मणिपुर पुलिस हाफ मैराथन 2026: 3,000 से अधिक धावकों ने लिया हिस्सा, 135वें स्थापना दिवस पर उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर पुलिस हाफ मैराथन 2026 में 18 अक्टूबर को इंफाल में 3,000 से अधिक धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन मणिपुर पुलिस के 135वें स्थापना दिवस (रेजिंग डे) के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम श्रृंखला का हिस्सा था। महिला धावकों की उल्लेखनीय भागीदारी इस दौड़ का विशेष आकर्षण रही।
मुख्य घटनाक्रम
मणिपुर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। दौड़ में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए आयोजकों ने 'चिप-युक्त बिब' तकनीक का उपयोग किया, जिससे प्रत्येक धावक का समय स्वचालित रूप से दर्ज होता है और परिणाम अधिक विश्वसनीय बनते हैं। पुरस्कार वितरण समारोह में मणिपुर के मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने शिरकत की और विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को उनके समर्पण एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया।
आयोजन का उद्देश्य
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस हाफ मैराथन का मुख्य उद्देश्य शारीरिक फिटनेस, खेल उत्कृष्टता और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। यह आयोजन पुलिस बल और आम नागरिकों के बीच पारस्परिक विश्वास एवं संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि ऐसे सामुदायिक आयोजन पुलिस की छवि को जन-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मणिपुर पुलिस का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
मणिपुर पुलिस का इतिहास अप्रैल 1891 की एंग्लो-मणिपुर युद्ध की घटनाओं से जुड़ा है। पुलिस बल के ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, तत्कालीन ब्रिटिश प्रशासन ने 'स्टेट मिलिट्री पुलिस' का गठन किया था, जिसके प्रथम कमांडेंट पॉलिटिकल एजेंट क्रॉफर्ड बने थे। कालांतर में यही बल 'मणिपुर राइफल्स' के रूप में विकसित हुआ, जिसमें पहली बटालियन की दीर्घकालिक संस्थागत विरासत विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
सामुदायिक जुड़ाव और प्रतिबद्धता
1950 के दशक के उत्तरार्ध से राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उग्रवाद से निपटने में मणिपुर पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कर्तव्य पालन के दौरान अनेक जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इस पृष्ठभूमि में आयोजित यह हाफ मैराथन जनसेवा, फिटनेस और सामुदायिक एकजुटता के प्रति पुलिस बल की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मणिपुर पुलिस ने सभी प्रतिभागी धावकों, आम जनता, प्रायोजकों और इवेंट पार्टनर्स का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आगे की राह
135वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की यह श्रृंखला इस हाफ मैराथन के साथ एक यादगार पड़ाव पार कर चुकी है। बड़ी संख्या में नागरिकों की स्वतःस्फूर्त भागीदारी यह दर्शाती है कि सामुदायिक स्तर पर ऐसे आयोजन पुलिस और समाज के बीच सेतु का काम करते हैं। आने वाले वर्षों में इस परंपरा को और व्यापक स्वरूप देने की संभावना है।