बॉल-टैम्परिंग विवाद: लेहमैन ने ख्वाजा के आरोप नकारे, '8 साल बाद किताब बेचने की कोशिश गलत'
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व हेड कोच डैरेन लेहमैन ने 7 नवंबर 2026 को पूर्व सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के उस दावे को सिरे से खारिज किया, जिसमें ख्वाजा ने कहा था कि मार्च 2018 के केप टाउन बॉल-टैम्परिंग कांड की योजना के बारे में पूरे ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम को पहले से पता था। लेहमैन ने एबीसी स्पोर्ट के समर ग्रैंडस्टैंड से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सैंडपेपर के इस्तेमाल की जानकारी सीमित लोगों तक ही थी, और यह दावा ख्वाजा की आने वाली किताब 'सब्र' के प्रचार से प्रेरित लग रहा है।
ख्वाजा का दावा और लेहमैन का खंडन
ख्वाजा ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से बातचीत में कहा था कि केप टाउन टेस्ट में बॉल-टैम्परिंग की साजिश की जानकारी दल के सभी खिलाड़ियों को थी। इस दावे को लेहमैन ने गलत ठहराते हुए कहा कि बॉल-टैम्परिंग की सामान्य जानकारी और कैमरन बैनक्रॉफ्ट द्वारा सैंडपेपर के खास इस्तेमाल की जानकारी में बुनियादी फर्क है।
लेहमैन ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि हर किसी को सैंडपेपर के इस्तेमाल के बारे में पता होता। आपको पता है कि बॉल टैम्परिंग हो रही है, क्योंकि यह 150 सालों से हो रही है। बस यह है कि यह कैसे किया जा रहा है — और आपको उस हद तक कैसे पता चलेगा? मैं सिर्फ वही बता सकता हूं जो मुझे पता है।'
केप टाउन कांड: पृष्ठभूमि
मार्च 2018 में केप टाउन टेस्ट के दौरान बैनक्रॉफ्ट को गेंद की सतह खुरदुरी करने के लिए सैंडपेपर का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में पकड़ा गया था। जाँच के बाद तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ और उप-कप्तान डेविड वार्नर को लंबे समय के लिए निलंबित किया गया, और बैनक्रॉफ्ट को भी प्रतिबंध झेलना पड़ा। लेहमैन ने कुछ समय बाद कोचिंग पद से इस्तीफा दे दिया। यह विवाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा नैतिक संकट माना जाता है।
सामूहिक जिम्मेदारी और अनिश्चितता
ख्वाजा ने यह भी दावा किया कि बैनक्रॉफ्ट के पकड़े जाने के बाद उन्होंने पूरी टीम की ओर से सामूहिक जिम्मेदारी लेने का प्रस्ताव रखा था। लेहमैन ने कहा कि वह इसकी पुष्टि नहीं कर सकते, क्योंकि उस दौरान वह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ बैठकों में व्यस्त थे और टीम अलग-अलग ड्रेसिंग रूम में बंटी हुई थी।
लेहमैन ने कहा, 'जाहिर है, दो चेंज रूम थे और हर जगह मीटिंग चल रही थीं। ऐसा हो सकता है, मुझे नहीं पता। मैं इस पर हाँ या ना नहीं कह रहा हूं — इस पूरे मामले पर हर जगह अलग-अलग नज़रिए होंगे।'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की प्रतिक्रिया
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने विवाद के फिर से भड़कने पर अपनी प्रारंभिक जाँच के निष्कर्षों पर भरोसा जताया। संस्था के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, '2018 के केप टाउन टेस्ट के बाद से आठ वर्षों में बहुत सारे अंदाज़े लगाए गए हैं। कोई भी ज़रूरी जानकारी पेश करने का लगातार मौका मिला है, और यह अभी भी वैसा ही है। हम अपनी ईमानदारी प्रक्रिया के नतीजों से संतुष्ट हैं।'
लेहमैन का व्यक्तिगत दर्द और सवाल
लेहमैन ने बताया कि स्कैंडल के बाद उन्होंने खुद को करीब चार महीने तक घर के भीतर बंद रख लिया था। उन्होंने ख्वाजा की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने सार्वजनिक आरोप लगाने से पहले उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं किया।
लेहमैन ने कहा, 'घटना के आठ साल बाद और एक किताब बेचने की कोशिश करना थोड़ा अलग है। परिवारों और इसमें शामिल लोगों के लिए यह उन्हें एक बहुत बुरी जगह पर वापस ले जा रहा है। मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गया हूं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ख्वाजा ने उन्हें न कोई टेक्स्ट किया, न फोन — सार्वजनिक आरोप लगाने से पहले कोई संवाद नहीं हुआ।
ख्वाजा की किताब के रिलीज होने पर यह विवाद और गहरा हो सकता है, क्योंकि इसमें उन दावों का विस्तृत ब्यौरा होने की संभावना है जिन पर लेहमैन और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया दोनों ने सवाल उठाए हैं।