30 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: बीएफआई प्रमुख अजय सिंह बोले — 11 इवेंट्स में 6 मेडल, ओलंपिक में भी दोहराएंगे प्रदर्शन

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एशियन गेम्स 2026: बीएफआई प्रमुख अजय सिंह बोले — 11 इवेंट्स में 6 मेडल, ओलंपिक में भी दोहराएंगे प्रदर्शन

सारांश

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ी अभियान रफ्तार पर है — 11 इवेंट्स में 6 मेडल और तीन फाइनलिस्ट के साथ। बीएफआई प्रमुख अजय सिंह का कहना है कि यह प्रदर्शन ओलंपिक तैयारी का सबसे विश्वसनीय पैमाना है, और 2 अक्टूबर को भारत के पास तीन स्वर्ण पदक जीतने का सुनहरा मौका है।

मुख्य बातें

बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में 11 इवेंट्स में 6 मेडल को पिछले संस्करण ( 13 इवेंट्स में 4 मेडल ) से बेहतर बताया।
प्रिया घंघस (महिला 60 किग्रा), नरेंद्र (पुरुष 90+ किग्रा) और कपिल पोखरिया (पुरुष 90 किग्रा) ने सेमीफाइनल में हारकर ब्रॉन्ज मेडल जीते।
लवलीना बोरगोहेन ने कज़ाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 से हराकर महिला 75 किग्रा फाइनल में प्रवेश किया।
परवीन हुड्डा और अंकुश दहिया भी अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुँचे — भारत के पास 2 अक्टूबर को 3 गोल्ड मेडल के मौके।
अजय सिंह ने कहा कि एशियन गेम्स का प्रदर्शन सीधे ओलंपिक स्तर का संकेतक है।

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने 30 सितंबर 2026 को आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि 11 इवेंट्स में 6 मेडल हासिल करना पिछले संस्करण के मुकाबले बड़ी छलांग है और यह दल की महाद्वीपीय स्तर पर बढ़ती ताकत को रेखांकित करता है। तीन मुक्केबाज फाइनल में पहुँच चुके हैं, जिससे 2 अक्टूबर को स्वर्ण पदक के तीन मौके भारत के पास हैं।

मेडल टैली और पिछले संस्करण से तुलना

अजय सिंह ने बताया, 'हमें इन एशियन गेम्स में 11 इवेंट्स में छह मेडल मिले हैं। पिछली बार हमें 13 इवेंट्स में चार मेडल मिले थे। इसलिए हमने पिछली बार की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है।' गौरतलब है कि बॉक्सिंग में एशियाई खेल ओलंपिक की तरह ही प्रतिस्पर्धी होते हैं, क्योंकि दुनिया के शीर्ष देश इनमें भाग लेते हैं। इस लिहाज़ से यह तुलना सीधे ओलंपिक तैयारी का पैमाना बन जाती है।

तीन ब्रॉन्ज मेडल: प्रिया, नरेंद्र और कपिल बाहर

महिलाओं के 60 किग्रा सेमीफाइनल में कॉमनवेल्थ गेम्स की मौजूदा चैंपियन प्रिया घंघस को चीन की यांग चेंग्यु से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। प्रिया ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन तीन राउंड में जजों को पर्याप्त अंकों से प्रभावित नहीं कर सकीं और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

नरेंद्र ने पुरुषों के 90 प्लस किग्रा वर्ग में कज़ाकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन ओरलबे से 0-5 से हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल जीता। ओरलबे ने अपनी पंचिंग और रक्षात्मक कौशल से पूरे मैच पर पकड़ बनाए रखते हुए सर्वसम्मति से जीत दर्ज की। पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में कपिल पोखरिया उज़्बेकिस्तान के विश्व चैंपियन तुराबेक खबीबुल्लाएव से 1-4 से हारकर ब्रॉन्ज मेडल पर रुके।

तीन फाइनलिस्ट: गोल्ड की दावेदारी

लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा सेमीफाइनल में कज़ाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। परवीन हुड्डा और अंकुश दहिया भी अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुँच गए हैं। इस तरह 2 अक्टूबर को होने वाले फाइनल में भारत के पास तीन स्वर्ण पदक जीतने के मौके हैं।

ओलंपिक के लिए संकेत

अजय सिंह ने कहा, 'दुनिया के सभी टॉप देश एशियाई खेलों में हिस्सा लेते हैं। इसी कारण यहाँ हम जैसा भी प्रदर्शन कर रहे हैं, पूरी संभावना है कि ओलंपिक में भी वैसा ही प्रदर्शन दोहराया जाएगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय मुक्केबाज़ी ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान मज़बूत की है। लवलीना जैसी ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ी की मौजूदगी से उम्मीदें और बढ़ जाती हैं। यदि फाइनल में भारत के मुक्केबाज़ स्वर्ण पदक जीतते हैं, तो यह दल के ओलंपिक अभियान के लिए अत्यंत मज़बूत आधार बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में तीनों हारे हुए मुक्केबाज़ विश्व चैंपियनों से पराजित हुए — यानी अभिजात वर्ग के विरुद्ध अंतर अभी भी मौजूद है। लवलीना, परवीन और अंकुश का फाइनल में पहुँचना निःसंदेह प्रगति है, परंतु स्वर्ण पदक जीतने की दर ही असली कसौटी होगी। भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए वास्तविक ओलंपिक सफलता तब मानी जाएगी जब फाइनल में पहुँचने के साथ-साथ जीत भी होगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ों ने कितने मेडल जीते?
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में 11 इवेंट्स में कुल 6 मेडल जीते हैं। इनमें से 3 ब्रॉन्ज मेडल मिल चुके हैं और 3 फाइनलिस्ट (लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा, अंकुश दहिया) 2 अक्टूबर को स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरेंगे।
लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 फाइनल में कैसे प्रवेश किया?
लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा सेमीफाइनल में कज़ाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 के कड़े मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई। वह अब 2 अक्टूबर को गोल्ड मेडल के लिए खेलेंगी।
बीएफआई प्रमुख अजय सिंह ने एशियन गेम्स को ओलंपिक से क्यों जोड़ा?
अजय सिंह का कहना है कि बॉक्सिंग के लिए एशियन गेम्स काफी हद तक ओलंपिक जैसे ही होते हैं क्योंकि दुनिया के सभी शीर्ष देश इनमें भाग लेते हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि यहाँ का प्रदर्शन ओलंपिक में भी दोहराए जाने की पूरी संभावना है।
प्रिया घंघस, नरेंद्र और कपिल पोखरिया को ब्रॉन्ज मेडल कैसे मिला?
तीनों मुक्केबाज़ अपने-अपने सेमीफाइनल में हार गए, जिसके चलते उन्हें ब्रॉन्ज मेडल दिए गए। प्रिया चीन की यांग चेंग्यु से 1-4 से, नरेंद्र कज़ाकिस्तान के विश्व चैंपियन ओरलबे से 0-5 से और कपिल उज़्बेकिस्तान के विश्व चैंपियन तुराबेक खबीबुल्लाएव से 1-4 से हारे।
भारत के बॉक्सिंग फाइनल 2026 एशियन गेम्स में कब होंगे?
भारत के तीनों बॉक्सिंग फाइनल मुकाबले 2 अक्टूबर को आइची-नागोया में आयोजित होने की उम्मीद है। लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश दहिया अपने-अपने वर्ग में गोल्ड मेडल के लिए मैदान में उतरेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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