डेब्यू टेस्ट में मानव सुथार का कमाल: 7 विकेट लेकर बने 'प्लेयर ऑफ द मैच', बोले — 'अभी भी यकीन नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने 8 जून 2026 को न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अपने डेब्यू टेस्ट मैच में कुल 7 विकेट लेकर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब अपने नाम किया। पहली पारी में 6 विकेट और दूसरी पारी में 1 विकेट लेने वाले इस युवा स्पिनर ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भारत की पारी-जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।
मैच का घटनाक्रम
भारत ने अपनी पहली पारी 564/8 के विशाल स्कोर पर घोषित की। जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी महज 152 रन पर सिमट गई, जिसके बाद टीम इंडिया ने मेहमान टीम को फॉलोऑन दिया। दूसरी पारी में भी अफगानिस्तान का पूरा दस्ता 112 रन पर ढेर हो गया, और भारत ने पारी से मैच अपने नाम किया।
सुथार का बल्ले से भी योगदान
केवल गेंद ही नहीं, मानव सुथार ने पहली पारी में 41 गेंदों का सामना करते हुए 2 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 28 रन भी बनाए। उनसे पूछा गया कि क्या बल्लेबाजी पहले करने से गेंदबाजी से पहले की घबराहट कम हुई, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, जब मैं बल्लेबाजी करने उतरा तब भी काफी सहज महसूस कर रहा था। कुछ गेंदें खेलने के बाद मुझे लगा कि विकेट स्पिनर्स के लिए थोड़ी मददगार है। फिर जब मैं गेंदबाजी करने आया और पहला ओवर डाला, तब भी मुझे वही महसूस हुआ।'
गेंदबाजी की रणनीति
अपनी गेंदबाजी योजना के बारे में सुथार ने बताया, 'शुरुआत में मेरा फोकस विकेट को समझने पर था। इसलिए मैं अपनी स्टॉक डिलीवरी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहता था। जब मुझे समझ आया कि विकेट थोड़ा धीमा है और गति में बदलाव की जरूरत है, तब मैंने वैसी रणनीति अपनाई।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दूसरी नई गेंद सौंपा जाना उनके लिए गर्व का क्षण था।
डेब्यू का एहसास
भारत के लिए टेस्ट डेब्यू पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए मानव ने कहा, 'यह मेरे लिए बेहद अवास्तविक एहसास था। शुरुआत से ही मेरा सपना भारत के लिए खेलना था। मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता था। इसलिए यह पल मेरे लिए अविश्वसनीय था और सच कहूं तो अभी भी यकीन नहीं हो रहा है।'
टेस्ट क्रिकेट से मिला सबक
इस मैच से मिली सीख के बारे में सुथार ने कहा, 'सबसे बड़ा सबक यह है कि निरंतरता ही सब कुछ है। आपको बार-बार एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी करनी होती है। यह ऐसा फॉर्मेट है, जो बहुत धैर्य की मांग करता है। मैंने यही सीखा है कि धैर्य बनाए रखो, अपनी योजनाओं पर टिके रहो और लगातार सही एरिया में गेंदबाजी करते रहो।' गौरतलब है कि टेस्ट डेब्यू पर इतने प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ सुथार ने भारतीय स्पिन परंपरा में अपनी दावेदारी मज़बूती से पेश की है।