एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का सर्वश्रेष्ठ अभियान: 3 गोल्ड सहित 6 मेडल, बीएफआई प्रमुख बोले — '44वें से सीधे टॉप पर'
सारांश
मुख्य बातें
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने 4 अक्टूबर 2026 को नागोया में भारतीय मुक्केबाजी की ऐतिहासिक छलांग की सराहना करते हुए कहा कि जब उन्होंने अध्यक्ष पद संभाला था, तब भारत विश्व बॉक्सिंग रैंकिंग में 44वें स्थान पर था — आज वह शीर्ष पर है। एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज सहित कुल 6 मेडल जीते, जो एशियाई खेलों के इतिहास में भारतीय मुक्केबाजी का अब तक का सबसे सफल अभियान है।
ऐतिहासिक प्रदर्शन: गोल्ड और ब्रॉन्ज विजेता कौन रहे
लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने गोल्ड मेडल जीते, जबकि कपिल पोखरिया (90 किग्रा), नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) और प्रिया घांघस (60 किग्रा) ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। इससे पहले एशियन गेम्स 2010 (ग्वांगझू) में भारत ने महज 2 गोल्ड जीते थे — इस बार का प्रदर्शन उस बेंचमार्क से कहीं आगे निकल गया।
लवलीना बोरगोहेन ने रचा इतिहास
लवलीना बोरगोहेन ने हांगझू 2023 में जीते अपने सिल्वर मेडल को इस बार गोल्ड में बदलकर एशियाई खेलों के इतिहास में एक विशेष दर्जा हासिल किया। वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं — पहली यह उपलब्धि मैरी कॉम ने एशियन गेम्स 2014 में हासिल की थी। लवलीना की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने महिलाओं के सर्वाधिक भारवर्ग (75 किग्रा) में यह कामयाबी दिलाई।
हैवीवेट श्रेणी में भारत की नई पहचान
बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने विशेष रूप से हैवीवेट श्रेणियों में मेडल जीतने को एक बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, पहले यह धारणा प्रचलित थी कि भारत केवल लाइट वेट कैटेगरी में ही मेडल जीत सकता है। उन्होंने कहा, 'इस बार हमने हैवीवेट कैटेगरी में कई मेडल जीते हैं। अंकुश ने 80 किग्रा में, नरेंद्र ने 90 किग्रा में और कपिल ने भी मेडल जीता है — यह बहुत अच्छा रहा।'
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से एशियन गेम्स तक: एक निरंतर उभार
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी भारतीय मुक्केबाजों ने 10 मेडल जीते थे, जिनमें रिकॉर्ड 7 गोल्ड शामिल थे — किसी भी एक संस्करण में किसी भी देश द्वारा बॉक्सिंग में जीते गए सर्वाधिक गोल्ड। इसके अलावा, भारत एशियाई चैंपियनशिप में दूसरे और विश्व चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रहा था। अजय सिंह ने कहा, 'सिर्फ एशियन गेम्स में ही नहीं, भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पहले नंबर पर रहा।'
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 की तैयारी और आगे की राह
BFI के चयन मानदंड के अनुसार, एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले मुक्केबाज अपनी-अपनी वजन श्रेणी में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2027 के लिए सीधी प्रविष्टि पाएंगे। कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली यह विश्व चैंपियनशिप, लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए पहला क्वालिफाइंग इवेंट होगी। अजय सिंह ने कहा, 'हमें जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास नहीं रखना चाहिए। हमें अपनी कमजोरियों पर काम करने की कोशिश करनी चाहिए।' टीम का ध्यान अब मुक्केबाजों की कमजोरियों को दूर कर उन्हें 2028 समर गेम्स के लिए पूरी तरह तैयार करने पर है।