क्या मैंगलोर ड्रैगन्स ने महाराजा ट्रॉफी 2025 जीतकर एक नया इतिहास रचा?

सारांश
Key Takeaways
- मैंगलोर ड्रैगन्स ने महाराजा ट्रॉफी 2025 जीती।
- हमें खेल में टीमवर्क की अहमियत समझ में आई।
- बारिश के कारण मैच को वीजेडी नियम के तहत खत्म किया गया।
- शरत बीआर ने शानदार प्रदर्शन किया।
- खेल ने दर्शकों को रोमांचित किया।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मैंगलोर ड्रैगन्स ने महाराजा ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम किया है। इस टीम ने गुरुवार को मैसूर में खेले गए बारिश से बाधित खिताबी मुकाबले में हुबली टाइगर्स के खिलाफ वीजेडी नियम के तहत 14 रन से जीत हासिल की।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हुबली टाइगर्स को सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत दी। कप्तान देवदत्त पड्डिकल ने मोहम्मद ताहा के साथ 2.3 ओवरों में 38 रन की साझेदारी की।
पड्डिकल ने 7 गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हुए, इसके बाद ताहा 27 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
टीम 87 के स्कोर तक चार विकेट खो चुकी थी। यहां से कृष्णन श्रीजीत ने अभिनव मनोहर के साथ पांचवें विकेट के लिए 29 रन जोड़े। अभिनव 17 रन पर आउट हुए, जबकि कृष्णन ने 45 गेंदों में एक छक्का और चार चौकों की मदद से 52 रन की पारी खेली।
विपक्षी खेमे से सचिन शिंदे ने तीन विकेट लिए, जबकि मैकनील नोरोन्हा और श्रीवत्स आचार्य ने दो-दो विकेट लिए। एक विकेट संतोख सिंह ने लिया।
इसके जवाब में मैंगलोर ड्रैगन्स को लोचन गौड़ा और शरत बीआर की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने 5.5 ओवरों में 55 रन जोड़े। लोचन 17 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शरत ने 35 गेंदों में तीन छक्कों और चार चौकों की मदद से 49 रन की पारी खेली।
टीम ने 10.4 ओवर तक दो विकेट खोकर 85 रन बना लिए थे। पल्लवकुमार दास सात, जबकि अनीश केवी पांच रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे, लेकिन इसी बीच बारिश ने मुकाबला रोक दिया। खेल फिर शुरू नहीं हो सका और ड्रैगन्स को वीजेडी नियम के तहत विजेता घोषित किया गया।
विपक्षी टीम के लिए रितेश भटकल एकमात्र सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने तीन ओवरों में 14 रन देकर दो विकेट लिए।
शरत बीआर को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया, जबकि देवदत्त पड्डिकल 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे।