बहुत ही खास एहसास है क्योंकि जब हम मेडल जीतते हैं और हमारी वजह से राष्ट्रगान बजता है, तो यह हर एथलीट का सपना होता है, और मैं अभी उस सपने को जी रही हूं।' उन्होंने करीब 15 साल के कठिन सफर को याद करते हुए कहा कि कई उतार-चढ़ाव के बाद वे मानसिक रूप से और मज़बूत हुई हैं।
स्वर्ण पदक विजेता परवीन हुड्डा ने बताया कि पिछले एशियन गेम्स के बाद चोट के कारण लंबे ब्रेक के बावजूद उन्होंने अभ्यास जारी रखा। उन्होंने कहा, 'बहुत अच्छा लग रहा है कि हम देश के लिए कुछ कर पाए। इंडिया की मेडल टैली में हमारा भी योगदान है।'
अंकुश पंघाल ने इस वर्ष का दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण जीता था और अब एशियन गेम्स में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। अंकुश ने कहा, 'चैलेंज यह था कि किसी तरह देश के लिए यहां मेडल जीतूं। मुझे इस बार भी गोल्ड मेडल घर लाना था।'
कांस्य पदक विजेताओं की बात
नरेंद्र बेरवाल ने इस साल का तीसरा बड़ा इवेंट पदक जीता — पहले एशियन चैंपियनशिप में, फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में, और अब एशियन गेम्स में कांस्य। उनका अगला लक्ष्य अप्रैल 2027 में होने वाली विश्व चैंपियनशिप है।
पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाली प्रिया घनघस ने कांस्य जीतकर देश का मान बढ़ाया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें स्वर्ण की उम्मीद थी, लेकिन इसे सीखने का अनुभव बताते हुए आगे बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया।
कपिल पोखरिया ने एशियन गेम्स में अपना पहला पदक जीता। उन्होंने कहा, 'हम हर दिन पदक तालिका चेक करते रहते हैं। मैं सोचता था — मुझे भी योगदान करना चाहिए और देश के लिए मेडल जीतना चाहिए।'
भारत का कुल पदक प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल ने कुल 85 पदक जीते — जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य शामिल हैं। मुक्केबाजी ने इस तालिका में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए 6 पदक हासिल किए।
आगे क्या
भारतीय मुक्केबाजी दल की नज़र अब अप्रैल 2027 में होने वाली विश्व चैंपियनशिप पर है। BFI अध्यक्ष अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि दल को इस सफलता पर गर्व करते हुए भी कमियाँ दूर करने का काम जारी रखना होगा, ताकि आने वाली प्रतियोगिताओं में भारत की बादशाहत बरकरार रहे।