फीफा लाओपाकडी ने लगातार दूसरी बार एशिया-पैसिफिक एमेच्योर गोल्फ खिताब जीता, 2027 मास्टर्स में मिला प्रवेश
सारांश
मुख्य बातें
थाईलैंड के फीफा लाओपाकडी ने 1 नवंबर 2026 को न्यूजीलैंड के ते अराई लिंक्स के साउथ कोर्स में लगातार दूसरी बार एशिया-पैसिफिक एमेच्योर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने चार राउंड के बाद कुल 6-अंडर 278 का स्कोर बनाया और मेजबान देश के खिलाड़ी जैक स्वानविक को तीन स्ट्रोक से पीछे छोड़ते हुए विजेता बने। इस जीत के साथ लाओपाकडी ने 2027 मास्टर्स टूर्नामेंट में सीधी एंट्री पक्की कर ली है।
मुख्य घटनाक्रम
लाओपाकडी ने टूर्नामेंट की शुरुआत जोरदार अंदाज़ में की। पहले राउंड (गुरुवार) में उन्होंने 8-अंडर 63 का स्कोर दर्ज किया, जिसमें 9वें होल पर 83 गज की दूरी से लगाया गया 'ईगल होल-आउट' और 15वें होल पर लगभग वैसा ही शानदार शॉट शामिल था।
फाइनल राउंड में वे न्यूजीलैंड के कूपर मूर के साथ उतरे और शुरुआत में स्वानविक से दो स्ट्रोक पीछे थे। शुरुआती आठ होल्स में दो और स्ट्रोक गँवाने के बाद उन्होंने धैर्य बनाए रखा और आखिरी 10 होल्स में 3-अंडर का प्रदर्शन किया। उन्होंने 9वें, 11वें और 17वें होल पर बर्डी लगाई और अंततः चैंपियनशिप स्कोर 6-अंडर तक पहुँचे।
टर्निंग पॉइंट: 11वाँ होल
फाइनल राउंड का निर्णायक मोड़ 11वें होल (पार-4) पर आया। उस वक्त लाओपाकडी स्वानविक से दो स्ट्रोक पीछे थे। स्वानविक का अप्रोच शॉट ग्रीन के पास वाले बंकर में चला गया और रिकवरी शॉट ग्रीन के सामने लुढ़क गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें ट्रिपल बोगी मिली। इसी होल पर लाओपाकडी ने बर्डी पुट लगाई — यह एक ही होल पर चार-शॉट का उलटफेर था, जिसने पूरी चैंपियनशिप की दिशा बदल दी।
स्वानविक का शानदार सफर
जैक स्वानविक ने टूर्नामेंट के पहले तीन राउंड तक बढ़त बनाए रखी। हफ्ते की शुरुआत 15 होल्स में 4-ओवर पार से हुई, लेकिन अगले 39 होल्स में उन्होंने 11-अंडर का असाधारण प्रदर्शन किया। अंतिम राउंड में उन्होंने 75 का स्कोर किया, पर 18वें होल पर बर्डी लगाकर अकेले दूसरे स्थान पर रहे। चैंपियनशिप के 17 साल के इतिहास में किसी न्यूजीलैंड खिलाड़ी का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (रनर-अप) है।
अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन और भारतीय उम्मीदें
ऑस्ट्रेलिया के कायुन मुदादाना ने अंतिम राउंड में 67 का स्कोर करते हुए 2-अंडर 282 के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। कूपर मूर 1-अंडर 283 के साथ चौथे और रयान जी ईवन-पार 284 के साथ पाँचवें स्थान पर रहे।
भारतीय चुनौती के संदर्भ में, अंशुल मिश्रा, अर्केश भाटिया और रिभव वर्मा में से कोई भी 'कट' पार नहीं कर सका। तीनों खिलाड़ियों की नज़रें अब 2027 में वियतनाम के होई आन में होने वाले अगले संस्करण पर टिकी हैं।
ऐतिहासिक उपलब्धि और आगे का रास्ता
लगातार दूसरी बार यह खिताब जीतकर लाओपाकडी हिदेकी मात्सुयामा (2021 मास्टर्स चैंपियन) की बराबरी पर आ गए हैं, जिन्होंने 2010 (जापान) और 2011 (सिंगापुर) में लगातार दो बार यह चैंपियनशिप जीती थी। गौरतलब है कि लाओपाकडी ने इससे पहले यह खिताब दुबई में जीता था।
इस जीत ने लाओपाकडी को 2027 मास्टर्स टूर्नामेंट का निमंत्रण दिलाया है और साथ ही सेंट एंड्रयूज में होने वाले 155वें ओपन में सीधे प्रवेश का अधिकार भी। एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के इस सीनियर खिलाड़ी ने इस साल ऑगस्टा नेशनल गोल्फ क्लब और रॉयल बिर्कडेल गोल्फ क्लब में अपने प्रमुख टूर्नामेंट्स (मेजर) की शुरुआत की थी। अगला एशिया-पैसिफिक एमेच्योर संस्करण 28 से 31 अक्टूबर 2027 तक वियतनाम के होई आन स्थित होइयाना शोर्स गोल्फ क्लब में आयोजित होगा।