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महेला जयवर्धने के टेस्ट संन्यास के 12 साल: 11,814 रन, 34 शतक और एक अमर विरासत

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महेला जयवर्धने के टेस्ट संन्यास के 12 साल: 11,814 रन, 34 शतक और एक अमर विरासत

सारांश

18 अगस्त 2014 को जब महेला जयवर्धने ने पाकिस्तान के खिलाफ 54 रन बनाकर मैदान छोड़ा, तो श्रीलंकाई क्रिकेट का एक स्वर्णिम अध्याय बंद हो गया। 149 टेस्ट, 11,814 रन, 34 शतक और टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी — यह विरासत 12 साल बाद भी उतनी ही चमकदार है।

मुख्य बातें

महेला जयवर्धने ने 18 अगस्त 2014 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट खेला; आखिरी पारी में 54 रन बनाए।
17 साल के टेस्ट करियर में 149 मैच , 11,814 रन , 34 शतक और 50 अर्धशतक ; औसत 49.83 ।
टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 374 रन ; तिहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल।
कुमार संगकारा के साथ तीसरे विकेट की 624 रन की साझेदारी — टेस्ट इतिहास में किसी भी विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी।
वनडे में 12,650 रन ( 448 मैच ); 2014 टी20 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य; 2015 वनडे विश्व कप के बाद पूर्ण संन्यास।
संन्यास के बाद मुंबई इंडियंस (IPL) के साथ कोचिंग भूमिका में सक्रिय।

श्रीलंकाई क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक महेला जयवर्धने ने ठीक 12 साल पहले, 18 अगस्त 2014 को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था। पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए उस अंतिम टेस्ट में जयवर्धने ने आखिरी पारी में 54 रन बनाए और श्रीलंका ने वह मैच 105 रन से जीता — जीत के साथ ही एक युग का समापन हो गया। 17 साल के शानदार टेस्ट सफर का यह विदाई क्षण श्रीलंकाई क्रिकेट इतिहास के सबसे भावनात्मक पलों में से एक माना जाता है।

करियर की शुरुआत और लंबा सफर

जयवर्धने ने अगस्त 1997 में भारत के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 149 टेस्ट मैचों में 252 पारियों में उतरते हुए — जिनमें 15 बार नाबाद रहे — उन्होंने 49.83 की प्रभावशाली औसत से 11,814 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 34 शतक और 50 अर्धशतक निकले।

गौरतलब है कि जयवर्धने टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं। उनका व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर 374 रन है। टेस्ट क्रिकेट में कुमार संगकारा के बाद वह श्रीलंका के दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

विश्व रिकॉर्ड साझेदारी

जयवर्धने की बल्लेबाजी का सबसे ऐतिहासिक अध्याय तब लिखा गया जब उन्होंने कुमार संगकारा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 624 रन की साझेदारी की। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है — एक ऐसा रिकॉर्ड जो आज भी अटूट है।

सीमित ओवरों में भी अमिट छाप

जयवर्धने की महानता केवल टेस्ट क्रिकेट तक सीमित नहीं थी। 448 वनडे मैचों की 418 पारियों में उन्होंने 19 शतक और 77 अर्धशतक की बदौलत 12,650 रन बनाए। 55 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम 1,493 रन दर्ज हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका क्रिकेट अपनी नई पीढ़ी को तराशने में जुटा है — और जयवर्धने जैसे दिग्गजों की विरासत उस प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

कप्तानी और विश्व खिताब

जयवर्धने 2006 से 2009 और 2012 से 2013 तक श्रीलंकाई टीम के कप्तान रहे। उनकी अगुआई में श्रीलंका ने 2008 का एशिया कप जीता और 2007 के वनडे विश्व कप फाइनल में जगह बनाई। 2014 के टी20 विश्व कप में वह जीत का हिस्सा रहे — यह उनके करियर का आखिरी बड़ा खिताब था। इसके बाद 2015 वनडे विश्व कप के पश्चात उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूर्ण संन्यास ले लिया।

संन्यास के बाद की भूमिका

मैदान छोड़ने के बाद भी जयवर्धने क्रिकेट से जुड़े रहे। वह मुंबई इंडियंस (IPL) के साथ कोचिंग स्टाफ में सक्रिय रहे हैं और युवा प्रतिभाओं को निखारने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी क्लासिक बल्लेबाजी शैली और नेतृत्व क्षमता आज भी क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह तकनीक और स्वभाव का ऐसा संगम था जो आधुनिक टी20 युग में दुर्लभ होता जा रहा है। 12 साल बाद भी श्रीलंका उस शून्य को भरने में संघर्ष कर रहा है — यह उनकी महानता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महेला जयवर्धने ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास कब लिया था?
जयवर्धने ने 18 अगस्त 2014 को पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेलकर टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उस मैच में श्रीलंका ने 105 रन से जीत दर्ज की और जयवर्धने ने आखिरी पारी में 54 रन बनाए।
महेला जयवर्धने के टेस्ट करियर के आँकड़े क्या हैं?
जयवर्धने ने 17 साल के टेस्ट करियर में 149 मैचों की 252 पारियों में 49.83 की औसत से 11,814 रन बनाए, जिसमें 34 शतक और 50 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 374 रन है और वह श्रीलंका के लिए कुमार संगकारा के बाद दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले टेस्ट बल्लेबाज हैं।
जयवर्धने और संगकारा की 624 रन की साझेदारी क्यों ऐतिहासिक है?
महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने तीसरे विकेट के लिए 624 रन की साझेदारी की, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। यह रिकॉर्ड आज भी अटूट है।
महेला जयवर्धने ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास कब लिया?
जयवर्धने ने 2015 वनडे विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से पूर्ण संन्यास लिया। टेस्ट से वह 2014 में ही अलग हो चुके थे।
संन्यास के बाद महेला जयवर्धने क्रिकेट में क्या कर रहे हैं?
संन्यास के बाद जयवर्धने मुंबई इंडियंस (IPL) के साथ कोचिंग भूमिका में सक्रिय रहे हैं। वह युवा खिलाड़ियों को तराशने और टीम की रणनीति बनाने में अहम योगदान देते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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